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भारत में 4 वर्षों में 400 बार हुआ इंटरनेट लाॅकडाउन

डिजिटल इंडिया में क्या आप बगैर इंटरनेट के रह सकते हैं? मेरी समझ से तो आप नहीं रह पायेंगे। क्योंकि इंटरनेट के बगैर आपका मोबाइल एक डब्बा है। पैसा ट्रांसफर, बैंक से नकदी आदि बगैर इंटरनेट के सब बेकार है। फोब्र्स की एक रिपोर्ट कहती है कि पिछले 4 वर्षों में भारत में सबसे ज्यादा इंटरनेट लाॅकडाॅन हुआ। अब आप यह सोच कर भी हैरान हो जायेंगे। भारत में 400 बार इंटरनेट लाॅकडाउन हुआ है। जहां सबसे ज्यादा इंटरनेट लाॅकडाउन को झेलना पड़ा, वो है जम्मू-कश्मीर उसके बाद, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, महाराष्ट्र के बाद आदि के नंबर आते हैं।

भारत के इन राज्यों में हुआ ज्यादा लॉकडाउन

 जब जम्मु-कश्मीर वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 को समाप्त किया गया था। उस समय जम्मू-कश्मीर को 21 दिनों तक इंटरनेट लाॅकडाउन को झेलना पड़ा था। यह लोकतांत्रिक देशों में अभी तक का सबसे लम्बा इंटरनेट लाॅकडाॅउन था। दूसरे स्थान पर है। राजस्थान , जहां पर 72 बार लाॅकडाॅउन हुआ है। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 29 बार लाॅकडाॅउन हुआ, हरियाणा में 15, पश्चिम बंगाल में 12, महाराष्ट्र में 11 और बिहार में भी 11 बार इंटरनेट को बंद किया गया है।

पिछले 4 वर्षों में लॉकडाउन की स्थिति

अगर हम पिछले 4 वर्षों की बात कर रहे हैं तो 2017 में 79 बार लाॅकडाॅउन, 2018 में 134 बार लाॅकडाॅउन, 2019 में 106 बार लाॅकडाॅउन, 2020 की बात करे तो 83 बार इंटरनेट लाॅकडाॅउन, 2021 में तो किसान आंदोलन के चलते कई जगह रोज इंटरनेट लाॅकडाॅउन हो रहा है। जिसमें हरियाणा राज्य के कई जिले रोज इंटरनेट लाॅकडाॅउन की मार झेल रहे है। अभी भी लाॅकडाॅउन का सिलसिला जारी है। हरियाणा में किसान आंदोलन के चलते अभी तक 17 जिलों में कुछ समय के लिए इंटरनेट लाॅकडाॅउन किया गया। लेकिन अब दिल्ली की सीमा से लगे हरियाणा के दो जिले झझर और सोनीपत को भी इस इंटरनेट लाॅकडाॅउन में शामिल कर लिया गया ।

इंटरनेट लॉक डाउन के चलते भारत को हुआ करोडों का नुकसान

इंटरनेट लाॅकडाॅउन के चलते आम जनता को तो परेशान होना पड़ रहा है। भारत को भी अधिक तौर भारी मात्रा में नुकसान हुआ है। जो नुकसान हुआ है। वह लगभग 2.8 मिलियन डाॅलर यानी की करीब 17 हजार करोड़ रूपये का नुकसान बताया जा रहा है।

भारत में इंटरनेट को निलम्बन करने का कानूनी प्रावधान हैं निलंबन के लिए केंद्रीय गृह सचिव या राज्य के सचिव द्वारा पब्लिक इमरजेंसी की स्थिति में या सार्वजनिक सुरक्षा के हित में जारी किया जा सकता है। दूर संचार विभाग पब्लिक इमरजेंसी या पब्लिक सेफ्टी रूल्स 2017 के तहत एक क्षेत्र में इंटरनेटं समेत टेलीकाॅम सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबन करने की अनुमति देता है।

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