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मध्य प्रदेश की कमान कमलनाथ को, गहलोत ही होंगे राजस्थान के सीएम -सूत्र, टीएस देव हो सकते छत्तीसगढ़ के सीएम -सूत्र

मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलानाथ राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। सूत्रों के मुताबिक दो बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रह चुके अशोक गहलोत एक बार फिर राज्य की कमान संभालेंगे। छत्तीसगढ़ में भारी बहुमत के साथ कांग्रेस सरकार के नेतृत्व मौका टीएस सिंह देव को कमान मिल सकती हैं 

कानपुर में जन्में और देहरादून के प्रसिद्ध दून स्कूल में पढ़े कमलनाथ सातवीं लोकसभा के सदस्य इंदिरा गांधी की 1980 में सत्ता वापसी के दौर में बने। संजय गांधी के कोर गु्रप का सदस्य रहे कमलनाथ को पहली बार नरिसिम्हा राव सरकार में मंत्री बनने का मौका मिला। उन्हें वन एवं पर्यावरण मंत्रालय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नरसिम्हा राव ने दी। 2004 में वे मनमोहन सिंह सरकार में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री बनाए गए। कांग्रेस के महासचिव रह चुके कमलनाथ एक सफल उद्योगपति भी हैं। ख्याति प्राप्त बिजनेस स्कूल आईएमटी के वे संस्थापक हैं। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री पद की रेस में युवा नेता ज्योतिआदित्य सिंधिया भी शामिल थे। लेकिन उनके और कमलनाथ के मध्य राजस्थान की तरह सार्वजनिक शक्ति प्रदर्शन नहीं हुआ।

अशोक गहलोत वर्तमान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सबसे ताकतवर महासचिव हैं। उन्हें संगठन की जिम्मेदारी होने के चलते राहुल गांधी का खासा विश्वस्त माना जाता है। 1998 में पहली बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बने गहलोत को 2003 में सत्ता से बाहर वसुंधरा राजे ने किया था। 2008 में गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस ने सरकार में वापसी की। 2013 में वसुंधरा ने एक बार फिर गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर दिया था। 2018 में इतिहास एक बार फिर से दोहराया जा रहा है। अशोक गहलोत तीसरी बार राज्य के सीएम बनने ज रहे हैं। हालांकि इस बार उनकी राह पूर्व की भांति आसान नहीं रही। युवा नेता और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट से सीएम पद के लिए उन्हें कड़ा संघर्ष करना पड़ा है। 1982 में पहली बार केंद्र में मुख्यमंत्री बने गहलोत को लंबा प्रशासनिक अनुभव है। वे इंदिरा गांधी सरकार में पर्यटन मंत्रालय में उप मंत्री रहें, राजीव गांधी सरकार में वे पर्यटन व नागरिक उड्डन मंत्रालय में राज्यमंत्री रहे। 1989 में राजस्थान सरकार में गृहमंत्री बने। पीवी नरसिम्हा राव सरकार में कपड़ा मंत्री रहे गहलोत को संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने का अनुभव है। 1974 में वे राजस्थान एनएसयूआई के अध्यक्ष बने। तीन बार वे प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं।

छत्तीसगढ़ में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता वापसी करने वाले कांग्रेस सरकार का नेतृत्व टीएस सिंह देव के हाथो में  जा सकती हैं यहां तीन लोग सीएम पद के दावेदार बताए जा रहे थे। प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, ताम्रध्वज साहू और देव के मध्य चुनाव करने का फैसला पार्टी विधायक दल ने आलाकमान को सौंप दिया था। राहुल गांधी ने तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों का चयन करने से पूर्व कांग्रेस पार्टी के मोबाइल ऐप ‘शक्ति’ के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं से भी संवाद किया। छत्तीसगढ़ की सुरगुजा रियासत के वर्तमान उत्तराधिकारी त्रिभुवनेश्वर सिंह देव निवर्तमान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे।

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