[gtranslate]
Country

मध्यप्रदेश सरकार नहीं जानती रतलाम में 10 लोगों की मौत कैसे हुई, जांच समिति गठित 

मध्यप्रदेश सरकार नहीं जानती रतलाम में 10 लोगों की मौत कैसे हुई, जांच समिति गठित 

देश में जब लॉकडाउन चल रहा था तो मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में शराब माफिया का राज चल रहा था। हालांकि, कहने को तो शराब बंद थी। लेकिन शराब तस्कर खुलेआम नशे की सप्लाई कर रहे थे। इसी का नतीजा था कि रतलाम में 10 लोगों की मौत हो गई  लोगों की मौत कैसे हुई, इसके बारे में प्रशासन भी कुछ स्पष्ट नहीं कह पा रहा है। एक तरफ प्रशासन यह कह रहा है कि कुछ लोग कोरोना बीमारी से मरे। जबकि दूसरी तरफ प्रशासन यह भी कह रहा है कि मृतको ने जहरीली शराब का सेवन किया था। 10 लोगों की मौत हुए दो दिन हो गए हैं लेकिन शिवराज सिंह चौहान सरकार अभी तक यह पता नहीं लगा पाई है कि मौत कैसे हुई।

आखिर सबसे बड़ा सवाल यह है कि लॉकडाउन में जब सभी सरकारी ठेके बंद थे तो शराब की तस्करी कौन कर रहा था? आखिर शराब की तस्करी किस की सरपरस्ती में हो रही थी? फिलहाल, इस मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने जांच समिति गठित कर दी है। लेकिन सोचनीय सवाल यह है कि देश की पूरी मीडिया कल से खुले ठेकों पर लगी लंबी-लंबी लाइनों की बड़ी-बड़ी खबरें दिखा रही है लेकिन मध्यप्रदेश के रतलाम में 10 लोगों की मौत को जनता के सामने नहीं लाया जा रहा है, इसे क्या कहेंगे? ऐसे में जबकि मध्यप्रदेश सरकार अभी तक स्पष्ट नही कर पाई है कि प्रदेश में 10 मौत कोरोना से हुई या जहरीली शराब पीने से?

पता चला है कि भड़वासा के तीन लोगों ने एक मई की रात में अपने कुएं के पास शराब पी थी और पंचेड़ के तीन लोगों ने एक मई की दोपहर में खेत में शराब पी थी। उसके बाद इन लोगों को जी घबराने व उल्टी की शिकायत हुई। जिसके बाद उन्हें इलाज हेतु जिला चिकित्सालय लाया गया। जहां 24 घंटों में 10 लोगों की मौत हो गई।

मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में महज 12 घंटे के अंतराल में 10 लोगों की जान चले जाने से सरकार असमंजस की स्थिति में है। बताया जा रहा है कि एक युवक की आंखों की रोशन चली गई। इसमें ज्यादातर मौतों का कारण जहरीली शराब सामने आ रहा है। हालांकि, शराब से मौत के मामले तीन-चार में ही सामने आए हैं। अस्पताल और जिला प्रशासन ने मृतकों में से पांच को कोरोना संदिग्ध मानते हुए जिला मुख्यालय पर ही भक्तन की बावड़ी मुक्तिधाम पर अंतिम संस्कार कर दिया। महज 12 घंटे के अंतराल से 10 लोगों की मौत से पुलिस और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। मृतकों में ज्यादातर लोग नामली थाने के अलग-अलग गांवों के हैं।

मृतकों में से ऋतुराज सिंह पिता रघुनन्द 35 नामली, पप्पू पिता प्रहलाद सिंह 22 निवासी गांधीनगर रतलाम हाल मुकाम रुघनाथगढ़, अर्जुन पिता भेरुनाथ 30 भदवासा, वीरेंद्रसिंह पिता गोपालसिंह 34 पाताखेड़ी, जावरा और कांताबाई पति जगदीश 35 निवासी कलालिया (बर्न के बाद) हैं। इन पांचों का कोरोना मरीजों की तरह ही भक्तन की बावड़ी मुक्तिधाम पर अंतिम संस्कार किया गया। इन्हें कोरोना संदिग्ध मानते हुए इनके सेंपल ले लिए गए हैं।

इसके अलावा भेरूलाल नन्दू 33 निवासी अंगेटी बड़ौदा अटैक से, जसवंत सिंह पिता रतन लाल कालबेलिया 26 निवासी भदवासा, उल्टी बुखार, प्रताप सिंह पिता रामसिंह 26 निवासी भारोड़ा, दिनेश उर्फ कारगिल पिता अंबाराम 40 निवासी सब्जी मंडी नामली, राजेंद्रसिंह पिता माधवसिंह 45 निवासी सनावदा थाना स्टेशन रोड, उमेश पिता विंज्या खराड़ी 45 गांव चिल्लर थाना डीडीनगर और जेहरा बेन पिता नजर हुसैन खाचरोदवाला निवासी बोहरा बाखल, रतलाम हैं।

You may also like

MERA DDDD DDD DD