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टिकरी बॉर्डर पर जींद के किसान  ने की ‘आत्महत्या’

AIIMS में एक और मरीज ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, नहीं मिला कोई सुसाइड नोट

नए किसान कानून को लेकर बहुत से किसानों में नाराजगी है और इसको लेकर वो दिल्ली के बॉर्डर्स पर आंदोलनरत हैं और इस नए तीनों कानून को वापस लिए जाने की अपील कर रहे हैं। टिकरी बॉर्डर पर भी कई किसान लगभग 72 दिनों से इन कानूनों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। आज इसी बीच टिकरी बॉर्डर पर किसान प्रदर्शन के बीच एक किसान ने सुसाइड कर ली है।

 किसान ने एक सुसाइड नोट भी लिखा है।  इसमें उन्होंने कृषि कानूनों पर सरकार की तरफ से लागातार तारीख दिए जाने पर नाराजगी जताई है। 52 साल के कर्मवीर सिंह सिंगवाल जींद के रहने वाले थे।   उनके परिवार में तीन बेटियां हैं। उनकी लाश के पास से मिले नोट में उनके हवाले से लिखा है। 

लाश के पास से मिली एक चिठ्ठी

उनके मृत शरीर के पास मिले एक नोट के आधार पर ऐसा माना जा रहा है कि आत्महत्या करने से पहले उन्होंने एक चिट्ठी लिखी है जिसमें यह लिखा गया है कि

भारतीय किसान यूनियन जिंदाबाद

प्यारे किसान भाईयों ये मोदी सरकार तारीख देती जा रही है।

इसका कोई अंदाजा नहीं है कि काले कानून कब रद्द होंगे।

जब तक यह काले कानून रद्द नहीं होंगे, हम यहां से नहीं हटेंगे।

धन्यवाद।

 

आपको बता दें कि नए कृषि कानून को लेकर गाजीपुर,सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर पिछले दो महीने से कई आंदोलनरत किसान अपना विरोध प्रदर्शन कर सरकार से इन कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। पर कई बार के वार्ता के बावजूद सरकार इस मसले का हल अभी तक नहीं निकल सकी है।

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