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भारत-भूटान के बीच नौ समझौते पर हस्ताक्षर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के भूटान दौरे पर हैं। इस दौरे के पहले दिन भारत और भूटान के बीच हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट, नॉलेज नेटवर्क, मल्टी स्पेशलिएटी हॉस्पिटल, स्पेस सैटेलाइट, रूपे कार्ड के इस्तेमाल समेत कुल नौ  समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी भूटान के प्रधानमंत्री डॉ. लोते शेरिंग से संसद में मुलाकात की। प्रधानमंत्री भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिले। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘मोदी जिंदाबाद’ के नारे लगे। थिंपू के पारो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री लोते शेरिंग ने उनका स्वागत किया। मोदी को एयरपोर्ट पर ही गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को भूटान में रॉयल विश्वविद्यालय  के छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत और भूटान एक दूसरे की परंपराएं समझते हैं। भारत भाग्यशाली है कि वह राजकुमार सिद्धार्थ के बुद्ध बनने की जगह रहा। मैं आज भूटान के भविष्य के साथ हूं। आपकी ऊर्जा महसूस कर सकता हूं। मैं भूटान के इतिहास, वर्तमान या भविष्य को देखता हूं तो मुझे दिखता है कि भारत और भूटान के लोग आपस में काफी परंपराएं साझा करते हैं। भूटान के युवा वैज्ञानिक भारत आकर अपने लिए एक छोटा सैटेलाइट बनाने पर काम करेंगे।

उन्होंने कहा कि शनिवार को मैं सेम्तोखा जॉन्ग में था। यह उन चार जगहों में से है जो भूटान के इतिहास को दिखाता है। इस दौरे  में मुझे भूटान के लोगों से मिलने का मौका मिला। भारत भाग्यशाली है कि वह राजकुमार सिद्धार्थ के बुद्ध बनने की जगह रहा। कोई दो देश एक दूसरे को उस तरह नहीं समझते जिस तरह भारत और भूटान एक दूसरे की परंपरा को समझते हैं। आज भारत ऐतिहासिक बदलावों को देख रहा है

मोदी ने कहा कि भारत गरीबी को तेजी से खत्म कर रहा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण की गति भी दोगुनी हो गई है। भारत दुनिया के सबसे बड़े हेल्थकेयर प्रोग्राम आयुष्मान भारत को भी चला रहा है। साथ ही दुनिया के सबसे सस्ते डेटा कनेक्शन वाला देश है। हमारे देश स्टार्टअप की दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क वाला देश है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आप दुनिया के किसी भी कोने में चले जाएं, अगर आप पूछेंगे कि भूटान के बारे में क्या जानते हो, तो जवाब हमेशा ‘ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस’ का कॉन्सेप्ट मिलेगा। मुझे इस जवाब पर कभी आश्चर्य नहीं होता, क्योंकि भूटान ने खुशी का भाव समझ लिया है। भूटान ने सद्भावना, एकजुटता और करुणा की भावना को समझ लिया है। यही भावना कल उन बच्चों के चेहरे पर थी, जो मेरा स्वागत करने के लिए सड़कों पर खड़े थे। मुझे हमेशा उनकी मुस्कुराहट याद रहेगी।’’
साथ ही ‘जैसे-जैसे भूटान अपनी कोशिशों में आगे बढ़ता जाएगा, आपके 1.3 अरब भारतीय दोस्त सिर्फ आपका  गर्व और खुशी से देखकर हौसलाअफजाई नहीं करेंगे, बल्कि आपके साथ साझेदार बनेंगे आपके साथ नई चीजें सीखेंगे।

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