[gtranslate]
Country

किसान आंदोलन : 4 जनवरी की वार्ता में निकलेगा बीच का रास्ता !

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नए साल के मौके पर भीषण शीत लहर के कहर और तापमान के 1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचने के बाद भी बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन जोरदार तरीके से चल रहा है। इस किसान आंदोलन में अब तक 54 किसानों की मौत हो चुकी है। बारिश और कड़कड़ाती ठंड में पंजाब, हरियाणा सहित कई राज्यों के किसान पिछले एक महीने से केन्द्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जमकर अड़े हुए हैं।  दिल्ली से लगी सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत लगी है।  सिंधू बॉर्डर के साथ ही गाजीपुर बॉर्डर , चिल्ला बॉर्डर और टिकरी बॉर्डर पर सैकड़ों सुरक्षा कर्मी तैनात हैं। फ़िलहाल सभी की निगाहे आगामी 4 जनवरी की वार्ता पर लगी हुई है। इस दिन केंद्र सरकार और किसानों के बीच वार्ता होगी। जिसके सकारात्मक परिणाम आ सकते है। कहा जा रहा है कि इस दिन केंद्र और किसानों में बीच का रास्ता निकल सकता है।
उधर , आंदोलनकारी किसानों ने कहा कि अगर 4 जनवरी की बातचीत में परिणाम संतोषजनक ना निकला तो 6 जनवरी को केंद्र सरकार के खिलाफ मार्च निकाला जायेगा।  याद रहे कि एक बार पहले भी 30 दिसंबर को मार्च निकालने की घोषणा की जा चुकी है। जिसे कुछ दिन के लिए रद्द कर दिया था। आगामी योजना के तहत किसान बहुतायत की संख्या में राजस्थान के शाहजहांपुर बॉर्डर से अगले सप्ताह आगे बढ़ेंगे .  6 जनवरी से 20 जनवरी के बीच पूरे देश में किसान जन जागृति अभियान चलाया जायेगा।  23 जनवरी को नेता सुभाषचंद्र बोस की जयंती को किसान विशेष चेतना दिवस का आयोजन होगा . यही नहीं बल्कि भाजपा नेताओं के खिलाफ देशभर में पार्टी छोड़ो अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान पंजाब और हरियाणा के टोल फ्री रखा जाएगा।
इस संबंध में सिंघु बॉर्डर पर किसानों की बैठक से पहले भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मीडिया से बात की। तब उन्होंने कहा कि 4 जनवरी को होने वाली बैठक में कानूनों की वापसी और एमएसपी पर कानून बनाने पर चर्चा होगी। आज सभी लोग विधिवत रूप से इस पर चर्चा करेंगे कि पहले हुई बैठक में क्या हुआ और अगली बैठक में क्या होगा।

किसानों का कहना है कि सरकार किसानों को हल्के में ले रही है। युवा किसान संयम खो रहा है। सरकार इस धरने को शाहीन बाग बनाने की कोशिश कर रही है। पहली और दूसरी मांग हमारी कृषि कानून और एमएसपी गारंटी कानून बनाना है। तीसरी और चौथी मांग मानकर सरकार गुमराह कर रही है। सरकार बड़ी कामयाबी का दावा कर रही है, लेकिन अभी पूछ निकली है हाथी बाकी है।

You may also like

MERA DDDD DDD DD