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मोदी-ट्रंप की साझा रैली 

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सितारा इन दिनों बुलंद है उनकी लोकप्रियता का ग्राफ निरंतर बढ़ता ही जा रहा है। खास बात यह है कि मोदी की लोकप्रियता न केवल देश के भीतर है ,बल्कि विदेशों में भी उन्हें चाहने वालों की एक बहुत बड़ी संख्या है। विदेशों में भारतीय मूल के लोग उन्हें मिलने को लालायित होते। हैं

प्रधानमंत्री मोदी 21 सितंबर को अमेरिकी दौरे पर जा रहे हैं। वह सबसे पहले ह्यूस्टन पहुंचेंगे, फिर वह 23 से 27 सितंबर तक यून महासभा सम्मेलन में शामिल होंगे।  ट्रंप और मोदी के बीच 25 और 26 सितंबर को द्विपक्षीय वार्ता की संभावनाओं को देखा जा रहा है।

22 सितंबर को ह्यूस्टन में होने वाले हाउडी मोदी कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शिरकत करेंगे। उन्होंने कल 15 सितम्बर रविवार को इस बात की पुष्टि भी कर दी है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल होंगे। ऐसा पहली बार होगा जब अमेरिकी राष्ट्रपति भारतीय समुदाय के किसी कार्यक्रम में शामिल होंगे। वहीं प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने से पहले हाउडी मोदी के अलावा अमेरिकी कंपनियों के सीईओ के साथ राउंडटेबल मीटिंग भी करेंगे।

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो नई दिल्ली और वाशिंगटन के अफसर ट्रंप के दोनों या फिर किसी एक कार्यक्रम में शामिल होने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। वहीं हाउडी मोदी कार्यक्रम के लिए अब तक 50 हजार से अधिक लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। हाउडी का मतलब होता है, हाउ डू यू डू? (आप कैसे हैं?) दक्षिण पश्चिम अमेरिका में अभिवादन के लिए इस शब्द का प्रयोग किया जाता है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव स्टेफनी ग्रिशम ने एक बयान में कहा, ‘यह मोदी-ट्रंप की साझा रैली होगी। अमेरिका और भारत के लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने, दुनिया के सबसे पुराने एवं सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच रणनीतिक साझेदारी की पुन: पुष्टि करने और उनकी ऊर्जा तथा व्यापारिक संबंधों को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा करने का बेहतरीन मौका होगा।’ यह पहला मौका होगा जब कोई अमेरिकी राष्ट्रपति एक ही स्थान पर इतनी बड़ी संख्या में मौजूद भारतीय-अमेरिकियों को संबोधित करेंगे।
यह पहला मौका होगा जब कोई अमेरिकी राष्ट्रपति एक ही स्थान पर इतनी बड़ी संख्या में मौजूद भारतीय-अमेरिकियों को संबोधित करेंगे।

अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि ट्रंप का ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में हिस्सा लेना ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है। श्रृंगला ने बताया कि यह दोस्ती तथा सहयोग के मजबूत रिश्तों को दर्शाता है, जो भारत और अमेरिका के बीच विकसित हुए हैं।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप के साथ हुई मुलाकात में इसका अनुरोध किया था। भारत जी-7 का हिस्सा नहीं है लेकिन फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने उसे विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया था। अधिकारी ने कहा कि ट्रंप ने तुरंत ही प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था। मोदी और ट्रंप के बीच इस साल यह तीसरी मुलाकात होगी। जी-7 से पहले दोनों नेताओं ने जून में जापान में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात की थी।

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