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मुख्यमंत्री नीतीश की बैचेनी बढ़ा रहे मांझी के बदलते सुर  

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा ( हम ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चाओं में है। पिछले विधानसभा चुनावों से पहले ही मांझी नीतीश कुमार के साथ एनडीए में मिल गए थे। तब उनकी पार्टी हम ने एनडीए के साथ मिलकर चुनाव लड़ा। बिहार विधानसभा चुनावों में मांझी की पार्टी को महज चार सीट मिली। हालाँकि विधानसभा चुनावों में मांझी और उनकी पार्टी को उम्मीद के मुताबिक जितनी सीट मिलनी चाहिए थी उतनी मिली नहीं। वह महज चार सीटों तक सिमट गए।

चुनाव के बाद मांझी को नीतीश कुमार ने हासिए पर डाल दिया। एक भी मंत्री मांझी की पार्टी का नहीं बनाकर नीतीश कुमार ने यह जता दिया कि उनकी नजर में ‘हम’ का कोई राजनितिक वजूद नहीं है। तभी से मांझी एनडीए से अंदर ही अंदर ख़फ़ा नजर आ रहे थे। खासकर भाजपा से। नीतीश कुमार की वह आलोचना न करते हुए भाजपा पर वार करते दिख रहे है। वे अपने ट्वीट में हर बार नीतीश कुमार की प्रशंसा तो करते हैं, मगर बीजेपी से दूरी बनाकर भी रखते हैं। कहा जा रहा है कि मांझी अब एक तीर से दो निशाने साध रहे है।
 फिलहाल , जीतन राम मांझी ने अपने ट्वीट में एक तरफ भाजपा को निशाने पर लिया तो दूसरी तरफ राष्‍ट्रीय जनता दल के नेता व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव को बिहार का भविष्‍य बता दिया। इससे बिहार की राजनीति में सियासी खलबली मच गई है। बिहार के राजनितिक गलियारों में मांझी के ट्वीट पर चर्चा शुरू हो गई है। चर्चा यह है कि बीते दिन के उनके दो ट्वीट क्‍या बिहार में बदलते राजनीतिक समीकरण की ओर भी इशारा तो नहीं कर रहे हैं? दूसरा यह भी हो सकता है कि मांझी इस तरह नीतीश कुमार सरकार पर अपने विधायकों को मंत्री बनाने की प्रेशर पॉलटिक्स कर रहे हो। मांझी के बदलते सुर कही न कही यह भी संकेत देते नजर आ रहे है कि एनडीए में सब कुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है।
गौरतलब है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने दो दिन पहले दो ट्वीट किए। जिसमे एक ट्वीट में उन्‍होंने लिखा है कि नीतीश कुमार से राजनीति में गठबंधन धर्म को निभाना सीखा जा सकता है। किसी का नाम लिए बिना उन्‍होंने इशारों में ही आगे लिखा कि गठबंधन में शामिल दलों के आंतरिक विरोध और साजिशों के बावजूद भी उनका सहयोग करना नीतीश कुमार की राजनीतिक महानता है। मांझी ने आगे नीतीश कुमार के इस जज्‍बे को सलाम किया है। देखा जाए तो मांझी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कोई सीधा निशाना नहीं  है। लेकिन बावजूद इसके जितिन राम मांझी का यह सियासी दांव नीतीश कुमार को बैचेन कर रहा है।
नीतीश कुमार की बैचेनी का कारण मांझी के मन में तेजस्वी यादव के प्रति सॉफ्ट कॉर्नर है।  जो उनके दूसरे ट्वीट में साफ झलकता है। दूसरे ट्वीट में तेजस्वी यादव के प्रति अपना सॉफ्ट कॉर्नर दिखाते हुए तेजस्वी यादव को बिहार का भविष्य तो बताया ही वह यहां तक कह गए कि सही वक्त पर सबकुछ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जब आप अपने दल के राजनीतिक कार्यक्रम खरमास के बाद आरंभ कर रहे हैं, तो मंत्रिपरिषद के विस्तार पर इतने क्यों उतावले हो रहे हैं? सही वक्त पर सबकुछ हो जाएगा। बस आप पॉजिटिव राजनीति कीजिए।

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