[gtranslate]
Country

अमेरिकी संसद में भारतीय झंडा लहराऐ जाने पर गरमाई सियासत

अमेरिकी संसद भवन कैपिटल हिल में हजारों की संख्य़ा में इकट्ठा ट्रंप समर्थकों ने दबाकर तोड़-फोड़ की। ट्रंप समर्थकों ने टेबल, कुर्सी तोड़े औऱ अमेरिकी झंडे और ट्रंप के प्लेकार्ड दिखाए। इस हिंसा के दौरान लहराए गए झंडों में भारतीय झंडा भी दिखाई दिया। अटैक के दौरान वायरल वीडियो में लाल, नीले झंडे के बीच भारतीय तिरंगा भी फहराते एक शख्स दिखा। भारतीय तिंरगा लहराने वाले शख्स का नाम विन्सेंट जेवियर है। जेवियर भारत के केरल का रहने वाला है। जेवियर मोदी समर्थक है, पहले उसने फेसबुक पर लिखा कि ट्रंप की रैली में जाने पर बहुत मजा आया। लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद उसने रेप के समर्थक से जुड़ी सारी पोस्टे हटा दी। लेकिन अब इस मुद्दे को लेकर भारत की राजनीति में गर्माहट आ गई है। कांग्रेस नेता और केरल के तिरुवंतपुरम से लोकसभा सांसद शशि थरूर और बीजेपी नेता वरूण गांधी के बीच काफी गहमागहमी हुई।

 

दरअसल बीजेपी सांसद वरूण गांधी ने अमेरिकी संसद में हुई हिंसा का एक वीडियो अपने ट्वीट पर शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि वहां भारतीय झंडा क्यों है??? यह एक ऐसी लड़ाई है जिसमें हमें निश्चित रूप से शामिल होने की जरूरत नहीं थी। वरूण गांधी के द्वारा शेयर वीडियो पर ट्वीट करते हुए कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि दुर्भाग्यवश वरूण गांधी, कुछ भारतीय भी उस मानसिकता के साथ हैं, जो तुरही भीड़ के रूप में हैं, जो गर्व के बिल्ला के बजाय एक हथियार के रूप में झंडे का उपयोग करने का आनंद लेते हैं, और उन सभी की निंदा करते हैं जो उनसे राष्ट्रविरोधी और गद्दार के रूप में असहमत हैं। वह झंडा हम सभी के लिए एक चेतावनी है। इसके बाद दोनों एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे। शशि थरूर को जवाब देते हुए वरूण गांधी ने लिखा दुर्भाग्यवश, अधिकांश उदारवादियों ने भारत में भी राष्ट्रविरोधी विरोध (जैसे जेएनयू में) में इसके दुरुपयोग की चेतावनियों को घोर नजरअंदाज कर दिया है। यह हमारे लिए गर्व का प्रतीक है, और हम इसे किसी भी मानसिकता के कारण संबंध के बिना पूजा करते हैं।

इसके बाद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास नहीं होता कि यह हमारे साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों के लिए कोई निहितार्थ होना चाहिए, लेकिन यह एक मर्यादित अनुस्मारक है। प्रधानमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए अच्छा संकेत दिया, इससे पता चला कि वह और सरकार उन लोगों से खुद को दूर कर रहे हैं जो मानते हैं कि इस बार भी ट्रंप सरकार। इसके बाद वरूण गांधी ने ट्वीट कर कहा कि इन दिनों, हमारे देश में हमारे गौरव को प्रदर्शित करने के लिए हमारे झंडे का उपयोग करने के लिए भारतीयों को उपहास करना बहुत आसान हो गया है। साथ ही, नापाक उद्देश्यों के लिए झंडे का उपयोग करना भी आसान है।

बता दें कि दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका 7 जनवरी को अपने ही बनाए सविधान की उस समय धज्जि उड़ाता दिखा जब संसद के बाहर निवर्तमान राष्ट्पति डोनाल्ड ट्रम्प के समर्थक हिंसा पर उतारू हो गए थे। यहां वोटिंग के 64 दिन बाद जब अमेरिकी संसद जो बाइडेन की जीत पर मुहर लगाने जा रही थी। ऐसे समय में अमेरिकी लोकतंत्र शर्मसार हो गया। देखते ही देखते ट्रम्प के समर्थक दंगाइयों में तब्दील हो गए। वे न केवल संसद में घुसे बल्कि जमकर तोड़फोड़ और हिंसा की। यही नहीं बल्कि गोलियां भी चली। हिंसा में कुल चार लोगों मौत हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां ट्रम्प समर्थकों के प्लान को समझने में नाकाम रहीं। बामुश्किल मिलिट्री की स्पेशल यूनिट दंगाइयों को काबू कर पाई। कई घंटे तक हुए बवाल के बाद संसद की कार्यवाही फिर से शुरू की जा सकी। फिलहाल वाशिंगटन में 15 दिन के लिए आपातकाल लगा दिया गया है।

You may also like

MERA DDDD DDD DD