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दो घंटे तक भारतीय राजनयिक से हुई कुलभूषण जाधव की मुलाकात

 पाकिस्तान और भारत में व्याप्त तनाव के बीच पाकिस्तान की जेल में 3 साल से अधिक वक्त से बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की मुलाकात भारतीय राजनयिकों से खत्म हो गई है। यह मुलाकात एक सबजेल में कराई गई और निर्धारित समय से एक घंटे की देरी से अधिकारियों को उनसे मिलने दिया गया। इस बीच पाकिस्तान ने मुलाकात की जगह भी बदली। पहले भारतीय राजनयिक गौरव अहलुवालिया की मीटिंग पाक विदेश मंत्रालय के मुख्य ऑफिस में तय की गई थी लेकिन पाकिस्तान ने फिर अपने पाक इरादे से किसी अज्ञात स्थान पर मीटिंग की बात कही दी । सरकारी सूत्रों के अनुसार, 2 घंटे का समय जाधव से मिलने के लिए दिया गया था। इससे पहले भारतीय राजनयिकों की जाधव से मुलाकात 2 अगस्त को करवाई जानी थी लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से इसे कैंसल कर दिया गया था। अंतरराष्ट्रीय दबाव में पाकिस्तान ने भारतीय नगारिक कुलभूषण जाधव को  कॉउन्सलर ऐक्सेस तो दे दिया, लेकिन इसमें भी वह अपनी नापाक हरकतों से नहीं चूका। भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा को एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया है कि भारतीय राजनयिक ने कुलभूषण से मुलाकात की। यह स्पष्ट था कि वे अत्यधिक दबाव में थे। उन पर पाक के झूठे दावे को सही साबित करने का दबाव स्पष्ट दिखाई दे रहा था। पाकिस्तान जाधव को राजनयिक पहुंच देने से हमेशा इनकार करता रहा है। भारत हर बार विएना संधि का हवाला देकर अपने नागरिक से मुलाकात की अपील करता रहा लेकिन पाक उसे ठुकराता रहा है। अंतरराष्ट्रीय दबाव में उसने जाधव से उनकी मां और पत्नी की  मुलाकात कराई थी लेकिन इसका भी उसने तमाशा बना दिया था जिसकी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर काफी आलोचना हुई थी।

क्या होता है कॉउन्सलर एक्सेस
दरअसल, अगर किसी देश का कोई नागरिक किसी दूसरे देश में बंद होता है, तब उसे यह सुविधा मिल सकती है। उदाहरण के तौर पर कुलभूषण जाधव भारतीय नागरिक हैं। उन्हें पाकिस्तान ने जेल में कैद कर रखा है। अब दोनों सरकारों की सहमति के बाद जो भारतीय राजदूत या अधिकारी कुलभूषण जाधव से मुलाकात कर पाएगा, उसे कॉउन्सलर  एक्सेस कहा जाता है।

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