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कोडेला की खुदखुशी से गरमाई आंध्र की सियासत ,चंद्रबाबू नायडू ने की सीबीआई जाँच की मांग

वरिष्ठ टीडीपी नेता और आंध्र प्रदेश विधानसभा के पूर्व स्पीकर कोडेला शिव प्रसाद राव की खुदकुशी से आंध्र प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के वरिष्ठ नेता कोडेला शिव प्रसाद राव 16 सितम्बर को अपने आवास पर कथित रूप से फंदे से लटके हुए मिले, जिसके तुरंत बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि उनके खिलाफ विधायक संपत्ति के ‘अवैध’ कब्जे के लिए एक आपराधिक मामला दर्ज था। अब कोडेला की खुदकुशी पर टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तीखी हो गई है। कोडेला राव की बेटी के हवाले से डेप्युटी कमिश्नर (वेस्ट जोन) एआर श्रीनिवास ने बताया कि उन्होंने अपने पिता को उनके बेडरूम में सीलिंग फैन से लटकते हुए देखा। राव को गनमैन और ड्राइवर की मदद से नीचे उतारा गया। 72 साल के कोडेला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
लेकिन राव की मौत से आंध्र प्रदेश में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जरूर शुरू हो गया है। कोडेला शिव प्रसाद राव की संदिग्ध आत्महत्या के लिए वाईएस जगनमोहन रेड्डी सरकार को जिम्मेदार बता रही है। अमरावती से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार टीडीपी मुखिया एन. चन्द्रबाबू नायडू ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि उसने राव को झूठे मामले में फंसा कर उन्हें और उनके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है। उन्होंने गुंटूर में टीडीपी कार्यकर्ताओं से कहा, ‘पिछले तीन महीने के लिए जगन मोहन रेड्डी सरकार ने कोडेला और उनके परिवार का उत्पीड़न किया। उन्होंने उत्पीड़न और असहनीय अपमान के चलते आखिर में आत्महत्या कर ली।’
वहीं सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस का कहना है कि राव की मृत्यु से उसका कोई लेना-देना नहीं है। टीडीपी के आरोप गलत हैं और सरकार किसी को निशाना नहीं बना रही है। डीसीपी श्रीनिवास ने इस बात का खुलासा किया कि राव के परिवारिक सदस्यों ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से तनाव में थे। उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन इसकी वजह अभी तक पता नहीं चल पाई हैं। कोई सूइसाइड नोट भी नहीं मिला है।’ साथ ही तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पूर्व स्पीकर कोडेला शिव प्रसाद राव की आत्महत्या मामले में सीबीआई जाँच कराने के मांग भी की है।
क्या कहती है पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट  
साथ ही पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि कोडेला ने सुबह 9 बजे से 10 बजे के बीच आत्महत्या की थी। हैदराबाद पुलिस कमिश्नर अंजनी कुमार ने बताया कि राव को कैंसर अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया और उनका शव राज्य सरकार द्वारा चलाए जाने वाले उस्मानिया जनरल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया, जहां उनका पोस्टमॉर्टम किया गया।
क्या है पूरा मामला
पिछले महीने ही आंध्र प्रदेश पुलिस ने 25 अगस्त को उनके खिलाफ विधानसभा के अधिकारी की शिकायत के आधार पर धारा 409 और 411 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। आंध्र प्रदेश पुलिस ने विधानसभा का फर्नीचर गलत तरीके से अपने पास रखने को लेकर पिछले ही महीने राव के खिलाफ मामला दर्ज किया था। हालांकि राव ने अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन किया था। उन्होंने तब कहा था कि एक वक्ता के रूप में वे विधानसभा की संपत्ति के संरक्षक थे और हैदराबाद (पुरानी विधानसभा) से वापस जाने के बाद सेफ कस्टडी के लिए अपने परिसर में फर्नीचर और एसी ले गए।
कोडेला शिव प्रसाद राव 2014-19 तक आंध्र प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे। हालांकि, पिछले विधानसभा चुनावों में गुंटूर जिले के सात्तेनापल्ली सीट से वह चुनाव हार गए थे। उससे पहले वह गुंटूर जिले से छह बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। वह टीडीपी से उसकी स्थापना के वक्त से ही जुड़े थे। उन्होंने टीडीपी संस्थापक एन टी रामाराव और एन चन्द्रबाबू नायडू की कैबिनेट में गृह, सिंचाई, पंचायती राज, ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य मंत्री के रूप में भी काम किया था।

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