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लखनऊ का काकोरी कांड:4 साल से न्याय की गुहार ,पानी की टंकी पर पूरा परिवार

 

उत्तर प्रदेश में ‘जीरो टॉलरेंस’ की सरकार सवालों के घेरे में है ।प्रदेश की राजधानी लखनऊ का ‘काकोरी कांड’ 2 दिन से चर्चा का विषय बना हुआ है । पिछले 4 सालों से एक परिवार न्याय की लड़ाई लड़ रहा था । लेकिन आखिर में जब उन्हें न्याय नहीं मिला यहां तक कि उनकी रिपोर्ट दर्ज तक होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं हुई तो उन्होंने मजबूरी में पानी की टंकी पर चढ़कर न्याय की गुहार लगाई है। यही नहीं बल्कि न्याय के लिए पानी की टंकी पर चढ़ा यह पूरा परिवार अपने साथ आत्मदाह करने के लिए घातक सामग्री तक ले गया था । अगर इस परिवार को न्याय नहीं मिलता तो पूरे परिवार ने आत्मदाह करने का प्लान बना लिया था । हालाकी 2 दिन के हाई-फाई ड्रामे के बाद आज शाम हरदोई के एसपी ने किसी तरह पानी की टंकी पर चढ़े पूरे परिवार को मना लिया है ।फिलहाल इस परिवार को न्याय की आस जगी है ।

हरदोई जिले के सुरसा थाना क्षेत्र के रहने वाले वकील विनय प्रताप सिंह का आरोप है कि गांव के लल्लन सिंह, वीरपाल सिंह, कृष्णपाल सिंह, अमर सिंह और भरत सिंह नाम के लोगों ने उनके पैतृक जमीन पर कब्जा कर लिया। विरोध करने पर जनवरी साल 2016 में अधिवक्ता विनय प्रताप सिंह के भाई विवेक प्रताप सिंह को अगवा कर लिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद भी थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

साथ ही आरोपितों की धमकी के कारण गांव छोड़ना पड़ा । इसी कारण से उन्होंने टंकी पर चढ़कर आत्महत्या करने का फैसला किया। विनय के साथ उनकी पत्नी, उनके भाई और बेटा-बेटी भी मौजूद थे । अधिवक्ता विनय का कहना है कि अगर न्याय नहीं मिला तो शनिवार सुबह पूरे परिवार ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह कर लेंगे। पीड़ित परिवार ने मामले की सीबीआई जांच, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता सहित पूरे परिवार में किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलने की मांग भी की थी । साथ ही आरोपित दारोगा अमर सिंह का तबादला कराने की मांग भी रखी । आरोपित दारोगा लखनऊ डीआइजी कार्यालय में तैनात है।

पीडितो को इस दौरान उन्हें आरोपितों द्वारा धमकी मिलने के चलते गांव छोड़ना पड़ा। इस वजह से उनके परिवार ने टंकी पर चढ़कर खुदकुशी करने का फैसला किया है। विनय के साथ उनकी पत्नी राधा के अलावा भाई अजय प्रताप सिंह, अजय की पत्नी माला, उनका नौ साल का बेटा शिव सिंह, बहन राजवती सिंह, बेटी पूनम भी हैं। वकील विनय प्रताप का कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिलता है तो वो पूरे परिवार के साथ पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह कर लेंगे।

हालांकि बाद में परिवार के सात सदस्यों को हाइड्रोलिक मशीन लगाकर उतारा गया। हरदोई पुलिस कप्तान से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद परिवार नीचे उतरने को राजी हुआ।इससे पहले पीड़ित परिवार ने उन्हें उतारने के लिए किसी के भी टंकी पर चढ़ने पर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह की धमकी दी थी। इसकी सूचना पाकर मौके पर पहुंचे हरदोई के एएसपी ज्ञानंजय सिंह और सीओ संडीला अमित कुमार श्रीवास्तव नाराज परिवार को मनाने में जुटे रहे। इन अधिकारियों ने उन्हें हरदोई के डीएम से फोन पर बात कराने का प्रयास किया, लेकिन वकील सिर्फ मुख्यमंत्री या डीजीपी से बात करने की बात पर अड़ा हुआ था।

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