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शिक्षा के मंदिर में दुराचार

देश के गृह मंत्री अमित शाह महिला सुरक्षा के कसीदे पढ़ते थकते नहीं हैबल्कि  जीरो टॉलरेंस, न्यूनतम अपराध,बेहतर कानून व्यवस्था का भी दावा करते रहे हैं,लेकिन देश की मौजूदा हालत कुछ और ही बया कर रही है।

 

दरअसल, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है।दिल्ली की केन्द्रीय विद्यालय में शौचालय के अंदर 11 साल की छात्रा से स्कूल के दो छात्रों  ने जुलाई 2022 कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया था।अब जाकर इस मामले खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस और विद्यालय  प्रशासन को इस बात की जानकारी उस समय मिली जब दिल्ली महिला आयोग ने सूचना मिलने पर दोनों एजेंसी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। फिलहाल दिल्ली महिला आयोग की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पर दिल्ली पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट में छात्रा ने आरोप लगाया है कि जुलाई 2022 में वो स्कूल में अपनी कक्षा में जा रही थी, तभी वो दो लड़कों से टकरा गई, जो उसी स्कूल के छात्र थे और 11वीं-12वीं में पढ़ते थे। उसने लड़कों से माफी मांगी, लेकिन वे उसे गाली देने लगे और उसे टॉयलेट के अंदर ले गए। जिसके बाद  लड़कों ने टॉयलेट का दरवाजा अंदर से बंद कर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस घटना के बाद छात्रा ने विद्यालय के एक शिक्षक को इसकी जानकारी तो उसे बताया गया कि लड़कों को विद्यालय   से निकाल दिया गया है, लेकिन मामले का खुलासा होने के बाद ये बात सामने आई है कि  शिक्षक  ने मामले को कथित तौर पर दबाने की कोशिश की थी। क्योंकि शिक्षक ने  ना तो इस  विद्यालय  प्रशासन को दी न ही दिल्ली पुलिस को।

 

इस मामले को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मामले पर खुद संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस और विद्यालय की प्रिंसिपल को नोटिस जारी करके रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने दिल्ली पुलिस से एफआईआर की कॉपी और गिरफ्तारी की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। आयोग ने दिल्ली पुलिस और स्कूल से कथित रूप से दिल्ली पुलिस को मामले की रिपोर्ट नहीं करने के लिए विद्यालय के शिक्षक अथवा किसी अन्य स्टाफ के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी देने को भी कहा है। इसके अलावा दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि छात्रा ने विद्यालय के शिक्षक पर मामला दबाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजधानी के विद्यालय में भी बच्चों के लिए असुरक्षित हैं। मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही इस मुद्दे पर स्कूल अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने डिप्टी कमिश्नर अमृता गुगुलोथ ने कहा कि इस मामले में ईपीसी की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

दूसरी तरफ केंद्रीय विद्यालय संगठन के रीजनल ऑफिस ने भी जांच शुरू की है। इस मामले पर  केंद्रीय विद्यालय संगठन  का कहना है कि विद्यालय को छात्रा या उसके परिवार की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली थी। इस बीच में पेरेंट्स-टीचर्स की मीटिंग हुई थी, तब भी ऐसी कोई शिकायत नहीं की गई।

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