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मेयर-डिप्टी मेयर प्रत्याशी के जरिए लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटे केजरीवाल

दिल्ली नगर निगम चुनाव में पूर्ण बहुमत से जीतने के बाद आम आदमी पार्टी ने मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए अपने राजनीतिक दाव चल दिए है।
मेयर के लिए शैली ओबेरॉय और डिप्टी मेयर के लिए आले मोहम्मद इकबाल को प्रत्याशी बनाया गया है। इसके अलावा नगर निगम स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों के नामों का ऐलान भी कर दिया है,जिसके बाद राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि आम आदमी पार्टी ने न केवल अपने सियासी जनाधार को मजबूत किया है,बल्कि इसके जरिए 2024 के लोकसभा चुनाव का तैयारी भी शुरू कर दी है।

दरअसल, दिल्ली में पंजाबी वोटर हमेशा से निर्णायक भूमिका में रहे है,जो भाजपा परंपरागत वोटर थे,लेकिन साल 2013 के बाद आम आदमी पार्टी का कोर वोट बैंक बन गए।नगर निगम के चुनाव में पंजाबी समुदाय ने आम आदमी पार्टी को जबरदस्त तरीके से मतदान है, जिसके चलते मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब समाज से आने वाली शैली ओबेरॉय को मेयर का प्रत्याशी बनाया है। शैली ईस्ट पटेल नगर से पार्षद का चुनाव जीतकर नगर निगम पहुंची हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर रही शैली ओबेरॉय को मेयर कैंडिडेट बनाकर जहां एक तरफ दिल्ली के पढ़े लिखे तबके को सियासी संदेश दिया है तो दूसरी तरफ पंजाबी समुदाय को भी साधे रखने की कवायद की गई है,यही नहीं भाजपा की रणनीति को भी काउंटर किया है।

भाजपा ने कुछ दिन पहले ही बिखर रहें पंजाबी समुदाय को फिर से जोड़ने के लिए वीरेंद्र सचदेवा को दिल्ली भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है, क्योंकि दिल्ली की सियासत में पंजाबी वोटर काफी निर्णायक हैं।भाजपा पंजाबी नेता मदनलाल खुराना के अगुवाई में साल 1993 चुनाव जीतकर दिल्ली की सत्ता में आई थी,लेकिन उसके बाद से दोबारा से उसे विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज नहीं कर पाई। दिल्ली के नगर निगम से भी बाहर हो गई है जिसके बाद अब फिर से पंजाबी समुदाय पर भरोसा जताया है,लेकिन आप आदमी पार्टी ने इस रणनीति को फैल करने शैली ओबेरॉय को आगे बढ़ा दिया है।

आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता राघव चड्डा भी पंजाबी समुदाय से आते हैं। इस तरह पंजाबी समुदाय को सहेज कर रखने के लिए हर दांव चल रहे हैं। राघव चड्ढा को फिर चाहे राज्यसभा भेजने की बात हो या फिर शैली ओबेरॉय को मेयर का प्रत्याशी बनाना।

इसके अलावा मुस्लिम मतदाताओं को साधने के लिए। मटिया महल से विधायक शोएब इकबाल के बेटे आले मोहम्मद इकबाल को डिप्टी मेयर का उम्मीदवार बनाया है,क्योंकि दिल्ली नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी को मुस्लिम बहुल इलाकों में हार का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह और केजरीवाल सरकार में मंत्री गोपाल राय ने मुसलमानों के सबसे बड़े रहनुमा मौलाना अरशद मदनी से मुलाकात के लिए पहुंचे हैं।

इससे साफ तौर पर समझा जा सकता है कि नगर निगम चुनाव में छिटके मुस्लिमों का दोबारा से विश्वास जीतने के लिए कोशिश में जुट गई है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुसलमानों ने एकतरफा आम आदमी पार्टी को वोट दिया था और पांचों मुस्लिम विधायक उसके बने थे। कांग्रेस खाता भी नहीं खोल सकी थी। सीएए-एनआरसी पर केजरीवाल की खामोशी, दिल्ली दंगे पर चुप्पी, मरकज व तब्लीगी जमात पर एक्शन से मुस्लिम समुदाय आम आदमी पार्टी से नाराज थे,जिसके चलते यमुनापार और ओखला जैसे मुस्लिम इलाके में आम आदमी पार्टी को मात खानी पड़ी थी। लोकसभा चुनाव में भी मुस्लिम ऐसे ही नाराज रहे तो आम आदमी पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती थी, जिसके चलते अब उन्हें साधने के लिए हर जतन किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं जिस तरह मेयर और डिप्टी मेयर उम्मीदवार उतार पंजाबी और मुस्लिम मतदाताओं को साधा है,ठीक उसी तरह स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों को जरिए दलित मतदाताओं को साधने की कवायद की है।

 

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