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जायकोव-डी जल्द ही होगी टीकाकरण अभियान में शामिल

केंद्र सरकार ने 30 सितंबर, गुरुवार को कहा कि जायकोव-डी वैक्सीन, Zydus Cadillac द्वारा विकसित एक टीका है, उसे जल्द ही एक राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान में शामिल किया जाएगा और इसकी कीमत वर्तमान में उपयोग में आने वाले टीकों से अलग होगी। यह स्वदेशी रूप से विकसित सुई-मुक्त कोविड-19 रोधी वैक्‍सीन है।

उन्होंने कहा कि चूंकि जायकोव-डी तीन खुराक वाला टीका है और बिना सुई के दिया जाता है, इसलिए इसकी कीमत टीकाकरण कार्यक्रम में वर्तमान में इस्तेमाल होने वाले टीकों से अलग होगी। राजेश भूषण ने कहा कि इस वैक्सीन को जल्द ही कोरोना टीकाकरण अभियान में शामिल किया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार निर्माता के साथ बातचीत कर रही है।

राज्यों को 87 करोड़ टीकों की आपूर्ति

केंद्र सरकार की मुफ्त योजनाओं और राज्य सरकारों से सीधी खरीद के माध्यम से अब तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 86.51 करोड़ रुपये से अधिक के कोरोना रोकथाम टीके उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 63.39 लाख से अधिक टीकों तक पहुंचने की उम्मीद है। केंद्र ने कहा कि टीके की कम से कम एक खुराक देश में 69 प्रतिशत वयस्कों को दी गई है और 25 प्रतिशत वयस्कों को टीका लगाया गया है।

केंद्र सरकार ने 64.1 फीसदी वैक्सीन ग्रामीण केंद्रों और 35 फीसदी शहरी केंद्रों को बांटी है। विभिन्न केंद्रों पर कुल 67.4 लाख टीके या लगभग 0.88 प्रतिशत टीके बांटे जा चुके हैं।

भारत बायोटेक एप्लीकेशन पर जल्द फैसला

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि कोरोना वायरस वैक्सीन ‘कोवैक्सीन ‘ के आपातकालीन उपयोग की अनुमति मांगने वाले इंडिया बायोटेक के आवेदन पर अक्टूबर में फैसला लिया जाएगा। कोवैक्सीन के मूल्यांकन की प्रक्रिया ‘वर्तमान में चल रही है’। भारत बायोटेक ने 19 अप्रैल को अपनी वैक्सीन के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जमा किया था। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि उसने 6 जुलाई को टीके के बारे में जानकारी का खुलासा करना शुरू कर दिया था।

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