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लोकगीत गायिका सुषमा चौधरी की हत्या की वजह कही राजनीति तो नही ?

 

पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा की लोकप्रिय लोक गीत गायिका सुषमा चौधरी की हत्या से हर कोई हतप्रभ है । सुषमा चौधरी स्टेज कार्यक्रमों में देसी रागनियों में अपनी बेहतर परफॉर्मेंस देने के लिए प्रसिद्ध रही है । मंगलवार की रात उसने ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। इससे पहले दिन में उसे हमलावरों ने ग्रेटर नोएडा में सरेआम गोलियों से भून डाला था । सुषमा चौधरी को मारने के पीछे बदमाशों की क्या साजिश थी यह तो पुलिस की जांच के बाद ही पता चलेगा । लेकिन फिलहाल सुषमा चौधरी की हत्या की थ्योरी चार बिंदुओं पर आकर टिक गई है । जिसमें संबंध भी है तो राजनीति भी है जमीनी विवाद भी है तो प्रसिद्धि पाने का मामला भी हो सकता है।

सुषमा चौधरी बुलंदशहर के नेकपुर गांव की निवासी थी। वह एक दलित परिवार में पैदा हुई। लेकिन उसकी दबंगता को देखते हुए कोई कह नही सकता था कि यह दलित की बेटी है। पिछले 4 साल से एक तीसरे व्यक्ति के साथ रह रही थी। बताया जाता है कि सबसे पहले उसने एक पंडित व्यक्ति से शादी की थी। जिसके कुछ दिनों बाद ही उसका तलाक हो गया था। तो दुसरी बार एक जाट के साथ रहती थी और फिलहाल वह ग्रेटर नोएडा के एक गुर्जर के साथ रह रही थी । पहले पति से उसका एक बच्चा है उससे उसका तलाक हो गया था । अब वह गजेंद्र भाटी नामक व्यक्ति के साथ ग्रेटर नोएडा में लिव इन रिलेशन में रह रही थी । सुषमा चौधरी की मौत का कारण कहीं तीनों लोगों के संबंद्धो से तो नही जुडा है ?

इसके अलावा बुलंदशहर स्थित उसके गांव नेकपुर में उनका आपसी जमीनी विवाद भी चल रहा था । इस जमीनी विवाद में वह अक्सर अपने गांव जाया करती थी । जमीनी विवाद ही तो कहीं उसकी मौत का कारण नहीं बना है । पिछले सप्ताह ही उसने विवादास्पद प्लाट पर पुलिस की उपस्थिति में कब्जा लिया था।

तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारण सुषमा चौधरी का पॉलिटिक्स ज्वाॅइन करना था । कुछ दिन पूर्व ही उसने देसी डांसर सपना चौधरी की तर्ज पर भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की थी । वह भाजपा में रहकर फिलहाल जिला पंचायत का चुनाव लड़ने की इच्छुक बताई जाती थी । इससे पहले भी वह जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड चुकी थी। जिसमें वह हार गई थी। इस बार वह पूरे दम के साथ चुनाव लडने की तैयारी कर रही थी। जिस समाज से सुषमा चौधरी आती है उसमें महिला को राजनीति में आने से पहले अपने समाज और परिवार का काफी विरोध करना पड़ता है । कहीं भाजपा की राजनीति में प्रवेश करना ही तो उसकी मौत का कारण नहीं बना ? हालांकि जिला गौतम बुद्ध नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव  कृष्ण इस मामले की तहकीकात करा रहे हैं। वह हर दृष्टिकोण से सुषमा चौधरी हत्याकांड की जांच में जुटे हैं । उन्होने जल्दी ही इस हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया है।

सुषमा चौधरी लोक गीत संगीत में बेहतरीन परफाॅरमेंस के लिए भी जानी जाती थी। देसी डांस और रागनियों में वह स्टेज पर उतरती थी तो उनके दीवानगी लोगों के सर चढकर बोलती थी। कही उसकी लोक गीत संगीत में दिनोदिन बढती प्रसिद्धि की वजह तो हत्या का कारण नही बन गई।

हालांकि मंगलवार को ही अस्पताल के आईसीयू में भर्ती होने के दौरान ही चिकित्सकों ने पुलिस को सुषमा की मौत की जानकारी दे दी थी। सुषमा पर हमले की खबर सुनकर बड़ी संख्या में रागनी कलाकार व परिजन अस्पताल पहुंच गए। करीब 1 घंटे बाद परिजनों को सुषमा की मौत की जानकारी हो सकी। मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने परिजनों से मामले के संबंध में जानकारी जुटाई।

बताया जा रहा है कि जिस सोसायटी के बाहर उसको हमलावरो ने गोली मारी वहा लगे सीसीटीवी कैमरे में घटना कैद हो गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालकर बाइक नंबर और हत्यारों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। वहीं, पुलिस परिजनों और करीबियों से पूछताछ कर वारदात के कारणों का पता लगाने जुटी है।

 

आज से छह साल पहले सुषमा हमारे पास एक स्टेज कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आई थी। तब वह अपना नाम सुषमा नेकपुर बताती थी। जल्द ही वह देशी डांसर बन गई थी। उसे रागनियों पर जनता का ध्यान आकर्षित करने में महारथ हासिल थी। बाद में वह सुषमा नेकपुर से सुषमा चौधरी बन कर स्टेज प्रोग्राम करने लगी थी।
= महाशय टीकम नागर ,रागिनी गायक

गौरतलब है कि मंगलवार को ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थानाक्षेत्र स्थित मित्रा सोसायटी के पास बाइक सवार दो हमलावरों ने बुलंदशहर के जहांगीरपुर की रागनी गायिका सुषमा की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के समय हमलावर हेलमेट लगाए हुए थे। इससे कोई उनका चेहरा नहीं देख पाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से जांच पड़ताल की। करीब तीन से चार गोली लगने के बाद सुषमा को अस्पताल ले जाया गया था। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जाता है कि सुषमा पर 19 अगस्त को भी हमला हुआ था।

सुषमा का गांव में जमीन को लेकर भी विवाद चल रहा था। परिजनों ने बताया कि इसके अलावा भी उसकी प्रसिद्धि से कुछ लोग ईर्ष्या करने के साथ रंजिश भी मानने लगे थे। ऐसे में सुषमा कई बार पुलिस को शिकायत देकर जान का खतरा बता चुकी थीं। यही कारण था कि सुषमा राजनीति में अपनी पकड़ बनाना चाहती थी। जिसके चलते वह भाजपा से भी जुड गई थी।

सुषमा के एक साथी सचिन ने बताया कि भाजपा कार्यालय में सदस्यता की बात होने के बाद सुषमा मंगलवार को वहां होल्डिंग आदि तैयार कराने की बात करने गई थीं। इस दौरान वह कोतवाली देहात में पुराने केस के सिलसिले में अभी प्रगति जानने पहुंची थीं।

सुषमा के पहले पति से 4 साल पहले तलाक की जानकारी मिली है। यह भी पता चला है कि सुषमा गजेंद्र भाटी नाम के एक व्यक्ति के साथ सहमति संबंध में थीं। बुलंदशहर कोतवाली देहात में भी उन्होंने हत्या की कोशिश का केस दर्ज कराया था। कई कोणों से केस की जांच की जा रही है। कई ठोस सुराग लगे हैं, जल्द खुलासा किया जाएगा।
= वैभव कृष्ण, एसएसपी गौतमबुद्ध नगर

बुलंदशहर भाजपा जिला अध्यक्ष हिमांशु मित्तल का कहना है कि सोमवार को सुषमा जिला कैंप कार्यालय पर पहुंची थीं। उनके साथ उनकी दो बहनें भी आई थीं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता की मांग की थी। इस पर उन्हें जल्द किसी कार्यक्रम में पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराने का आश्वासन दिया गया था। एसएसपी वैभव कृष्ण ने भी इस बात की पुष्टि की है

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