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दिल्ली कांग्रेस में अंतरकलह, चाको और दीक्षित गुट आमने – सामने

कभी राजस्थान तो कभी यूपी में कांग्रेस के पदाधिकारी लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद एक दुसरे पर ठीकरा फोडते नजर आ रहे है। इसी के साथ दिल्ली भी अब अंतरकलह की सूची में आ गयी है। दिल्ली में फिलहाल दो गुटों में कांग्रेस बटी हुई नजर आ रही है। जिनमें एक गुट प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का है तो दुसरा प्रदेश प्रभारी पीसी चाको का है। दोनों ही गुटो के कार्यकर्ता एक दुसरे को हार का जिम्मेदार ठहराकर इस्तीफा मांग रहे है। यही नहीं बल्कि पार्टी की यह लडाई अब सोशल मीडिया पर भी दिखने लगी है।

 

फिलहाल लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद दिल्ली कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में बिजली-पानी सकंट पर आवाज उठाने वाली दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित के खिलाफ पार्टी के एक गुट ने राहुल गांधी को चिठ्ठी भेजी है। दिल्ली में कांग्रेस दो गुटों में बंटी हुई नजर आ रही है और दोनों ने ही एक दूसरे के खिलाफ अभियान छेड़ दिया हैं। कांग्रेस का एक गुट दिल्ली प्रभारी पीसी चाको का इस्तीफा मांग रहा है, तो दूसरे गुट ने शीला दीक्षित को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने के लिए राहुल गांधी को पत्र लिखा है।

 

गौरतलब है कि दिल्ली कांग्रेस पार्टी में पिछले सप्ताह 14 जून को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको के इस्तीफे को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। अब पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पुरुषोत्तम गोयल सहित कई जिलाध्यक्षों ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर शीला दीक्षित को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से हाटने की मांग की है। गोयल ने कहा है कि यूपी और दिल्ली में शीला ने बेड़ागर्क किया है और दिल्ली जीतने के लिए कांग्रेस को नया चेहरा चाहिए।

 

यहां यह भी बताना जरुरी है कि दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको में मतभेद हैं। ये मतभेद तब ज्यादा हो गए थे, जब पीसी चाको लोकसभा चुनाव 2019 के लिए आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन करना चाहते थे, जबकि शीला दीक्षित इसके सख्त खिलाफ थीं। यह अलग बात है कि शीला दीक्षित कांग्रेस अध्यक्ष को इस बात के लिए राजी कराने में सफल रहीं कि कांग्रेस को आम आदमी पार्टी से गठबंधन नहीं करना चाहिए। नतीजतन कांग्रेस दिल्ली की सातों सीटो पर अकेले लड़ी और आम आदमी पार्टी से बेहतर वोट हासिल किए।

 

बहरहाल, पिछले सप्ताह 14 जून को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको को लेकर पार्टी के भीतर मचा घमासान अब और गरमा गया है। दरअसल, पीसी चाको और शीला दीक्षित के इस्तीफे को लेकर दिल्ली कांग्रेस में अब दो गुट बन गए हैं। एक गुट चाको का इस्तीफा मांग रहा है, तो दूसरा गुट नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है।

 

वही पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पुरुषोत्तम गोयल सहित कई जिलाध्यक्षों ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर शीला दीक्षित के खिलाफ जहर उगला दिया है। राहुल गांधी को लिखे पत्र में क्या लिखा है? यह तो पता नहीं चल पाया है, लेकिन माना जा रहा है कि शीला के पक्ष में सकारात्मक बातें नहीं लिखी गयी हैं।

 

गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में 14 जून को प्रदेश प्रभारी पीसी चाको के इस्तीफे को लेकर भी जमकर हंगामा हुआ था। इस दौरान पूर्व पार्षद रोहित मनचंदा ने पीसी चाको पर दुर्व्यवहार करने तक का आरोप लगाया था। दरअसल रोहित पिछले कुछ दिनों के दौरान पीसी चाको के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट लिख रहे थे और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

 

इसी दौरान 15 जून को मामला तब बिगड़ गया जब पीसी चाको ने प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित और तीनों कार्यकारी अध्यक्षों की मीटिंग बुलाई थी। जिसमें रोहित मनचंदा और पीसी चाको का आमना-सामना हुआ। बताया जा रहा है कि इस दौरान पीसी चाको ने रोहित मनचंदा से सोशल मीडिया पर डाले जा रहे पोस्ट के बारे में कुछ सवाल किया, जिसके बाद रोहित ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बाद हंगामा रुकने का नाम नही ले रहा है। आए दिन पार्टी का कोई ना कोई कार्यकर्ता कभी शीला दीक्षित तो कभी पीसी चाको को घेरे में ले लेता है। इससे लगता है पार्टी को कलह से बचाने के लिए जल्द ही पार्टी सुप्रीमो कोई चौकाने वाला फैसला ले सकता है।

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