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‘बिहार की बात’ को ‘बात बिहार की’ करके फंसे PK, मुकदमा दर्ज

'बिहार की बात' को 'बात बिहार की' करके फंसे PK, मुकदमा दर्ज

एक कहावत है- ‘सिर मुँड़ाते ही ओले पड़ना’। यह कहावत फिलहाल राजनीतिक रणनीतिकार किशोर प्रशांत किशोर यानी पीके पर सटीक बैठती है। मात्र आठ दिन पहले ही ‘बात बिहार की’ कार्यक्रम की शुरुआत करके बिहार की राजनीति में चर्चा के केंद्र में आए प्रशांत किशोर एक बार फिर सुर्ख़ियों में है। इस बार उन पर ‘बिहार की बात’ को ‘बात बिहार की’ करके कंटेंट चुराने का आरोप लगा है। यही नहीं बल्कि प्रशांत किशोर और उनके साथी ओसामा पर इस मामले को लेकर जालसाजी का मुकदमा भी दर्ज हो गया है।

गौरतलब है कि 18 फरवरी को प्रशांत किशोर ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस थी। जिसमें उन्होंने ‘बात बिहार की’ कार्यक्रम की घोषणा किया था। इस कार्यक्रम के तहत प्रशांत किशोर को बिहार की युवा जनता से जुड़ना था। जिसमें उन्होंने 20 मार्च तक 30 लाख लोगों के जोड़ने का दावा किया था। उनका यह दावा सच भी साबित होता हुआ दिख रहा था। क्योंकि ‘बात बिहार की’ कार्यक्रम शुरू होने के पहले दिन ही इस कार्यक्रम में तीन लाख से ज्यादा लोग जुड़ गए थे। इस कार्यक्रम में जुड़ने वालों में सबसे ज्यादा संख्या पटना जिले के लोगों की बताई जा रही है।

18 फरवरी को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा था कि मैं ‘बात बिहार की’ कार्यक्रम में ऐसे लोगों को जोड़ना चाहता हूं जो बिहार को अग्रणी राज्यों की दौड़ में शामिल करना चाहते हैं। यही नहीं बल्कि उन्होंने कहा कि जो लोग बिहार को अगले 10 सालों में टॉप टेन राज्यों में सुमार देखना चाहते हैं वह इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे। यही नहीं बल्कि उन्होंने यह भी कहा कि जब तक वह जीवित है बिहार के लिए पूरी तरह समर्पित रहेंगे और आखरी सांस तक बिहार के लिए लड़ेंगे।

बहरहाल, बात बिहार की कार्यक्रम को लेकर प्रशांत किशोर और उनके साथी ओसामा के खिलाफ एफआईआर कराने वाले मोतिहारी के निवासी शाश्वत गौतम है। गौतम ने प्रशांत किशोर पर यह एफआईआर ‘बात बिहार की’ कार्यक्रम के लिए कंटेंट की नकल करने का आरोप में कराई है । एफआईआर मे शामिल दूसरे युवक ओसामा का नाम भी है। ओसामा पटना विश्वविद्यालय में छात्रसंघ सचिव का चुनाव लड़ चुका है। फिलहाल, ओसामा प्रशांत किशोर के ‘बात बिहार की’ कार्यक्रम में उनके साथ जुड़े हुए हैं।

गौतम ने अपनी एफआईआर में कहा है कि उन्होंने ‘बिहार की बात’ के नाम से अपना एक प्रोजेक्ट बनाया था जिसे भविष्य में लांच करने की योजना चल रही थी। उस दौरान ओसामा गौतम के साथ ही काम करते थे। इसी दौरान ओसामा ने इस्तीफा दे दिया और प्रशांत किशोर के साथ आ गए। गौतम का आरोप है कि ओसामा ने उनके प्रोजेक्ट ‘बिहार की बात’ का सारा कंटेंट प्रशांत किशोर को सौंप दिया। यही नहीं बल्कि इसके बाद प्रशांत किशोर ने उस कंटेंट को अपनी वेबसाइट पर डाल दिया।

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