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नई दिल्ली : विधानसभा में पास हुआ ‘दिल्ली स्कील एंड एंटरप्रिन्योरसिप यूनिवर्सिटी बिल ‘

दिल्ली स्कील एंड एंटरप्रिन्योरसिप यूनिवर्सिटी बिल मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में पास हो गया। इस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि  दिल्ली स्कील एंड एंटरप्रिन्योरसिप यूनिवर्सिटी से दिल्ली के एक-एक युवा को रोजगार मिलेगा। हमारा मकसद है कि दिल्ली के हर युवा को रोजगार मिले। दिल्ली स्कील एंड एंटरप्रिन्योरसिप यूनिवर्सिटी इस मकसद को पूरा करेगी। इस यूनिवर्सिटी का काम होगा कि वह दुनियाभर में रिसर्च कर रोजगार के योग्य कोर्स की तलाश करे, फिर उसे यूनिवर्सिटी में लागू किया जाए। जिससे इस यूनिवर्सिटी में कोर्स करने वाले युवा नई जरूरत व उद्योग के हिसाब से तैयार हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा इस यूनिवर्सिटी से देश के युवाओं के सामने मौजूद बेरोजगारी की समस्या समाप्त होगी।
हम फिर आने वाले हैं, इस कारण आखरी दिन भी बिल लाए – अरविंद केजरीवाल
इस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि  इस विधानसभा का आज आखरी दिन है। इस आखरी दिन विधानसभा के अंदर एक बड़ी अभूतपूर्व बात हो रही है। हम में से अधिकतर लोग पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा में आये हुए हैं। उन्होंने बताया है कि चुनाव के पहले जब आखिरी सत्र होता है और आखरी सत्र का आखरी दिन होता है, तो अक्सर एसेम्बली में या संदन में कोई एमएलए दिखाई नही देता है। वो सारे अपनी-अपनी विधानसभा में चुनाव प्रचार के लिए गए हुए होते हैं। कल से एक बात बार -बार उठाई जा रही है कि आखरी दिन बिल क्यों ला रहे हैं।
आखरी दिन बिल इसलिये ला रहे हैं, क्योंकि हमें पता है कि हमे दुबारा आना है और हम ही लोगों को इस बिल को लागू कराना है। आपको हम अपनी जिंदगी की आखरी सांस तक इस देश की तरक्की के लिए कुछ न कुछ काम करते हुए ही मिलेंगे। आज हमें चिंता इस बात की नहीं करनी है कि हम चुनाव जीत रहे हैं या नहीं जीत रहे हैं। चुनाव तो हम जीत ही रहे हैं। हम इस बात की चिंता कर रहे हैं कि वापस आने के बाद अब हमें जो कल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का बिल पास किया था, उसे लागू करना है।
आज जो हमने स्किल यूनिवर्सिटी का बिल पास किया है, इसको लागू करना है। यहां जितने लोग  बैठे हुए हैं। यह आज इसलिये इतने आत्म विश्वास के साथ यहां बैठे हुए हैं, क्योंकि इन्हें दोबारा विधानसभा में वापस आकर काम करने का विश्वास है। इन्होंने पांच साल अपनी विधानसभा में मेहनत की है। इनमें से एक-एक व्यक्ति को यकीन है कि वह दोबारा इसी सीट  पर  वापस आएगा और वापस यही बैठेगा।यह वर्किंग प्रोग्रेस है। अभी काम खत्म नहीं हुआ है। काम चल रहा है।
सीएम ने कहा पांच साल पहले जब सरकार बनी थी,  तब सरकार में आते ही हमने बिजली के दाम आधे कर दिए। पानी मुफ्त कर दिया था। जगह -जगह कच्ची कालोनियों में सड़कें बनवानी शुरू की। फरवरी में सरकार बनी थी और जुलाई में पहला मोहल्ला क्लीनिक बन गया था। काम तभी से चल रहे हैं। अब इस बिल को लागू कराना है। फरवरी में अगला विधानसभा सत्र हैं। हम सबको दोबारा यही आना है। इसलिये आखिरी दिन भी काम हो रहा है। मुझे पता है कि आप लोगों को इसकी आदत नहीं है। लेकिन देश बदल रहा है। राजनीति बदल रही है। अब सबको मेहनत करने की आदत डालनी चाहिए। जनता की सेवा करने की आदत डालनी चाहिए।
कल एक ऐतिहासिक बिल प्रस्तुत किया गया था। वह बिल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल की दुनिया मे भारत को और दिल्ली को खेल के नक्शे पर अपना स्थान देगा। आज का यह जो बिल है। यह हमारे देश के युवाओं की सबसे बड़ी जो चिंता रोजगार की है, उसका समाधान देगा।
आज हमारे देश के युवा के पास रोजगार नहीं है। वह रोजगार ढूंढ रहा है। आज देश की आर्थिक परिस्थिति बड़ी खराब है। रोजगार खत्म होते जा रहे हैं। उसकी वजह से हमारा युवा अपने कैरियर व अपने परिवार को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित है कि वह रोजगार कहां से लाए। कई ऐसे युवा हैं जो डिग्री लेकर मार्केट में घूम रहे हैं। उनके पास रोजगार नहीं है। कई ऐसे युवा हैं जो घर की परिस्थिति की वजह से 10वीं 12वीं के बाद पढ़ नहीं पाते हैं। वह भी मार्केट के अंदर कोई छोटा-मोटा नौकरी ढूंढने की कोशिश कर रहे है। यह बिल उन सब लोगों को समाधान देगा। मुझे तो लगता है कि इस बिल का नाम दिल्ली रोजगार बिल होता तो और ज्यादा अच्छा होता। क्योंकि यह रोजगार देने के लिए लाया जा रहा है। यह बिल वास्तव में लोगों को रोजगार देगा।
 दिल्ली में स्कील एंड एंटरप्रिन्योरसिप यूनिवर्सिटी 
दिल्ली के युवाओं को उद्योगों की जरूरत व नौकरी के हिसाब से तैयार करने के लिए दिल्ली में स्कील एंड एंटरप्रिन्योरसिप यूनिवर्सिटी स्थापित हो रही है।  इसमें डिप्लोमा से लेकर रिसर्च तक की पढ़ाई होगी। छह माह से 2 वर्ष तक के कोर्स होंगे। इस यूनिवर्सिटी मे 85 प्रतिशत सीटें दिल्ली के बच्चों के लिए होंगी। यह देश में अपनी तरह का पहला विश्वविद्यालय होगा। सर्वश्रेष्ठ औद्योगिक प्रथाओं को अपनाने के लिए विश्वविद्यालय की गतिविधियों में औद्योगिक विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा।
सभी आईआईटी और पालिटेक्निक सेंटर होंगे मर्ज
इस यूनिवर्सिटी में दिल्ली के सभी आईआईटी और पालिटेक्निक सेंटर को मर्ज किया जाएगा। इस विवि से फायदा यह होगा कि स्कूल स्तर से बच्चे स्कील बेस्ड कोर्स  करने को प्रेरित होंगे। अब उन्हें स्कील बेस्ड कोर्स में उच्च शिक्षा की संभावना होगी।
ओखला में होगा स्थापित
यूनिवर्सिटी का मुख्यालय ओखला स्थित टेली टूल इंजीनियरिंग कालेज में स्थापित होगा। इसके कोर्स व फीस को डिजाइन करने के लिए विशेषज्ञों की टीम बनेगी।
विदेश, इंडस्ट्री संघ व इंडस्ट्री से यूनिवर्सिटी का गठजोड़ होगा
यूनिवर्सिटी के छात्रों को नौकरी के हिसाब से तैयार किया जाएगा। इसके लिए यूनिवर्सिटी का विदेशों से गठजोड़ होगा। साथ ही इंडस्ट्री संघ व इंडस्ट्री से गठजोड़ होगा। जिससे इनके हिसाब से छात्रों को यूनिवर्सिटी में ही तैयार कर लिया जाए। जिससे युवा नौकरी के हिसाब से तैयार हो। साथ ही इंडस्ट्री को उसकी जरूरत के हिसाब से कर्मचारी मिल जाएंगे।
जरूरत के हिसाब से बदलेगा कोर्स
यूनिवर्सिटी में कोर्स को जरूरत के हिसाब से बदला जाएगा। इसके लिए मार्केट का लगातार रिसर्च होगा। फिर नौकरी के हिसाब से रिसर्च होगा। फिर उसी हिसाब से कोर्स को समय समय पर बदला जाएगा।
दुनिया में रिसर्च तक तैयार हुआ माडल
यूनिवर्सिटी की परिकल्पना के लिए तमाम देशों का दौरा किया गया। फिनलैंड, ब्राजील, अस्ट्रेलिया, सिंगापुर जाकर टीम ने देखा। वहां के माँडल को आधार बनाकर यूनिवर्सिटी की परिकल्पना तैयार हुई। अभी तक यूनिवर्सिटी न होने के कारण बच्चे स्कील कोर्स करने से बचते थें। अब ऐसा नहीं होगा।
जर्मनी और फिनलैंड जैसे विकसित देश उद्योग की आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षित युवा तैयार करते हैं। इन देशों में, शिक्षा के साथ उद्योग के मजबूत संबंध हैं। उनके संकाय उद्योग में नियमित रूप से प्रशिक्षित होते हैं और वास्तव में कई संकाय सदस्य उद्योग से ही होते हैं। इस एकीकरण और नवीनतम तकनीकों और मशीनरी के उपयोग के माध्यम से वहां अधिक रोजगार योग्य युवा तैयार हो रहे हैं। ऐसा ही अब दिल्ली में होगा।

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