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Country Indian Economy

एक अक्‍टूबर से सस्‍ता मिलेगा लोन,  होगी  रेपो रेट में कटौती

आरबीआई ने 1 अक्टूबर से सभी नए वेरिएबल रेट लोन पर ब्याज को रेपो रेट से जोड़ने का निर्देश दिया है। आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे होम लोन, ऑटो लोन के साथ एमएसएमई सेक्टर को इससे जोड़ें। शीर्ष बैंक ने रेपो जैसे बाहरी बेंचमार्क के तहत ब्याज दरों में 3 महीने में कम से कम एक बार बदलाव करने को कहा है।

आरबीआइ का यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस साल जनवरी से लेकर अब तक रेपो रेट में 1.10 प्रतिशत अंक की कटौती के बावजूद बैंकों ने ग्राहकों को कर्ज की दरों में लगभग 0.40 प्रतिशत अंक की राहत ही दी है। आरबीआइ ने बार-बार बैंकों से आग्रह भी किया है कि वे रेपो रेट में कटौती के अनुरूप अपनी ब्याज दरों में भी कमी करें।अप्रैल से बैंक 0.85 फीसद तक की कटौती कर चुका है। रिजर्व बैंक का कहना है कि उसकी रेपो दर में 0.85 फीसद कटौती के बाद बैंक अगस्त तक केवल 0.30 फीसद तक ही कटौती कर पाए हैं।

उधर बैंकों का कहना है कि उसकी देनदारियों की लागत कम होने में समय लगता है जिसकी वजह से रिजर्व बैंक की कटौती का लाभ तुरंत ग्राहकों को देने में समय लगता है।

आरबीआई ने इस साल अप्रैल में कहा था कि वह इस संबंध में कोई निर्णय लेने से पहले सभी पक्षों के साथ विचार-विमर्श करेगा। इसके बाद ही आरबीआई ने अब यह कदम उठाया है। वैसे अब तक आठ बैंक अपनी उधारी दरें रेपो रेट से लिंक कर चुके हैं।

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