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अब गुर्जरों ने ली अंगडाई

तीन राज्यों में मिली चुनावी सफलता से उत्साहित कांग्रेस ने 16 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में विशाल गुर्जर महासम्मेलन का आयोजन कर भाजपा समेत सभी दलों में भारी बैचेनी पैदा कर दी है। हालांकि पूरे देश भर से जुटे गुर्जरों की इस महापंचायत को घोषित तौर पर गैराजनीतिक कह प्रचारित किया गया था लेकिन जिस अंदाज में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ कांग्रेसी नेता धर्म सिंह छौक्कर ने कांग्रेस आलाकमान की तारीफों में मंच से कसीदे पढ़े, उससे साफ है कि इस पूरी कवायद के पीछे कांग्रेस की सोची समझी रणनीति का होना है
देश की कुल आबादी का लगभग दस प्रतिशत अन्य पिछड़ा पिछड़ा वर्ग में शामिल गुर्जर अब राजनीति में अपने हिस्सेदारी के लिए संगठित होने लगे हैं। पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में देश भर से जुटे लाखों गुर्जरों ने अपनी ताकत का एहसास करा राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। हालांकि इस महा गुर्जर पंचायत को गैराजनीतिक, गैर दलीय आधार पर आयोजित किया गया लेकिन कार्यक्रम के आयोजनकर्ताओं का कांग्रेसी होना स्पष्ट संकेत है कि आने वाले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस इस गुर्जर शक्ति को अपनी तरफ खींचने का प्रयास शुरू कर चुकी है। कार्यक्रम पर राजनीतिक दलों विशेषकर भाजपा की पैनी नजर का असर रहा कि आयोजकों द्वारा कार्यक्रम स्थल के निकट स्थित पुलिस लाइन के हैलीपेड़ में तीन हैलीकाॅप्टर उतारने की परमिशन जिला प्रशासन ने नहीं दी। बमुश्किल एक हैलीकाॅप्टर की लैंडिंग की इजाजत देने के कुछ घंटे बाद ही डीएम ने उसे निरस्त भी कर दिया।
सूत्रों की माने तो डीएम को उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह द्वारा ऐसा करने के निर्देश दिए गए। बाद में मीडिया में बात आने के उपरांत एक हैलीकाॅप्टर की परमिशन जिला प्रशासन ने आयोजकों को दे दी। इस महापंचायत की एक बड़ी विशेषता पूरे देश भर से गुर्जरों की उपस्थिति तो रही ही, साथ ही इसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम गुर्जरों ने भी भाग लिया। बड़ी तादात में युवाओं की मौजूदगी इस दृष्टि से खासी महत्वपूर्ण है कि इनमें से ज्यादातर ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व पर अपनी आस्था जताई। इस महासम्मेलन के मुख्य अतिथि वरिष्ठ कांग्रेस नेता और हरियाणा की समालखा सीट से पूर्व विधायक धर्म सिंह चैक्कर ने अपने संबोधन में गुर्जरों के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए मुगल सम्राट बाबर की आत्मकथा का जिक्र किया। उन्होंने कहा जब स्वयं बाबर तक हमारी वीरता चलते घबरा गया, जब हमारे पूर्वज सम्राट महिर भोज ने पूरे भारत में अपने साम्राज्य को स्थापित कर दिया और एक न्यायप्रिय राजा की ख्याति पाई तब यदि आज हम पूरी तरह उपेक्षित और पिछड़े हैं तो इसके पीछे हमारा संगठित ना होना है। छौक्कर ने दावा किया कि अपनी संख्या बल के आधार पर हमारे समाज के कम से कम पचपन सांसद होने चाहिए। जबकि वर्तमान लोकसभा में मात्र पांच गुर्जर सांसद ही हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को याद करते हुए छौक्र ने कहा कि पहली बार राजेश पायलट  की क्षमता को पहचान उन्होंने ही गुर्जर समाज को राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक पहचान दिलाई। 1989 में हरियाणा के समालखा में पायलट द्वारा आयोजित गुर्जर रैली की चर्चा करते हुए छौक्कर ने असमय ही दिवंगत हुए पायलट के बाद गुर्जरों के राजनीतिक वनवास पर चले जाने की बात कही। धर्म सिंह छौक्कर ने गुर्जरों को ललकारते हुए कहा कि ना तो सेना में हमारे नाम की कोई रेजिमेंट है, ना ही हमारे महापुरुषों के नाम पर काॅलेज, विश्वविद्यालय आदि स्थापित किए गए हैं। अब लेकिन गुर्जर अपना अपमान नहीं सहेगा। छौक्कर ने भविष्य में बड़े गुर्जर आंदोलन की बात भी अपने संबोधन में कह डाली।
हालांकि आयोजकों द्वारा इस महासम्मेलन को गैर दलीय बताया गया था लेकिन जिस अंदाज में धर्म सिंह छौक्कर ने अपना भाषण दिया उससे स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि इस पूरी कवायद के पीछे कांग्रेस की सोची-समझी रणनीति का होना है। छौक्कर ने राजस्थान में सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का श्रेय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को दे गुर्जरों के प्रति कांग्रेस नेतृत्व की भावी रणनीति से स्पष्ट कर दिया।
 
अब संगठित होगा गुर्जर समाज
 
इस महासम्मेलन का उद्देश्य क्या था?
हमारी जनसंख्या के अनुपात में हमें सामाजिक और राजनीतिक पहचान आज तक नहीं मिल पाई है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण हमारा संगठित ना होना रहा है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य इस एकता को कायम करना है।
आपकी केंद्र और राज्य सरकारों से क्या अपेक्षा है?
हमारी मांग है कि स्वतंत्रता के बाद से ही लगातार उपेक्षा का दंश झेल रहे हमारे समाज की जायज मांगों को पूरा किया जाए। हमारे महापुरुषों के नाम पर विश्वविद्यालय, मेडिकल काॅलेज बनाए जाएं, सेना में गुर्जर रेजिमेंट की स्थापना हो और राजनीति में हमारी जनसंख्या के अनुपात में हमें राज्य विधानसभाओं और संसद में प्रतिनिधित्व मिले।
यह महासम्मेलन गैर राजनीतिक था लेकिन आपने खुलकर कांग्रेस नेतृत्व की प्रशंसा मंच से की। क्या यह कांग्रेस द्वारा आयोजित कार्यक्रम था?
यह पूरी तरह से गैरराजनीतिक आयोजन था। समाज के बड़े-बुढों और युवाओं ने लंबे विचार-विमर्श के बाद इस एकता महासम्मेलन को बुलाने का निर्णय लिया। सभी दलों के नेताओं को इसमें आमंत्रित किया गया था। लेकिन यह स्थापित  सत्य है कि हमें राष्ट्रीय राजनीति में पहचान दिलाने का काम स्व ़ इंदिरा गांधी जी ने किया था। उन्होंने ही स्व ़ राजेश पायलट को राजनीति के मैदान में उतारा। आज भी यदि सचिन पायलट राजस्थान के उपमुख्यमंत्री बनें है तो  इसका पूरा श्रेय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को जाता है।

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