[gtranslate]
Country

माॅब लिंचिंग पर चिंतित बुद्धिजीवियों का पीएम को पत्र

आज माॅब लिंचिंग और जातिवाद को लेकर जितनी चर्चा हो रही है। शायद ही पहले कभी इस तरह का माहौल पैदा हुआ हो, 2014 से लेकर अब तक कम से कम 150 से भी ज्यादा लोग माॅब लिंचिंग के शिकार हुए हंै।

माॅब लिंचिंग की घटनाओं पर एक बार फिर से बुद्धिजीवियों, कलाकारों का एक धड़ा सामने आता दिख रहा है। इस क्रम में आज 49 हस्तियों के हस्ताक्षर वाली एक चिट्ठी चर्चा में आ गई। इस चिट्ठी को लेकर विवाद भी शुरू होता नजर आ रहा है।

चिट्ठी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी गई है, जिसमें देश के अंदर नस्लीय और जातीय धार्मिक हिंसा पर नाराजगी जताई गई है। दरअसल, मशहूर निर्देशक मणिरत्नम की टीम ने उन रिपोर्ट्स को खारिज किया है जिसमें चिट्ठी में साइन करने वालों में मणिरत्नम का भी नाम बताया जा रहा है। टीम के मुताबिक मणिरत्नम इस वक्त अपनी आने वाली फिल्म के प्री प्रोडक्शन काम में व्यस्त हैं। उन्होंने ऐसी किसी चिट्ठी पर न तो हस्ताक्षर किए हैं और न ही ऐसी कोई चिट्ठी उनके सामने सपोर्ट के लिए प्रस्तुत की गई है।

प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी में साहित्य, सिनेमा, इतिहास और कला जगत की 49 हस्तियों के हस्ताक्षर भी हैं। इनमें अदूर गोपालकृष्णन, रामचंद्र गुहा, अनुराग कश्यप जैसे दिग्गजों के नाम शामिल हैं। अब मणिरत्नम के इनकार के बाद चिट्ठी को लेकर विवाद हो सकता है।

सभी हस्तियों ने पीएम मोदी से मांग की है कि वे माॅब लिंचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाएं और आरोपियों को कड़ी सजा दी जाए। अहसमति को कुचला ना जाए। पत्र में लिखा है, हमारा संविधान भारत को एक सेकुलर गणतंत्र बताता है, जहां हर धर्म, समूह, लिंग, जाति के लोगों के बराबर अधिकार हैं। इस पत्र में मांग की गई है कि दलितों, मुस्लिमों और दूसरे अल्पसंख्यकों की लिंचिंग की रोकथाम हो। ये भी लिखा है कि पीएम मोदी के मात्र ऐसी घटनाओं की आलोचना कर देने भर से काम नहीं चलेगा।

You may also like

MERA DDDD DDD DD