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‘आप’ के निशाने पर पुराने साथी

“सुबह-सुबह पंजाब पुलिस द्वार पर पधारी है। एक समय, मेरे द्वारा ही पार्टी में शामिल कराए गए  भगवत मान को आगाह कर रहा हूँ कि तुम, दिल्ली में बैठे जिस आदमी को, पंजाब के लोगों की दी हुई ताक़त से खेलने दे रहे हो वो एक दिन तुम्हें व पंजाब को भी धोखा देगा।देश मेरी चेतावनी याद रखे। “

देश के लोकप्रिय कवि और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कुमार विश्वास ने आज सुबह जब यह ट्वीट किया तो जैसे राजनीतिक सनसनी बन गई। हर कोई इस को लेकर चर्चा करता हुआ दिखाई दिया। लोग सोच रहे थे कि आखिर कुमार विश्वास के घर पंजाब पुलिस क्यों आई। उन्होंने ऐसा क्या गुनाह कर दिया जिससे पंजाब पुलिस को उनके घर आने को मजबूर होना पड़ा। लोग यह भी कहते सुने गए कि पंजाब पुलिस कुमार विश्वास के घर आम आदमी पार्टी के नेताओं के इशारों पर उनके घर आई थी। कहा जा रहा है कि उनपर आईटी एक्ट के तहत एक मुकदमा दर्ज हुआ है। हालाँकि ‘दि संडे पोस्ट’ ने जब कुमार विश्वास से इस बाबत पूछा तो उन्होंने इसका सीधा जवाब देने की बजाय यह कहकर इतिश्री कर दी कि वह इस मामले में कुछ नहीं बोलेंगे। पंजाब पुलिस किस मामले में उनके घर आई थी इस बाबत वह बोले कि मेरे ट्वीट के के नीचे पंजाब पुलिस के बहुत सारे ट्वीट है उन्हें देख लीजिए।

कुमार विश्वास के घर पहुंची पुलिस टीम को लेकर पंजाब पुलिस का आधिकारिक बयान सामने आया है। इस संबंध में रूपनगर के एसपी हरवीर सिंह अटवाल का कहना है कि हमारे पास शिकायत आई थी कि आप के कार्यकर्ताओं को रोका गया और खालिस्तानी संबंधी नारे लगाए गए। यह मामला कुमार विश्वास की वीडियो (केजरीवाल का खालिस्तान के साथ संबंध में)  वायरल होने के बाद शुरू हुआ।  अटवाल ने आगे कहा कि कुमार विश्वास को नोटिस जारी किया गया है कि अगर उनके पास कोई सबूत है तो दिखाएं। उसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आज सुबह कुमार विश्वास के घर जाने के बाद दोपहर को पंजाब पुलिस की टीम कांग्रेस नेता अलका लांबा के घर भी पहुंची। लांबा ने पंजाब पुलिस के उनके घर आने की सूचना अपने ट्वीटर हेंडल से दी है। कुमार विश्वास और अलका लांबा दोनों ही नेता कभी आम आदमी पार्टी के सदस्य और अरविंद केजरीवाल के करीबी हुआ करते थे। दोनों ही नेताओं ने आप से नाता तोड़ने के बाद केजरीवाल के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। इस दौरान आम आदमी पार्टी के दोनों पूर्व नेताओं के घर पहुंची पंजाब पुलिस पर लोगो के द्वारा कटाक्ष किए जाने लगे है। लोगो का कहना है कि पंजाब पुलिस केजरीवाल के इशारों पर नाच रही है। जैसा वह कह रहे है ऐसा ही पुलिस कर रही है। सोशल मीडिया पर कई लोगो ने यहां तक कहा है कि केजरीवाल को पंजाब पुलिस का एक ऑफिस दिल्ली में खुलवा लेना चाहिए।

बताया जा रहा है कि पंजाब में आप के सत्ता में आने के बाद से ही अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के खिलाफ बयानबाजी को लेकर पंजाब पुलिस की तरफ से मोहाली स्थित साइबर क्राइम सेल में लगातार मुक़दमे दर्ज किए जा रहे हैं। कुमार विश्वास से पहले दिल्ली भाजपा नेता तेजिंदर सिंह बग्गा, नवीन कुमार जिंदल और प्रीति गांधी पर भी मुक़दमे दर्ज हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि गत दिनों कुमार विश्वास द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ जारी किये गए एक विवादास्पद बयान को लेकर यह मामला पेचीदा हो सकता है। जिसमे कुमार ने अरविंद केजरीवाल पर खालिस्तानियों से संबंध होने के आरोप लगाए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पंजाब में विधानसभा चुनावों के दौरान अपनी एक रैली के भाषण में कुमार विश्वास के आरोपों का जिक्र किया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने कुमार विश्वास की सुरक्षा को सववेदनशील मानते हुए उन्हें वाई केटेगरी की सुरक्षा दे दी थी।
तब कुमार विश्वास ने केजरीवाल को कठघरे में खड़ा करते हुए अपनी और केजरीवाल की बातों का जिक्र करते हुए बताया था कि ‘मैं हमेशा से मानता रहा हूं कि पंजाब एक राज्य नहीं, बल्कि एक इमोशन है। पंजाबियत एक भावना है। ऐसे में एक ऐसा आदमी अलगाववादी संगठनों, खालिस्थानी समर्थकों का साथ ले रहा था। जब मैंने उससे कहा कि इनका साथ मत ले तो उसने मुझसे कहा कि नहीं-नहीं तू चिंता मत कर। हो जाएगा। मैंने पूछा कि इनका साथ लेकर कैसे मुख्यमंत्री बनेंगे तो उसने मुझे इसका फॉमूर्ला भी बताया कि ऐसे-ऐसे भगवंत मान (वर्तमान सीएम पंजाब ) और फुल्का जी (एचएच फुल्का) को लड़वा दूंगा और आज भी वो उसी पथ पर है। मुझे उसने इतनी भयानक बातें बोलीं, जो कि पंजाब में सबको पता हैं। एक दिन तो मुझसे बोला कि तू चिंता मत कर, या तो मैं एक स्वतंत्र सूबे का मुख्यमंत्री बनूंगा। मैंने कहा कि ये अलगाववाद… 2020 का रेफरेंडम आ रहा है। आईएसआई से लेकर पूरी दुनिया फंडिंग कर रही है। तो बोला कि तो क्या हुआ। स्वतंत्र देश का पहला प्रधानमंत्री बनूंगा। विश्वास ने कहा कि इस आदमी में सत्ता का ऐसा लालच है कि बस सरकार बननी चाहिए। भले ही अलगाववाद सहारे बने।
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी का जिस वक्त गठन हुआ तब यह एक रुटीन राजनीतिक पार्टी न हो कर एक विचारधारा थी। जिसमें हजारों लोगों के सपने जुड़े हुए थे।  तब इसके केन्द्र में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और कुमार विश्वास मुख्य नेता हुआ करते थे। तीन अभिन्न मित्र जो पार्टी के गठन के वक्त मजबूती से एक साथ खड़े थे। लेकिन पांच वर्ष बाद ही यह तिकड़ी टूटती दिखाई देने लगी थी। वजह बनी थी राज्यसभा की सीट। जिसमे से एक पर वरिष्ठता के क्रम में कुमार विश्वास को चुना जाना था। लेकिन तब आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कुमार विश्वास को साइड कर गुप्ता बंधुओ को एमपी बनवा दिया था।

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