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सवालों के घेरे में नारकोटिक्स विभाग

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में हाई-प्रोफाइल नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) भंडाफोड़ मामले में कई ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब दिया जाना बाकी है। एनसीबी ने अब तक ड्रग्स मामले में लगभग 18 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान भी शामिल है। आर्यन को रेव पार्टी में ड्रग का इस्तेमाल करने को लेकर ड्रग जांच एजेंसी एनसीबी ने गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद मुंबई टू गोवा क्रूज पर एनसीबी द्वारा की गई रेड विवादों के घेरे में आती जा रही है। नवाब मलिक के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने भी इस रेड को लेकर कई सवाल उठाते हुए महाराष्ट्र सरकार से जांच कराने की मांग की है। सावंत के मुताबिक किसी भी रेड में आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसकी पूरी जिम्मेदारी जांच अधिकारी और संबंधित एजेंसी की होती है। उन्होंने कहा कि इस नियम के साथ खिलवाड़ करने पर दस साल या उससे भी ज्यादा की सजा का प्रावधान है। लेकिन एनसीबी अधिकारियों ने यहां लापरवाही भरा रवैया अपनाया जिसमें दो ऐसे लोगों को आरोपियों के पास रखा गया जिनका एनसीबी से कोई संबंध नहीं था। वह आरोपियों को बिल्कुल उसी अंदाज में एनसीबी दफ्तर लेकर जा रहे थे। जैसे कोई एनसीबी का अधिकारी ले जा रहा हो। सचिन सावंत ने इस मामले में महाराष्ट्र सरकार से जांच की मांग की की है।

इस सबके बीच अब एजेंसी का खासा विरोध हो रहा है। महाराष्ट्र सरकार के सहयोगी दल एनसीपी ने भी एनसीबी की पूरी कार्रवाई को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने प्रेस कांफ्रेस कर एनसीबी की पूरी कार्रवाई को ही फर्जी बता दिया है। एनसीपी नेता और उद्धव सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने एनसीबी को निशाने पर लेते हुए कहा है कि इसमें प्लान करने के बाद कुछ सेलेब्रिटीज को बुलाया गया और उन्हें सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया है। मलिक ने दावा किया है कि एनसीबी की जिस रेड में आर्यन खान की गिरफ्तारी हुई, उसमें तीन लोगों को छोड़ा गया जिसमें ऋषभ सचदेव नाम का भी शामिल है जो बीजेपी युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष मोहित कंबोज के साले हैं। आर्यन खान गिरफ्तारी मामले पर बोलते हुए नवाब मलिक ने एनसीबी और समीर वानखेड़े पर तमाम ऐसे आरोप लगाए हैं जो न केवल गंभीर हैं बल्कि जिनका जवाब पूरा देश जानना चाहता है। रेड पर अपना पक्ष रखते हुए मलिक ने कहा है कि, ‘ऋषभ सचदेव, अमीर फर्नीचरवाला और प्रतीक गाबा, इन 3 लोगों को छोड़ा गया है। मलिक के अनुसार, इनमें सचदेव, पूर्व बीजेपी युवा मोर्चा अध्यक्ष मोहित कंबोज के साले हैं। जब ऋषभ सचदेव को छोड़ा जा रहा था, तो उनके साथ उनके पिता और चाचा भी थे। उसके फोटो भी हमारे पास है। मलिक ने ये भी बताया है कि इन्हीं लोगों के बुलाने पर आर्यन खान वहां गए थे। वे अमीर फर्नीचरवाला और प्रतीक गाबा के फ्रेंड सर्कल से हैं। मलिक ने दावा किया कि रेड की रात इन तीनों के कुछ रिश्तेदार एनसीबी ऑफिस पहुंचे थे। हमें शक है कि केंद्र से दबाव डाला गया होगा, जिसके बाद इन्हें छोड़ दिया गया। नवाब मलिक ने मांग की है कि एनसीबी के जोनल डॉयरेक्टर समीर वानखेड़े के कॉल रिकॉर्ड की भी जांच होनी चाहिए।

हालांकि अब इस विवाद पर एनसीबी ने भी सफाई दी है। नवाब मलिक और एनसीपी के आरोपों को ड्रग जांच एजेंसी एनसीबी ने सिरे से खारिज कर दिया है। इस बाबत एजेंसी के डेप्युटी डायरेक्टर जनरल ज्ञानेश्वर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि एनसीपी पर जो भी आरोप लगाए हैं। वे निराधार हैं। ज्ञानेश्वर ने कहा, ‘मुंबई एनसीबी ने इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल ग्रीन गेट मुंबई और कॉर्डेलिया क्रूज शिप पर रेड की और वहां से 8 लोगों को कोकीन, चरस, एमडीएमए के साथ पकड़ा है।
वहीं एजेंसी ने अपने बयान में भी साफ कर दिया कि उनकी कार्रवाई पर लग रहे सभी आरोप निराधार हैं। बयान में एजेंसी ने कहा, संस्था के खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। ये सब आरोप एनसीबी के हाल ही में लिए गए एक्शन के खिलाफ दुर्भावना से लगाए गए हैं। एनसीबी एक बार फिर से इस बात को दोहराती है कि हमारी जांच पहले की तरह ही पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से बिना किसी भेदभाव के चलती रहेगी।’ मालूम हो, एनसीबी पर लगातार सवाल उठ रहे हैं कि जिन दो लोगों ने आर्यन और अरबाज सेठ मर्चेंट को अरेस्ट किया था। वे एक राजनीतिक पार्टी के आदमी हैं। उनमें से एक मनीष भानुशाली तो पार्टी मुंबई उपाध्यक्ष भी है।

एनसीबी ने कहा था कि छापेमारी के दौरान उसने कोकीन, एमडीएमए, एक्स्टसी, मेफ्रेडोन और चरस जैसी कई लोकप्रिय पार्टी ड्रग्स बरामद की है। सभी प्रतिबंधित पदार्थों में कोकीन 13 ग्राम, चरस 21 ग्राम, एमडीएमए की 22 गोलियां और एमडी पांच ग्राम थी। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि मुंबई ड्रग केस में एनसीपी नेता नवाब मलिक के सामने मुद्दा आर्यन खान है ही नहीं उनकी खुन्नस पुरानी है और उनके दामाद से जुड़ी है। असल में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने नवाब मलिक के दामाद समीर खान को ड्रग मामले के संबंध में 13 जनवरी 2021 को गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें 14 दिनों के लिए जुडिशल कस्टडी में भेज दिया गया था।

एनसीबी ने समीर खान ने पूछताछ की थी जिसके बाद कई अहम खुलासे हुए थे। जिसके बाद उनकी बताई गई कई जगहों पर छापेमारी की गई थी। जिसमें उनका बांद्रा स्थित आवास भी शामिल था। समीर खान का नाम ड्रग्स मामले में आने के बाद उनके ससुर नवाब मलिक ने बयान जारी कर कहा था कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। नवाब मलिक ने कहा था कि बिना किसी भेदभाव के कानून सब पर लागू किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि ड्रग्स केस के एक आरोपी और समीर खान के 20 हजार रुपये के कथित ऑनलाइन लेनदेन का मामला सामने आने के बाद एनसीबी ने समीर खान को तलब किया था। बता दें कि ड्रग्स मामले में दामाद का नाम आने के बाद नवाब मलिक को भी तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। विपक्ष ने भी इसे बड़ा मुद्दा बनाया था और तब ऐसे कई बयान वायरल हुए थे जिनमें न केवल नवाब मलिक ने अपनी सफाई दी थी, बल्कि अनचाहे विवाद से पल्ला भी झाड़ा था।

 

बीजेपी नेता कैसे पहुंचे क्रूज तक

एक व्यक्ति जिसकी पहचान बाद में एक कथित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता किरण गोसावी के रूप में हुई, उसने जहाज के डेक पर स्टारकिड के साथ एक तस्वीर क्लिक की, जिससे यह विवाद पैदा हो गया कि 2 अक्टूबर को एनसीबी द्वारा की गई छापेमारी में भाजपा कार्यकर्ता शामिल थे। एक अन्य भाजपा नेता मनीष भानुशाली को आर्यन और अरबाज मर्र्चंेट सहित कुछ आरोपियों को बाहर निकालते देखा गया। एक निजी व्यक्ति जो भाजपा कार्यकर्ता है, उसको कैसे आरोपियों को सौंप दिया गया। इस प्रश्न का भी उत्तर अभी तक नहीं मिला है। जिन आठ लोगों को पहले एनसीबी ने हिरासत में लिया था, उनमें से तीन मोहक जसवाल, नुपुर सारिका और गोमित चोपड़ा दिल्ली के हैं। मोहक और नुपुर दोनों फैशन डिजाइनर हैं, जबकि गोमित एक हेयर स्टाइलिस्ट हैं। सूत्रों ने पहले से पुष्टि की थी कि मोहक और नूपुर दोनों गोमित के साथ दिल्ली आए थे, लेकिन अभी भी उनके बारे में अधिक जानकारी नहीं है। क्या वे पार्टी में शामिल होने के लिए मुंबई गए थे या वे वहां पहले से रह रहे थे? इसका जवाब आना बाकी है। ऐसा कहा जा रहा है कि लक्जरी जहाज कॉर्डेलिया क्रूज, जिस पर एनसीबी के अधिकारियों ने छापा मारा था, जब वह गोवा के लिए यात्रा की तैयारी कर रहा था, उस पर लगभग 1 हजार 300 यात्री सवार थे। क्या इन 1300 लोगों में से केवल आठ लोग ड्रग्स का सेवन कर रहे थे या ले जा रहे थे? क्या एनसीबी बाकी यात्रियों से भी पूछताछ करने जा रही है?

इस ड्रग-भंडाफोड़ के आकर्षण के केंद्र में आर्यन खान ही रहे, जिसके कारण यह मामला हाई-प्रोफाइल मामला बन गया। एनसीबी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि शहरुख खान के बेटे के पास से ड्रग्स बरामद नहीं हुआ था, जबकि अरबाज मर्चेट के कब्जे से केवल छह ग्राम चरस पाया गया था। अगर मात्रा इतनी कम थी, तो एनसीबी उसकी और हिरासत की मांग क्यों कर रही है? आर्यन के वकील सतीश मानेशिंदे ने भी ड्रग जांच एजेंसी पर कई सवाल दागे हैं। वहीं एनसीबी ने कहा कि उसे हिरासत बढ़ाने की जरूरत है ताकि वे अन्य आरोपियों के साथ उसका सामना कर सकें।

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