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Country Uttarakhand

कुंभ में हुई किरकिरी से लिया सबक, कैंची धाम मेला रद्द 

पिछले महीने हरिद्वार में कुंभ मेले के आयोजन से कोरोना पीड़ितों की संख्या में देशभर में इजाफा हुआ। जिसमें उत्तराखंड सरकार की काफी किरकिरी हुई । इसके बाद अब सरकार ने सबक लेते हुए कुमाऊं के नैनीताल जिले में भवाली के पास लगने वाला बाबा नीब करोली कैंची धाम पर लगने वाला मेला निरस्त कर दिया है । यह मेला हर वर्ष 15 जून से लगता है । पिछले साल भी कोरोना काल के चलते इस मेले को रद्द कर दिया गया था।

पिछले महीने हरिद्वार में कुंभ स्नान पर लाखों की तादात में लोग पहुंचे थे। इस दौरान कोरोना संक्रमण के 2,642 मामले दर्ज किए गए हैं। जिनमें कई वरिष्ठ हिंदू धार्मिक नेता भी शामिल हैं। हालांकि हजारों की संख्या में ऐसे मामले थे जो दर्ज ही नहीं किए गए। इनमें साधु संत के अलावा बहुत से श्रद्धालु थे जो गंगा की डुबकी के साथ ही कोरोना को अपने साथ ले गए।

इससे देशभर में कोरोना फैल गया । कोरोना के मद्देनजर कुंभ मेले के आयोजन को रद्द करने की मांग उठती रही थी। लेकिन सरकार ने ऐसी मांगों को अनसुना करते हुए कुंभ स्नान की स्वीकृति दे दी थी। हालांकि सरकार ने यह स्वीकृति उन लोगों को ही दी थी जो आरटी पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट
71 घंटे पहले से जारी की गई हो उसको लेकर ही आएंगे । इसके बावजूद भी काफी लोग कुंभ स्नान के बाद कोरोना पॉज़िटिव पाए गए।

वो लोग जो यहां से घर लौट कर कोरोना पॉज़िटिव पाए गए उनमें उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और नेपाल के पूर्व राजा और रानी ज्ञानेंद्र शाह और कोमल शाह शामिल हैं। कुंभ से लौटने के बाद मुंबई के एक अस्पताल में बॉलीवुड के जानेमाने संगीतकार श्रवण राठौर की मौत हो गई। जबकि एक अखाड़े के नौ साधुओं की भी कोरोना के कारण मौत हो गई थी।

गौरतलब है कि हर वर्ष प्रतिष्ठा दिवस ( 15 जून ) के अवसर पर भवाली से आगे कैंची धाम में मेले का आयोजन किया जाता है। जिसमें देश के हर राज्य से भक्तजन यहां पहुंचते थे। मेले को लेकर भक्तों मे काफी उत्साह बना रहता था। इतना ही नही इस मेले में विदेशों से भी हजारों भक्त आते थे। गत वर्ष कोरोना के कारण मंदिर में प्रवेश बंद था। लेकिन इस बार लोगों को उम्मीद थी कि बाबा का दरबार जरूर खुलेगा। लेकिन उनकी यह मंशा पूरी नही हुई।

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