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पाकिस्तान गोलीबारी में एक भारतीय मछुआरे की मौत

पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहा हैं। वह रोजाना सीमा पर गोलीबारी करता रहता है। जिसमें भारतीय सैनिकों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी काफी नुकसान होता है। पिछले दिनों अरब सागर में गुजरात तट के निकट पाकिस्तानी समुद्री सुरक्षा एजेंसी (पीएमएसए) के कर्मियों ने एक भारतीय नाव पर निशाना बनाकर गोलीबारी की। इस गोलीबारी में एक भारतीय मछुआरे की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हो गया है।

जानकारी के मुताबिक पोरबंदर के ओखा तट पर एक मछली पकड़ने वाली नाव पर पाकिस्तानी सैनिकों ने गोलीबारी की। इनमे एक मछुआरे की मौके पर ही मौत हो गयी। मछुआरे की पहचान महाराष्ट्र के पालघर जिले के तटीय गांव वदराई निवासी श्रीधर आर. चमारे के रूप में हुई है।पाकिस्तान ने 7 नवंबर को गोलीबारी की एक वीडियो न्यूज़ चैनल पर दिखाई गयी । जिसमे पाकिस्तानी सेना की ओर से कहा गया है कि उसने पाकिस्तानी सीमा पर घुसपैठ कर रहे घुसपैठियों पर कार्यवाही की है। इसमें एक घुसपैठिए को मार गिरा दिया गया है। उसका पार्थिव शरीर रविवार को ओखा बंदरगाह पर लाया गया और पोरबंदर नवी बंदर पुलिस ने इस मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की है। घायल मछुआरे का गुजरात के ओखा के एक अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार रमेश मछली पकड़ने वाली नौका जलपरी पर सात अन्य सदस्यों के साथ 25 अक्टूबर को मछली पकड़ने निकले थे। नौका पर सवार सात में से पांच लोग गुजरात के और दो महाराष्ट्र के थे।

भारतीय तट रक्षाकर्मी (आईसीजी) ने भी इस पर एक बयान दिया है। उनके मुताबिक अभी पुलिस घटना की जांच कर रही हैं। चालक दल के सदस्यों से संयुक्त पूछताछ की जा रही है। जांच में तथ्य सामने आने के बाद ही जानकारी साझा की जा सकती है। बताया जा रहा है कि नौका गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के वेरावल में पंजीकृत थी। चामरे की मृत्यु की खबर मिलने के बाद उनके पैतृक गांव वडराई में शोक की लहर फैल गयी। नौका के मालिक जयंतीभाई राठौड़ के अनुसार जिस समय चामरे को गोली लगी, उस समय वह नौका के केबिन में मौजूद था।

वाड्रा मछुआरे सहकारी समिति के अध्यक्ष मनिंदर आरेकर ने एक बयान में कहा, “चमारे पिछले तीन महीने से अधिक समय से जयंती बोखामा के स्वामित्व वाली ‘जलपरी’ नाव पर काम कर रहे थे। वह अन्य मछुआरों के साथ अरब सागर में मछली पकड़ने गया था। चमारे पिछले तीन महीने से गुजरात के समुंद्री सीमा क्षेत्र पर ही मछली पकड़ने जाता था लेकिन 6 नवम्बर की रात को रोज़ की तरह मछली पकड़ने तो निकला लेकिन घर वापस नहीं आया।

मछुआरो संगठन इस घटना मे आक्रोशित है। उनकी मांग है कि महाराष्ट्र और गुजरात की सरकारें केंद्र सरकार के माध्यम से पाकिस्तान पर दबाव बनाए। उन्होंने यह भी मांग की कि पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा की गई कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय जांच कार्यवाही की जाए। अब इस मामले को भारत सरकार ने भी गंभीरता से लिया है। भारत सरकार के सूत्रों से जानकारी मिलती है कि इस घटना को पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक स्तर पर उठाएगा और इसका विरोध भी दर्ज करेगा।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में पारंपरिक मछली पकड़ने वाली नौकाओं पर गोलीबारी नहीं की जानी चाहिए। यह उचित समय है कि भारत और पाकिस्तान की सरकारें इस मुद्दे के स्थायी समाधान पर काम करें। भारत-पाकिस्तान शांति कार्यकर्ता जतिन देसाई ने मुंबई में कहा, ‘गोलीबारी अस्वीकार्य है .. यह सभी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का उल्लंघन करती है।’

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