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नमामि गंगे परियोजना: भाजपा विधायक ने लगाया अपने ही सरकार पर करप्शन के आरोप

नमामि गंगे परियोजना: भाजपा विधायक ने लगाया अपने ही सरकार पर करप्शन के आरोप

ऐसे समय में जब उत्तर प्रदेश से गंगा यात्रा शुरू की जा रही है और गंगा की धारा को अविरल बहने और शुद्ध गंगाजल देने के वादे के साथ ही नमामि गंगे परियोजना पर भाजपा वाहवाही ले रही है। ऐसे समय में उत्तर प्रदेश के ही भाजपा के एक विधायक ने नमामि गंगे परियोजना पर अपनी ही सरकार पर करप्शन के गंभीर आरोप लगाए है। जबकि सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के साथ ही 14 दिसंबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानपुर पहुंचकर नमामि गंगे परियोजना की समीक्षा कर चुके है।

तब मोदी ने कानपुर में नमामि गंगे परियोजना के तहत हो रहे विकास कार्यो को संतोषजनक बताया था। यहीं नहीं बल्कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस योजना के तहत हुए कार्यों को प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण बताया था। लेकिन इसके एक माह बाद ही भाजपा के विधायक द्वारा उसी कानपुर में नमामि गंगे परियोजना में करप्शन का आरोप लगाना केंद्र और राज्य की सरकारों के जीरो टॉलरेंस के दावे को ख़ारिज करती है। इससे उत्तर प्रदेश के साथ ही केंद्र सरकार पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। सरकार सवालो और संदेहों के घेरे में इसलिए भी है कि इस बार आरोप विपक्ष ने नहीं लगाए  है, बल्कि सत्ता पक्ष का ही विधायक इस मुद्दे को लेकर मुखर है।

23 जनवरी की बात है जब योगी सरकार के विधायक ने पहली बार नमामि गंगे परियोजना पर आवाज उठाई थी। नमामि गंगे परियोजना केंद्र सरकार का बहुत बडा प्रोजेक्ट है। जिसमे करोडो रूपये के विकास कार्य किए जा रहे है। केंद्र सरकार इस परियोजना को गंगा नदी के सफाई और पानी को शुद्ध करने के लिए मील का पत्थर बता रही है। इस परियोजना की प्रशंशा केंद्र सरकार के साथ ही यूपी की योगी सरकार समय समय पर करती रही है। बहरहाल नमामि गंगे की यह योजना अब जाँच के दायरे माँ आ सकती है। क्योकि यूपी के एक भाजपा विधायक ने इस योजना में भ्रष्टाचार की शिकायत प्रधानमंत्री मोदी के साथ ही यूपी के मुख्यमंत्री आदि योगीनाथ से की है।

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गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में बिठूर विधानसभा से भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने तीन दिन पहले एक प्रेस कॉफ्रेंस कर सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट नमामि गंगे परियोजना में बड़े भ्रष्टाचार का आरोप लगा दिया है।  विधायक का आरोप है कि गंगा घाटों की सफाई के नाम पर एक प्राइवेट कंपनी घोटाला कर रही है।

विधायक का आरोप है कि जब इसके खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई तो कंपनी और भाजपा के ही एक बड़े जनप्रतिनिधि ने मिलकर उन्हें झूठे मामले में फंसाने की साजिश रच डाली। विधायक अभिजीत के अनुसार, कंपनी से जुड़ी एक महिला ने हाल ही में उन पर यौन शोषण तक का आरोप लगा डाला था । हालांकि, विधायक ने उस बड़े भाजपा जनप्रतिनिधि का नाम तो नहीं मीडिया के सामने प्रकट नहीं किया, लेकिन साथ ही उन्होंने आने वाले समय में नाम खोलने का वादा किया है।

इस दौरान भाजपा विधायक अभिजीत सांगा ने उन परिवारों को भी मीडिया से रुबरू कराया, जिन्हें सफाई कर्मचारी के तौर पर 30 से 35 हजार में रखा गया था। लेकिन अब तक उन्हें वेतन नहीं दिया जा सका है। भाजपा विधायक के मुताबिक, भ्रष्टाचार में लिप्त कंपनी को पूरे प्रदेश में काम करने का ठेका लखनऊ से मिला है, जिसके चलते भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हैं।

यहां यह भी बताना जरुरी है कि भाजपा विधायक ने इस मामले की शिकायत तत्कालीन जिलाधिकारी से भी की थी। जिस पर स्थानीय उपजिलाधिकारी की जांच भी चल रही है। इसके बावजूद तब भी लाखों रूपए का वेतन रिलीज कर दिया गया। कानपुर में नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत करोडों रुपए के विकास कार्य हुए है।  जिनमें बिठूर के कई घाटों के जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण का काम कराया गया। स्थानीय लोगों की माने तो विकास कार्यो को अभी एक साल भी नहीं बीता है कि घाटों पर लगाए गए पत्थर टूटने-उखड़ने लगे हैं। यही नहीं बल्कि कई घाटों की सीढ़ियों की दीवारें तक चटक गई हैं।

बताया जा रहा है कि बिठूर के पौराणिक घाट ब्रह्मावर्त, बारादरी, रानी लक्ष्मीबाई घाट की दीवारों पर लगाए गए लाल पत्थर उखड़कर नीचे गिर गए हैं। रानी लक्ष्मीबाई घाट पर लगा दरवाजा भी उखड़ रहा है। कौशल्या घाट और भैरव घाट की दीवारों पर दरारें दिखने लगी हैं। घाटों पर लगी रेलिंग भी हिल रही है। भाजपा विधायक का ये बयान उस वक्त आया है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिजनौर से लेकर बलिया तक 26 जिलों में पांच दिवसीय गंगा यात्रा पर निकल चुके हैं। योगी ने लखनऊ से गंगा रथ यात्रा की शुरुआत की है, जो नमामि गंगे परियोजना के तहत हुए विकास कार्यों एवं प्रोजेक्ट से जुडी बातों का प्रचार करेगी।

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