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ग्रेटर नोएडा के दुजाना में रहस्यमय बनी मनोज की मौत,5 दिन बाद भी रिपोर्ट दर्ज नही

ग्रेटर नोएडा के दुजाना निवासी मनोज नागर ( 24 ) की मौत का रहस्य गहराता जा रहा है। 5 दिन पूर्व मनोज की डेड बॉडी कल्दा नहर में मिली थी । तब पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही कह दिया था कि उसकी पानी में डूबकर मौत हुई है। बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो उसमें भी इसकी पुष्टि हुई है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ मनोज के परिजनों का आरोप है कि मनोज की हत्या की गई है । इस मामले में मृतक मनोज के परिजन बादलपुर कोतवाली में हत्या की रिपोर्ट दर्ज करना चाहते हैं। लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट लिखने से स्पष्ट इंकार कर दिया है।

रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कल गांव के सैकड़ों लोग सूरजपुर स्थित डीसीपी ऑफिस पहुंचे थे । जहां लोगों ने डीसीपी ऑफिस का घेराव किया। तब उन को आश्वस्त किया गया कि उनकी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी । लेकिन मनोज की मौत को आज 5 दिन हो गए हैं, अभी तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। कोतवाली बादलपुर के एसएचओ पटनीश कुमार का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मनोज की डूबने से मौत हुई है । जिस पर वह रिपोर्ट दर्ज नहीं करेंगे । अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के निशान होते या कुछ और वजह होती तो रिपोर्ट दर्ज की जाती।

गौरतलब है कि गत 23 जुलाई को गांव दुजाना के निवासी बलेराम के 24 वर्षीय पुत्र मनोज नागर की कल्दा नहर में डेड बॉडी मिली थी । तब कहा गया कि वह अपने दोस्तों के साथ नहर पर बैठकर शराब पी रहा था , ज्यादा नशा होने के कारण वह नहर में गिर गया और उसकी मौत हो गई । इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर डेडबाडी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए भेज दी थी। 4 दिन बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो उसमें मौत का कारण नहर में डूबना बताया गया ।

लेकिन पानी में डूबने से मौत को मृतक के परिजनों ने नकार दिया है। उन्होंने कहा है कि मनोज की मौत पानी में डूबने से नहीं बल्कि उसकी हत्या की गई है । जिसके लिए मनोज के परिजन कुछ लोगों के नाम के साथ बादलपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करना चाहते हैं । मृतक मनोज के पिता बलेराम कहते हैं कि उनके गांव दुजाना के कुछ लड़के तथा उनके रिश्तेदार मनोज के मर्डर में शामिल है।

वह बताते हैं कि 22 जुलाई को शाम को ही मनोज को उसके 7 साथी नहर पर ले गए थे। जहां उसे पूरी रात खूब शराब पिलाई गई । इस दौरान वह अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए । उसके बाद रात को 5:00 बजे मनोज अपने घर आकर सो गया। लेकिन 23 जुलाई की सुबह 8:00 बजे मनोज के साढू लगने वाला रिश्तेदार जो घोट पाचली के है वह और गांव के लडके आए। उन्होंने कहा कि उनकी गाड़ी खराब हो गई है। गाड़ी को सही कराने के बहाने वह मनोज को घर से बुलाकर ले गए । एक बार फिर उन्होंने मनोज को नहर पर ले जाकर खूब शराब पिलाई। इसके बाद उसकी हत्या करके डेड बॉडी नहर में डाल दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में वह कहते हैं कि वह रिपोर्ट पैसे देकर बदलवा दी गई है। जबकि उनके बेटे को शराब में जहर देकर मारा गया है ।

जबकि मृतक मनोज नागर की पत्नी सरस्वती ने पुलिस कमिश्नर को लिखे पत्र में कहा है कि उसके पति मनोज की हत्या की गई है । जिसमें सरस्वती ने कहा है कि बॉबी पुत्र सुभाष , नीतू पुत्र गजेंद्र , पम्मी पुत्र नामालूम समस्त निवासी दुजाना जिला गौतम बुद्ध नगर और मनु पुत्र पप्पू सहित उसके अन्य दो साथी निवासी घाट पांचली जिला मेरठ का नाम लेते हुए कहां है कि इन लोगों ने उनके पति की हत्या कर दी। जिसमें सरस्वती मनोज के साथ उक्त लोगों का पैसे के लेनदेन का भी जिक्र कर रही है।

 

सरस्वती की माने तो 23 जुलाई को डेड बॉडी मिलने के बाद वह 24 जुलाई को कोतवाली बादलपुर में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने गई थी। लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। सरस्वती का कहना है कि पुलिस ने पहले कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद एफ आई आर की जाएगी। लेकिन अब जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है तो कोतवाली बादलपुर पुलिस कह रही है कि विसरा रिपोर्ट आने के बाद मामला दर्ज कराएंगे । साथ ही वह पुलिस की मिलीभगत का भी आरोप लगा रही है। मनोज की पत्नी सरस्वती का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को छोड़ने के लिए मोटी डील की है। तभी वह उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नही कर रही है।

“दि संडे पोस्ट” ने इस मामले में घटनास्थल का दौरा किया। जहां जाकर कल्दा नहर पर देखा गया कि नहर में सिर्फ घुटने तक पानी है । इस पानी में 24 साल का युवक डूब जाएगा यह कही से भी संभव नहीं लगता है। जिस तरह से मनोज का डीलडोल था तथा वह इतना कमजोर भी नहीं था कि शराब के नशे में अगर नहर में गिर जाता तो उससे उठा नहीं जाता।

फिलहाल, इस मौत के मामले में कई पेंच नजर आ रहे हैं । जिसमें यह कि अगर मनोज की मौत नहर में नहाते समय पानी में डूबने से हुई तो उसके साथियों ने उसकी खबर उसके परिजनों को क्यों नहीं दी । साथ ही सवाल यह भी है कि क्या घुटने तक पानी में कोई नहाते समय मौत के मुंह में जा सकता है ? जिस तरह से मनोज की डेड बॉडी मिली है उससे वह घास फूस में पड़ा हुआ मिला । मृतक की अंतिम स्थिति में मिली डेडबाडी के फोटो देखे तो उसके पैर नहर की पटरी की तरफ है। ऐसे में सवाल यह है कि अगर कोई पानी में नहाते समय डूबेगा तो उसके पैर पटरी की तरफ क्यों होंगे ?

उधर , इस मामले में लोगों का कहना है कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मनोज की मौत को स्वाभाविक दर्शाया जा रहा है। अगर इस मामले में पुलिस गहन छानबीन करे तो मौत के असली रहस्य का खुलासा हो सकता है। लेकिन उसके लिए रिपोर्ट दर्ज होना जरूरी है। “दि संडे पोस्ट” ने जब इस बाबत बादलपुर कोतवाली के एसएचओ पटनीश कुमार से बात की तो उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसा कुछ नही है कि रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकें। इसके साथ ही वह कहते हैं कि विसरा रिपोर्ट की जाँच आने के बाद ही तय होगा कि रिपोर्ट दर्ज होगी या नहीं।

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