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यूपी में जंगलराज, पत्रकार की दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या, शक की सुई ‘लेडी डॉन’ पर

यूपी में जंगलराज, पत्रकार की दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या, शक की सुई 'लेडी डॉन' पर

उत्तर प्रदेश में जंगलराज कायम हो गया है। दुनिया के चौथे स्तंभ पत्रकार तक भी योगी सरकार में सुरक्षित नहीं है। यहां यूपी के उन्नाव में एक पत्रकार को दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया गया। जबकि पत्रकार ने पहले ही अपनी हत्या की आशंका जाहिर की थी। अपनी जान की रक्षा के लिए उसने प्रदेश के आला अफसरों को पत्र तक लिखे। लेकिन कुछ नहीं हुआ।

महज 27 साल के इस पत्रकार की डेढ़ साल पहले ही शादी हुई थी। पत्रकार को मौत के घाट इसलिए उतार दिया गया कि उसने एक भू माफिया के खिलाफ ना केवल खबरें लिखी थी बल्कि उसकी शिकायत प्रशासन को की थी। प्रशासन में भू माफिया को तो पकड़ा नहीं, लेकिन भू माफिया ने पत्रकार को ही रास्ते से हटा दिया । यह भू माफिया एक महिला लेडी डॉन बताई जा रही है, जो सरकारी जमीन पर कब्जे करके उन्हें टुकड़ों टूकडो में बेच रहे रही थी। आरोपी भू माफिया को मृतक मामी कहकर संबोधित करता था। अपनी मौत से पहले पत्रकार ने सोशल मीडिया पर इस मामी के कारनामों की पोल खोली है।

जानकारी के अनुसार कानपुर के उन्नाव में गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के सहजनी मोड़ के निकट शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे अज्ञात बाइक सवार दो बदमाशों ने पोनी रोड गंगाघाट निवासी शुभममणि त्रिपाठी (27) पुत्र यतीन्द्रनाथ पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। सिर व सीने में गोली लगने से वह लहूलुहान होकर गिर गया। मौके से पुलिस ने पिस्टल के दो कारतूस, दो खोखे व 315 बोर का एक कारतूस व खोखा बरामद किया है। घटना में पिस्टल और तमंचे का प्रयोग किया गया है। मृतक पत्रकार उन्नाव से बाइक पर घर लौट रहा था। शुभम कानपुर से प्रकशित होने वाले समाचार पत्र में उन्नाव जिला संवाददाता के पद पर कार्य कर रहा था।

सूत्रों के अनुसार दिवगंत पत्रकार का एक चर्चित महिला नेता जिसका लेडी डॉन के नाम से क्षेत्र में रसूख है से विवाद चल रहा था । दबंग महिला नेत्री ने पेशबंदी में पत्रकार के खिलाफ एक प्लाट का मामला दिखाकर तहरीर भी गंगाघाट थाने में दिलायी थी। वही पत्रकार ने गंगाघाट पुलिस से लेकर डीजीपी तक को पत्र भेजकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगायी थी । लेकिन गंगाघाट पुलिस द्वारा कोई सुनवाई नहीं करते हुए भारी लापरवाही बरती गई। जिसके परिणामस्वरूप एक युवा पत्रकार को सरेराह दिनदहाड़े गोलियां से भून कर मौत के घाट उतार दिया गया । वही घटना के बाद से पत्रकार जगत में भारी रोष है कई पत्रकार संगठनों ने आक्रोश जताया है।

सोशल मीडिया फेसबुक पर शुभममणि ने लिखा है कि ‘चर्चित भू माफिया की जमीन का अभी कुछ दिनों पहले कवरेज करने मैं गया था, प्रशासन द्वारा अवैध निर्माण ध्वस्त किया जा रहा था। क्रोधित होकर भू माफिया ने किसी व्यक्ति द्वारा मेरे खिलाफ एक फर्जी एप्लीकेशन जिलाधिकारी को दिलवाई है, बहुत-बहुत धन्यवाद भूमाफिया का, सरकारी जमीन बेचते रहो और अगर कोई तुम्हारे खिलाफ कोई पत्रकार खबर लगा दे तो उसके खिलाफ फर्जी मुकदमे लिखवाते रहो। भगवान तुम्हारा भला करे भूमाफिया।’

इसके कमेंट बॉक्स में भी शुभमणि लिखते हैं, पूरा प्रशासन ऊपर से नीचे तक भ्रष्ट और बिकाऊ है। अभी कुछ दिनों पूर्व भूमाफिया ने अपने गुर्गे द्वारा मेरी फोर व्हीलर के नंबर पर झूठा मुकदमा पैसे के बल पर पंजीकृत कराया था। उस घटना के समय में सीसीटीवी की निगरानी में था, जिसमें मैं निर्दोष साबित हुआ। यह फर्जी घटना दिखाकर एप्लीकेशन जिलाधिकारी महोदय को दिया गया है, जबकि मैं उस समय सीसीटीवी की निगरानी में था। मेरे पास सभी साक्ष्य उपलब्ध हैं। इस…. को झूठा अप्लीकेशन देने के आरोप में जेल जरूर भेजूंगा।

भूमाफिया इसलिए बौखलाई घूम रही है, क्योंकि जानती है अगर इसके खिलाफ शिकायत करने का सिलसिला बंद नहीं किया गया तो बहुत जल्दी यह रोड पर आ जाएगी और उसके गुंडों की टोली इसे छोड़कर भाग खड़ी होगी। एक पोस्ट में वह लिखते हैं कि ज्यादा कहानीकार न बनो लोग तुम्हारी औकात जानते हैं….. शेरनी मामी जी गधों के मुंह ना लगो।फर्जी मुकदमे लिखाओ और सुपारी बांटो ….सोशल मीडिया फेसबुक पर पत्रकार के पक्ष मे भी बहुत से लोग सामने आए हैं।

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