[gtranslate]
Country

पाक की भाजपा को नसीहत 

 

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की टिप्पणियों पर सख़्त नाराज़गी जताते हुए भाजपा को 99 दी है कि वो पाकिस्तान को अपने चुनावी फायदे के लिए घरेलू राजनीति में ना घसीटे।

दरअसल ,12 दिसंबर को  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वर्ष 1971 के युद्ध में भारत की पाकिस्तान पर जीत की याद में  ‘स्वर्णिम विजय पर्व’ नाम के एक समारोह का उद्घाटन किया था। इस दौरान उन्होंने  पाकिस्तान के बारे में कई टिप्पणियां करते हुए कहा था कि आतंकवाद को बढ़ावा देकर पाकिस्तान भारत को तोड़ना चाहता है। भारतीय सेनाओं ने वर्ष 1971 में उसके मंसूबों को नाकाम किया और अब आतंकवाद को भी जड़ से ख़त्म करने की दिशा में काम कर रही  हैं । हम प्रत्यक्ष युद्द में जीत दर्ज कर चुके हैं, परोक्ष युद्ध में भी विजय हमारी ही होगी।साथ ही आरोप लगाया कि पाकिस्तान  भारत को लेकर नकारात्मक भावना रखता है।
 
उन्होंने आगे कहा, भारत विरोध की भावना पाकिस्तान में इतनी है इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिन आक्रांताओं ने भारत पर हमले किए उनके नाम पर वे अपनी मिसाइलों के नाम रखते हैं। गोरी, ग़जनवी, अब्दाली! उनसे पूछना चाहिए कि इन्होंने तो आज के पाकिस्तानी भू-भाग पर भी हमला किया था। जबकि पाकिस्तान की तुलना में भारत अपनी मिसाइलों के आकाश, पृथ्वी, अग्नि जैसे नाम रखता है और ‘अब तो एक मिसाइल का नाम संत भी रखा गया है। 
 
राजनाथ सिंह के इस बयान के बाद पकिस्तान ने विरोध जताते हुए भारत की सत्ताधारी पार्टी भाजपा को ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने, पुरानी और काल्पनिक बातों को दोहराने और मिथ्या बहादुरी दिखाने में महारथ हासिल है। पाक विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ये परिपाटी तब और दिखने लगती है जब भारत के  महत्वपूर्ण प्रदेशों में चुनाव क़रीब होते हैं। 

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में बीजेपी नेताओं को ‘नेक सलाह’ दी है कि वो कोई ‘दुस्साहस’ करने से बचें और ‘पाकिस्तान को चुनावी फ़ायदे के लिए भारत की घरेलू राजनीति में ना घसीटें।
 
राजनाथ सिंह ने ऐसी ही बात दो साल पहले   कहा था कि भारत अपनी रक्षा में संतुलन और सब्र का ख़ासा ध्यान रखता है और इसे भारतीय मिसाइलों के नाम में महसूस किया जा सकता है, जबकि पाकिस्तान की आक्रामकता को उसकी मिसाइलों के नाम में भी देखा जा सकता है। 

You may also like

MERA DDDD DDD DD