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देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा हो गया है तैयार

भारत के सबसे बड़ा हवाईअड्डा पर काफी समय से दुनिया भर के लोगों की निगाहें बानी हुई हैं। काफी समय से इस पाए काम भी चल रहा है लेकिन अब खबरें आ रही हैं कि जल्द ही इस हवाईअड्डे पर हवाई विमान का ट्रायल शुरू किया जायगा। अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की परियोजना का 60 फीसदी काम पूरा हो गया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ऑनलाइन समीक्षा की है। नोएडा हवाईअड्डे पर फरवरी से उड़ानों के ट्रायल शुरू हो जाएंगे। प्रधानमंत्री 29 नवंबर 2023, को समीक्षा करेंगे।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से सिंतबर वर्ष 2024 से उड़ानें शुरू होंगी। हालांकि उड़ानों का ट्रायल फरवरी से शुरू हो जाएगा। निर्माणाधीन नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (जेवर) की प्रगति रिपोर्ट जानने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव ने शुक्रवार को ऑनलाइन इसकी समीक्षा की है।
बैठक में रनवे, टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी टॉवर, कनेक्टिविटी सहित परियोजना से जुड़े हर कार्य की स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई गई है। इस हवाईअड्डे में अब तक लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बैठक में बताया गया कि गतिशक्ति योजना के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा 29 नवंबर को एयरपोर्ट की समीक्षा की जाएगी।
यह एयरपोर्ट प्रदेश ही नहीं केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को समय से पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव से पहले हर हाल में उड़ान शुरू की जाएगी।
ऐसे में शुक्रवार को केंद्रीय नागरिक उड्डयन सचिव वुमलुनमंग वुअलनाम ने एयरपोर्ट की विकासकर्ता कंपनी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर परियोजना की प्रगति रिपोर्ट जानी। परियोजना से जुड़े हर कार्य की गहनता से समीक्षा की गई।
ऑनलाइन बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री तथा अपर मुख्य सचिव नागरिक उड्डयन उत्तर प्रदेश एसपी गोयल, एयरपोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन, जीएम, यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह, एसीईओ कपिल सिंह, विपिन जैन सहित सभी संबंधित विभागों व विकासकर्ता कंपनी के अधिकारी शामिल हुए।
आठ मंजिल एटीसी टॉवर का निर्माण कार्य 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसका काम तेजी से चल रहा है और आठवीं मंजिल की छत का लिंटर डाल दिया गया है। इसके बाद गुंबद का निर्माण किया जाएगा। फिनिशिंग और उपकरण लगाने के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी को सौंप दिया जाएगा। इसका लक्ष्य 31 दिसंबर रखा गया है।
एयरपोर्ट में पानी की सप्लाई के लिए 8 एमएलडी की क्षमता के दो ट्यूबवेल बनने है। इसका काम 31 मई तक पूरा कर लिया जाएगा, ताकि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद पानी की दिक्कत नहीं हो। एयरपोर्ट का काम निर्धारित समयावधि में पूरा किया जा सके, इसके लिए निर्माण कार्य में जुटे श्रमिकों की संख्या बढ़ा दी गई है, ताकि काम जल्दी से हो सके। इसका काम दिन- रात मिलाकर सात हजार से अधिक लोग काम कर रहे हैं।
एयरपोर्ट के पास बनने वाले रेस्क्यू सेंटर का निर्माण कार्य दिनांक 30 जून 2024 तक पूरा हो जाएगा। इसके लिए यमुना प्राधिकरण ने जमीन दे दी है। उड़ान शुरू होने से पहले रेस्क्यू सेंटर का निर्माण हर हाल में पूरा किया जाना है। चार इंटरचेंज व यमुना एक्सप्रेसवे को एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 750 मीटर रोड का निर्माण कार्य भी समय रहते पूरा कर लिया जाएगा।
इंटरचेंज का निर्माण कार्य 30 अप्रैल तक पूरा करना होगा। साथ ही बल्लभगढ़ एक्सप्रेसवे भी शुरू हो जाएगा। इससे जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा। एयरपोर्ट तक बेहतर कनेक्टिविटी पर काम चल रहा है। रैपिड रेल की भी बात चल रही है।

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