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मुख्तार को उत्तर प्रदेश भेजने का विरोध

उत्तर प्रदेश के माफिया डाॅन मुख्तार अंसारी पंजाब की रोपड़ जेल में बंद विधायक और उत्तर प्रदेश की जेल में तबादला किए जाने का विरोध किया है। अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर बताया कि वे एक ऐसे परिवार का हिस्सा हैं, जो स्वतंत्रता आंदोलन में काफी योगदान दिया है। उसके परिवार से निकले हामिद अंसारी देश के उपराष्ट्रपति भी रहे हैं। अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में बताया कि उनके परिवार से देश को स्वतंत्रता सेनानी, राज्यपाल और उपराष्ट्रपति मिले हैं। उत्तर प्रदेश सरकार उसे उत्तर प्रदेश लाने की कोशिश कर रही है। पंजाब सरकार ने मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश भेजने से मना कर दिया है।

इसको लेकर पंजाब ने मुख्तार अंसारी के सेहत खराब का कारण बताया है। उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में आमने सामने है। अंसारी पर उत्तर प्रदेश में हत्या तथा उगाही और गैंगस्टर एक्ट तहत गंभीर धाराओं वाले चैदह मुकदमे उत्तर प्रदेश में चल रहे हैं। हालांकि पंजाब में उसके खिलाफ एक मुकदमा लंबित है। 2019 में मामूली केस में पेशी के लिए मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश की बांदा जेल से पंजाब की रोपड़ जेल ले जाया गया था। लेकिन तब से लगातार उत्तर प्रदेश पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद और अदालत से 26 प्रोडक्शन वारंट जारी होने के बावजूद, मुख्तार अंसारी की कस्टडी नहीं मिल पा रही है।

फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बात को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रास्ता अख्तियार किया। वहीं पंजाब सरकार ने रूपनगर जेल सुपरिटेंडेंट की ओर से दाखिल हलफनामे में अंसारी के हाइपर टेंशन, पीठ दर्द, स्किन एलर्जी, डिप्रेशन जैसी बीमारियों का कारण देते हुए उसे उत्तर प्रदेश वापस भेजने से इंकार कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका काफी विरोध किया है। सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि क्यों पंजाब सरकार एक माफिया को इस तरह से बचाने में लगी है। पंजाब सरकार का कहना है कि अंसारी डिप्रेशन का मरीज है तथा वो कहता है कि वो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिवार से है। हालांकि हकीकत में वो एक गैंगस्टर है।

उत्तर प्रदेश में खिलाफ लंबित उसके मुकदमों की सुनवाई नहीं हो पा रही है। मुख्तार अंसारी के वकील मुकुल रोहतगी ने बताया कि हमने उत्तर प्रदेश में दर्ज सभी केस को पंजाब मंे तबादला करने की मांग की। तुषार मेहता ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सभी केस अलग है। एक साथ सुनवाई नहीं हो सकती। यह एक गंभीर मामला है कि एक अपराधी अपने खिलाफ दूसरे राज्य में केस स्थानांतरित करवा लेता है। ये जानबूझकर कर जमानत अर्जी दाखिल नहीं कर रहे हैं। जेल में पूरे आराम के साथ रह रहा है। मुकुल रोहतगी ने कहा कि वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए आज कल सुनवाई हो रही है और मुख्तार अंसारी के केस की सुनवाई भी हो सकती है।

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