Country

..तो क्या कम हो रहा है मोदी का जादू ?

यह कमाल की खबर है पर बड़े अरसे बाद ऐसी खबर आई है। इससे पहले अखबारों में और न्यूज चैनलों पर खबर आती थी कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जहां जहां प्रचार किया वहां वहां कांग्रेस का उम्मीदवार हार गया। इसके कंट्रास्ट में खबर दिखाई जाती थी कि जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभा की वहां भाजपा और सहयोगी पार्टियों का उम्मीदवार जीता। पर इस बार महाराष्ट्र और हरियाणा दोनों के चुनाव नतीजों में तस्वीर पलट गई। दोनों राज्यों में राहुल गांधी ने बहुत कम सभा की इसलिए उनका विश्लेषण नहीं हुआ पर जहां जहां प्रधानमंत्री मोदी की सभाएं हुईं उनमें से ज्यादातर जगहों पर भाजपा हार गई। यह भी कहा जा रहा है कि जिन उम्मीदवारों ने पाकिस्तान, 370, राष्ट्रवाद आदि का ज्यादा जिक्र किया वे भी हारे। इसमें दो खिलाड़ियों योगेश्वर दत्त और बबीता फोगाट का खासतौर से नाम लिया जा रहा है।
बहरहाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा में सात रैलियां की इनमें से छह इलाकों में भाजपा हारी। रेवाड़ी में प्रधानमंत्री मोदी की बड़ी रैली हुई, जहां उन्होंने करीब 45 मिनट भाषण दिया। पर इस सीट से लालू प्रसाद के दामाद और कांग्रेस उम्मीदवार राव चिरंजीवी जीते। प्रधानमंत्री ने एलनाबाद में भी रैली की पर वहा से इंडियन नेशनल लोकदल के नेता अभय सिंह चौटाला चुनाव जीते। प्रधानमंत्री ने गोहाना, बराड और दादरी में भी रैली की पर इन इलाकों में भी भाजपा का उम्मीदवार नहीं जीत सका। सिर्फ हिसार एकमात्र क्षेत्र है, जहां प्रधानमंत्री की रैली हुई थी और भाजपा का उम्मीदवार जीता था।
महाराष्ट्र में तस्वीर इससे थोड़ी अलग है। पर महाराष्ट्र में नतीजों की व्याख्या दो सीटों से की जा रही है। पहली सीट परली विधानसभा की है और दूसरी सतारा लोकसभा की। परली में भाजपा के दिग्गज नेता दिवंगत गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा मुंडे का चुनाव अभियान अमित शाह की रैली से शुरू हुआ हुआ था और प्रधानमंत्री मोदी की रैली से खत्म हुआ था। पर इस सीट से तीसरी बार चुनाव लड़ रही पंकजा मुंडे हार गईं। इसी तरह सतारा लोकसभा के उम्मीदवार उदयन राजे भोसले को खुद अमित शाह ने पार्टी में शामिल कराया था और कहा था कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि छत्रपति शिवाजी के वंशज भाजपा में शामिल हुए। पर भोसले भी चुनाव हार गए।

You may also like