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जरूरत पड़ी तो खुद जाऊंगा J&K हाईकोर्ट,चीफ जस्टिस रंजन गोगोई

नई दिल्ली :  आर्टिकल 370 से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आज आज  चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोग अगर हाई कोर्ट में अपील नहीं कर पा रहे हैं तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि वह खुद हाई कोर्ट के जज से फोन पर बात करेंगे और संतुष्ट नहीं हुए तो निजी तौर पर प्रदेश का दौरा करेंगे। जम्मू-कश्मीर को लेकर दाखिल याचिकाओं की सुनवाई करते हुए कहा कि अगर जरूरत पड़ेगी तो मैं खुद जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट जाऊंगा।उन्होंने कहा कि मैंने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट से एक रिपोर्ट मांगी है,इस रिपोर्ट को देखने के बाद अगर मुझे लगा कि वहां जाना चाहिए तो मैं खुद हाईकोर्ट जाऊंगा। उन्होंने इस मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस  ने सरकार से पूछा कि आखिर जम्मू-कश्मीर में हालात को सामान्य करने के लिए अभी तक क्या कदम उठाए गए हैं।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को केंद्र सरकार ने बताया कि एक भी गोली नहीं चलाई गई है, कुछ स्थानीय बैन लगे हुए हैं. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से हालात सामान्य करने के लिए कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि कश्मीर में अगर तथा-कथित बंद है तो उससे जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय निपट सकता है।

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, कश्मीर की स्थित सभी समाचार पत्र चल रहे हैं और सरकार हरसंभव मदद मुहैया करा रही है,प्रतिबंधित इलाकों में पहुंच के लिए मीडिया को ‘पास’ दिए गए हैं और पत्रकारों को फोन और इंटरनेट की सुविधा भी मुहैया कराई गई है।  दूरदर्शन जैसे टीवी चैनल और अन्य निजी चैनल, एफएम नेटवर्क काम कर रहे हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने अटार्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल से कहा कि इन हलफनामों का विवरण दें और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए प्रयास किए जाएँ।

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