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पानी के प्रलय से कही शाकुंभरी तीर्थ बन ना जाए केदारनाथ आपदा !

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल शाकुंभरी देवी कही केदारनाथ जैसी आपदा ना बन जाए । यहा आने वाले  श्रद्धालुओं पर शिवालिक पर्वत की पहाडियो से आने वाला पानी कभी भी प्रलय बन सकता है। कुछ दिन पूर्व ही दो श्रद्धालु पानी के सैलाब में जान गवा चुके है।
प्रथम नवरात्र पर ही शाकुंभरी सिद्ध पीठ देवी पर एक बार फिर से तेज बहाव के साथ पानी आ गया। पानी के बहाव की वजह से देखते हुी देखते श्रद्धालुओं के कई वाहन बह गए और कई श्रद्धालु भी फंस गए, जिन्हें बमुश्किल निकाला गया। अचानक आए पानी के बाद सहारनपुर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि अगले 2 दिन तक मेले की ओर ना जाएं। प्रशासन की ओर से मंदिर परिसर के बाहर भी इंतजाम किए हैं। दो दिन पहले भी यहां अचानक पानी आ गया था, जिससे काफ़ी नुक़सान हुआ था। इस घटना में दो लोगों की जान भी चली गई थी। अब एक बार फिर पानी आ जाने के बाद जिलाधिकारी ने दो दिन के लिए मेले को स्थगत कर दिया है।
याद रहे कि प्रथम नवरात्र पर रविवार को शाकुंभरी सिद्ध पीठ पर लगने वाले मेले का उद्घाटन होना था। 2 दिन पहले आई बाढ़ के बाद यहां 2 दिन में मेले की तैयारी पूरी की गई थी, लेकिन एक बार फिर से प्रशासन की तैयारियां धरी रह गई और अचानक आए पानी में कई दुकानें बह गई। शाकंभरी सिद्ध पीठ मंदिर में सुबह के समय आरती होती है। इस आरती में शामिल होने के लिए रात में ही श्रद्धालु यहां पहुंच गए थे। तड़के दिन निकलते ही अचानक शिवालिक की पहाड़ियों से तेज पानी आ गया और इस पानी के बहाव में कई वाहन बह गए। मेले में लगाई गई दुकानें भी बह गई। पानी के साथ आए पत्थरों की चपेट में आने से कई श्रद्धालु घायल हो गए।

श्रद्धालुओं को पूरा देव मंदिर पर रोका जा रहा है। सुबह बाढ़ जैसे हालात होने के बाद राहत कार्य किया गया था और पानी में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। कुछ श्रद्धालुओं को मामूली रूप से चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिलवाया गया है। = विद्यासागर मिश्र, एसपी देहात

पानी के तेज बहाव में फंसे श्रद्धालुओं को जेसीबी की सहायता से बाहर निकाला गया, जब तेज बहाव में वाहन नहीं चल पाए तो जेसीबी मंगाई गई और जेसीबी में बैठा कर श्रद्धालुओं को पानी से बाहर निकाला गया। इसके साथ ही मानव श्रृंखला बनाकर भी श्रद्धालुओं को पानी से बाहर निकाला गया।


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