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टिकट देने में नेताओं के परिजनों पर मेहरबान पार्टियां

देश में इस समय तीन राज्यों हरियाणा, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाओं के साथ -साथ उत्तर प्रदेश में भी 21 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव होने हैं। हरियाणा-महाराष्ट्र में इन दिनों विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में दो राष्ट्रीय दलों भाजपा और कांग्रेस ने टिकट वितरण के मामले में नेताओं के रिश्तेदारां पर जमकर मेहरबानी की है। भाजपा ने 125 उम्मीदवारों में 16 फीसदी टिकट तो कांग्रेस ने 103 उम्मीदवारों में 18 फीसदी टिकट वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, पूर्व मंत्रियों के रिश्तेदारों में बांटे हैं।

महाराष्ट्र में पत्नियों, बेटे-बेटियों का टिकट

कांग्रेस ने महाराष्ट्र में अब तक दो बार में 103 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं। पार्टी ने राज्य के पूर्व सीएम बिलासराव देशमुख के दो बेटों अमित और धीरज देशमुख को चुनाव मैदान में उतारा है। इसके अलावा पूर्व गृह मंत्रियों शिवराज पाटिल और सुशील कुमार शिंदे के पुत्र और पुत्रियों, पूर्व सीएम अशोक चव्हाण, सांसद सुरेश धनोरकर की पत्नी प्रतिभा, पूर्व मंत्री एकनाथ गायकवाड़ की बेटी वर्षा सहित कई नेताओं के रिश्तेदारों को उपकृत किया है। जहां तक भाजपा का सवाल है तो कांग्रेस की तरह इसने भी नेताओं के रिश्तेदारों को उपकृत करने में कमी नहीं की है।

पार्टी ने 19 सीटों पर नेताओं की पत्नी, बहू, बेटे-बेटियों को उम्मीदवार बनाया है। इनमें पूर्व मंत्री भाऊ साहेब फुंडकर के बेटे आकाश फुंडकर, पूर्व मंत्री मधुकर पिचाड के बेटे वैभव पिचाड, दिवंगत गोपीनाथ मुंडे की पत्नी पंकजा मुंडे, पूर्व मंत्री गणेश नाइक के बेटे संदीप नाइक, पूर्व मंत्री राव साहेब दानवे के बेटे संतोष, माणिकराव गावित के पुत्र भरत गावित, प्रतापराव भोंसले के पुत्र मदन भेंसले, दिलीप कांबले के भाई सुनील कांबले, पूर्व सांसद दत्ता मेघे के बेटे समीर मेघे सहित कई नाम शामिल हैं।

ठाकरे परिवार को भी चाहिए पद
आदित्य ठाकरे अब चुनाव राजनीति में पदार्पण करने जा रहे हैं तो चाचा राज ठाकरे का आशीर्वाद उन्हें मिलेगा। लेकिन पारिवारिक मित्र होने के बावजूद शरद पवार ने आदित्य के विरुद्ध एनसीपी का उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है।
ऐसे में यही कहा जा रहा है कि राज अप्रत्यक्ष रूप से भतीजे की जीतने में मदद करेंगे। उधर एनसीपी ने सुरेश माने को आदित्य के खिलाफ उतारने का निर्णय किया है। हाल में शिवसेना के प्रमुख नेता संजय राउत ने शरद पवार से मिलकर आदित्य के विरुद्ध उम्मीदवार न उतारने को कहा था।
महाराष्ट्र विधानसभा में  इस बार ठाकरे परिवार से आदित्य ठाकरे के चुनावी मैदान में आने से यह चुनाव और भी ज्यादा खास हो गया है। शिवसेना यानी ठाकरे परिवार की राजनीति के इतिहास में पहली बार परिवार का सदस्य चुनाव लड़ रहा है। 3 अक्टूबर को आदित्य ठाकरे ने नामांकन भरा। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बेटे और युवा विंग के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में वर्ली विधानसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल किया है। नामांकन दाखिल करने जाने से पहले आदित्य ठाकरे ने दादा बालासाहेब ठाकरे का आशीर्वाद लिया।  नामांकन के लिए शिवसेना ने रोड शो का भी आयोजन किया था। नामांकन दाखिल करने के बाद आदित्य ठाकरे ने कहा कि मैं काफी खुश और उत्साहित हूं। इतने लोगों का समर्थन पाकर काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं। शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने वर्ली विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल किया। इससे पहले उन्होंने रोड शो कर अपनी ताकत दिखाई। नामांकन दाखिल करने से पहले आदित्य ठाकरे ने तस्वीर के सामने दादा बाला साहेब ठाकरे का आशीर्वाद लिया।छोटा राजन के भाई को टिकट
राजनीति और अंडरवर्ल्ड के बीच हमेशा से ही खींचतान का माहौल रहा है। इस बीच महाराष्ट्र की राजनीति में  नया मोड़ तब आया जब  भाजपा की सहयोगी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) ने पश्चिमी महाराष्ट्र के फलटण विधानसभा सीट से जेल में बंद अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के भाई दीपक निकालजे को चुनावी मैदान में उतारा है। महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसके लिए भाजपा, शिवसेना और अन्य छोटे सहयोगियों के बीच सीटों का बंटवारा हुआ है। इस बंटवारे के तहत केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले के नेतृत्व वाली आरपीआई को छह सीटें दी गई हैं। इन छह सीटों में से एक सीट पर आरपीआई ने दीपक निकालजे को चुनाव लड़ाने का फैसला लिया है।

गौरतलब है कि अठावले ने 2 अक्टूबर को  मुंबई में उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की। ऐसा पहली बार नहीं है कि निकालजे आरपीआई के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, इससे पहले पार्टी के टिकट पर उन्होंने मुंबई के चेंबूर से विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन वह चुनाव हार गए थे।
आरपीआई के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि इस बार दीपक निकालजे ने फलटण से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की क्योंकि वह उस इलाके से आते हैं और उनका वहां अच्छा संपर्क है। वह स्थानीय लोगों के बीच जाने माने व्यक्ति हैं। महाराष्ट्र की अन्य पांच सीटें जहां से आरपीआई के उम्मीदवार मैदान में होंगे, वे हैं सोलापुर जिले के मालशिरस, नांदेड़ जिले के भंडारा और नयगांव, परभणी में पाथरी और मुंबई में मानखुर्द-शिवाजी नगर। साल 2014 में महाराष्ट्र विधानसभा की 288 विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी 122 सीटें हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। भाजपा ने पहली बार महाराष्ट्र में इतनी सीटें हासिल की थीं। वहीं, कांग्रेस 42 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गई। इसके अलावा, शिवसेना 63 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रहने वाली पार्टी थी। शरद पवार की राकांपा को 41 सीटें मिली थीं।हरियाणा में टिकट बेचने का आरोप
हरियाणा विधानसभा हरियाणा कांग्रेस के अंदर चल रही अंदरुनी कलह की आग अब पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की चौखट तक पहुंच गई है।  हरियाणा कांग्रेस के पूर्व प्रमुख अशोक तंवर तो  नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन करने पर उतर आए। यही नहीं उन्होंने हरियाणा की सोहना विधानसभा सीट को 5 करोड़ रुपए में बेचने का आरोप भी लगाया है। तंवर राज्य में हुए टिकट के बंटवारे से नाराज हैं, उन्होंने कहा कि, बीते पांच सालों में जिन्होंने पार्टी के लिए काम किया उन्हें टिकट बंटवारे के दौरान अनदेखा किया गया। जिन्होंने पार्टी के खिलाफ काम किया उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने तवज्जो दी है।

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर ने दिल्ली स्थित पार्टी हेडक्वार्टर के सामने अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने टिकट बंटवारे में पार्टी के नेताओं पर धांधली करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हम हर हाल में परिस्थितियों को संभालेंगे। अगर टिकट बंटवारे में धांधली की गई है तो चुने गए लोगों को कैसे जीत मिलेगी। अशोक तंवर ने कहा कि राज्य में बीते 5 सालों में मैंने पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा है।  राजस्थान में नेतृत्व को खत्म किया जा रहा है। हम हमेशा से अपनी पार्टी को लेकर समर्पित रहे हैं तंवर ने कहा, ‘मैं टिकट बटवारे की प्रक्रिया में शामिल था इसलिए मुझे पता है कि ये सरकार (भाजपा सरकार) बनवाई गई थी, बनी नहीं थी। आज जो 14 बीजेपी विधायक हैं उन्हें यहां से भेज दिया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के 7 सांसदों की पृष्ठभूमि कांग्रेस की रही है। तंवर ने कहा, बीजेपी ने मुझे 3 महीने में 6 बार पार्टी में शामिल होने का ऑफर दिया, लेकिन मैं नहीं गया और कभी नहीं जाउंगा। प्रदेश अध्यक्ष के बदले जाने के बाद हरियाणा में टिकटों की मारामारी बढ़ गई है। एक तरफ प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शैलजा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा अपने खेमे के नेताओं को टिकट दिलाने में लगे हुए हैं। वहीं, अशोक तंवर भी केंद्रीय नेतृत्व से अपने पाले के लोगों को मौका देने के लिए हर कोशिश कर रहे हैं। हरियाणा कांग्रेस में चल रही अंदरूनी कलह 2 अक्टूबर को खुलकर सामने आई, विधानसभा चुनाव के टिकटों को लेकर जमकर बवाल हुआ कि  कांग्रेसियों ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के घर के बाहर भी जमकर हंगामा किया। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर टिकट बेचने का आरोप लगाया गया। यह आरोप हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर ने लगाया। उन्होंने कहा कि टिकट का बंटवारा पैसे के आधार पर हो रहा है। हरियाणा कांग्रेस में टिकट बेचे जा रहे हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पार्टी पदाधिकारियों ने सोनिया गांधी के घर के बाहर प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।
पूरी खबर के लिए यहां क्लिक करें :तंवर ने दिखाए तेवर, सोनिया की घेराबंदी कर कहा करोडो में बिक रहे टिकट
इससे एक दिन पहले ही पूर्व सहकारिता मंत्री व कांग्रेस नेता सतपाल सांगवान और पूर्व राज्यसभा सांसद ईश्वर सिंह ने कांग्रेस का दामन छोड़ दिया था। दोनों ने  दिल्ली में दुष्यंत चौटाला की मौजूदगी में बीजेपी ज्वाइन की। इस दौरान ईश्वर सिंह ने कहा कि दुष्यंत चौटाला के व्यक्तित्व की वजह से उन्होंने जेजेपी में आने का निर्णय लिया है। कांग्रेस में आलाकमान जैसी कोई बात नहीं है। 40 साल में कांग्रेस में रहा हूं। इस दौरान सतपाल सांगवान ने कहा था कि मैंने हुड्डा के लिए बहुत कुछ किया है। उन्होंने दुष्यंत चौटाला से कहा कि वो उन्हें वादा करते हैं कि इस बार वही विधायक बनेंगे।
भारतीय जनता पार्टी ने हरियाणा में अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को करनाल से चुनाव मैदान में उतारा गया है। हरियाणा विधानसभा चुनाव में सेलिब्रिटियों को टिकट देने को लेकर कांग्रेस और बीजेपी में बहस छिड़ गई है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि सभी सितारे मोदी जी के काम से प्रेरित होकर पार्टी में आ रहे हैं. वहीं कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी चुनाव से पहले खरीद फरोख्त कर रही है, हरियाणा में 21 अक्टूबर को चुनाव होने हैं जिनका परिणाम में 24 अक्टूबर को आएंगे ।

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