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एमपी ‘हनीट्रैप कांड’ भाजपा-कांग्रेस नेताओ की सलिप्ता से सियासत गर्म  

 मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल लाने वाले हनीट्रैप मामले ने सनसनी मचा दी है। इस मामले में सत्तासीन कमलनाथ सरकार के साथ ही कांग्रेस और भाजपा के भी कई रसूखदार नेताओ की सलिप्ता सामने आ रही है। ज्यो ज्यो जाँच आगे बढ़ रही है नए नए रहस्योदघाटन हो रहे है। हनीट्रैप कांड में पकड़ी गई एक महिला भाजपा के शासनकाल में किशोर न्यायालय बोर्ड की सदस्य और बाल कल्याण समिति की सदस्य रह चुकी है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी एक महिला के भाजयुमो की पदाधिकारी रहने का दावा किया है। इसके अलावा एक अन्य युवती कांग्रेस से भी जुड़ी रही हैं।

दो दिन पूर्व इंदौर में हनी ट्रेप के आरोप में पकड़ी गई पांच महिलाओं में से दो ने कबूला है कि उनके रिश्ते प्रदेश के बड़े नेताओं व अफसरों से रहे हैं और उन्होंने इन लोगों का वीडियो बनाकर जमकर ब्लैकमेल भी किया है। महिलाओं की गिरफ्तारी के बाद चल रही पूछताछ से कई बड़े खुलासे हो सकते हैं, जो मध्य प्रदेश के अलावा देश की राजनीति में बड़़ा प्रभाव डाल सकते हैं।नगर निगम के इंजीनियर को हनीट्रैप में फंसाकर तीन करोड़ रुपए की मांग करने के मामले में पकड़ी गई महिलाओं ने पूछताछ में रसूखदार नेताओं सहित प्रशासनिक अफसरों को भी इसी तरह शिकार बनाना कबूला है।गिरफ्तार एनजीओ संचालिका ने नेताओ और अधिकारियो के आपत्तिजनक वीडियो बना लिए थे। 

वह सरकारी विभागों में सेंध लगाकर लाखों रुपए का अनुदान और ठेके लेती थी। इस मामले में पुलिस ने लैपटॉप, मोबाइल, कारें व 14 लाख रुपए नकद जब्त किए हैं। याद रहे कि इंदौर के नगर निगम इंजीनियर हरभजन सिंह गुलमर्ग ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि कुछ महिलाएं ब्लैकमेल कर तीन करोड़ रुपए की मांग कर रही हैं। उसके बाद पुलिस ने दो महिलाओ को पकड़ा था। इस मामले में सिर्फ दो महिलाएं ही नहीं है बल्कि और भी कई युवतिया शामिल है जिनके माध्यम से मध्य प्रदेश के बड़े नेताओ को ब्लैकमेल किया गया। अभी कई राज सामने आने बाकि है।

मध्यप्रदेश की सियासत में हलचल पैदा कर देने वाले हनीट्रैप कांड से जुड़ीं युवतियां अपने शिकार को जाल में फंसाने में पूरी सतर्कता बरतती थीं। उन्होंने होटलों में रुकने के लिए कई फर्जी पहचानपत्रों का सहारा लिया, यह खुलासा पुलिस की जांच में हुआ है। इंदौर के एक इंजीनियर की शिकायत के बाद पकड़ी गईं पांच महिलाओं में से तीन और एक पुरुष तो जेल में है, मगर दो युवतियां अभी पुलिस रिमांड पर हैं। पुलिस को युवतियों से पूछताछ में पता चला कि वे इंदौर में कई बार होटल में रुक चुकी हैं। उन्होंने होटलों में कमरे भी बुक कराए। पुलिस ने जब होटल में जाकर पता किया तो वहां कमरे बुक कराने की पुष्टि हुई, मगर पुलिस के हाथ कई फर्जी पहचान पत्र हाथ लगे हैं।

पुलिस को अभी सिर्फ 15 मिनट का एक वीडियो मिला है। दूसरा वीडियो भी तलाशा जा रहा है। एक तरफ पुलिस जांच कर रही है तो दूसरी ओर करोड़ों रुपये के लेन-देन का खुलासा होने के बाद आयकर विभाग ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। पकड़ी गई महिलाओं के पुराने रिकार्ड और लेन-देन की छानबीन की जा रही है।

पुलिस के हाथ ऐसी जानकारी लगी है कि इस गिरोह में और भी कई महिलाएं हैं, जो भोपाल में रहती नहीं हैं, मगर समय-समय पर भोपाल लाई जाती थीं। इनके फोन नंबर भी पुलिस को मिल गए हैं। पकड़ी गई महिलाओं से बरामद मोबाइल और लैपटॉप आदि से मिली जानकारी कई बड़े राज खोल सकती है। पुलिस को बड़ी संख्या में वीडियो और ऑडियो क्लिप भी मिले हैं। सौ से ज्यादा फोन नंबर भी पुलिस के हाथ लगे हैं, जिनकी जांच की जा रही है। अगर पुलिस नई जांच निष्पक्ष की तो इस मामले में भाजपा और कांग्रेस के बड़े बड़े नेताओ के नाम सामने आ सकते है।

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