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स्वामियों की शरणगाह बनती भारतीय जेल

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की कानून की छात्रा के साथ दुष्कर्म करने और उसे ब्लैकमेल करने के आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता चिन्मयानंद स्वामी को उनके मुमुक्ष आश्रम से शुक्रवार को उत्तरप्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

हालांकि उत्तरप्रदेश पुलिस द्वारा गठित एक विशेष जाँच टीम ने स्वामी चिन्मयानन्द द्वारा उन पर लगे आरोप स्वीकारने का दावा किया लेकिन दर्ज एफ आई आर में बलात्कार की धारा नहीं लगाई। इससे पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच पर बड़ा प्रश्न चिह्न लग गया।

कृष्णपाल से स्वामी चिन्मयानंद बनने की यात्रा

चिन्मयानन्द ने अपने धार्मिक यात्रा शाहजहाँपुर के प्रसिद्ध हिन्दू नेता स्वामी सुखदेवानंद के शिष्य धर्मानंद के सानिध्य में शुरू की। 1947 में देश आजाद होने के दौरान सुखदेवानंद को हिंदुत्व का ख्याल आया और इसी दौरान शाहजहांपुर में गाँधी फैज-ए-आजम कॉलेज की स्थापना हुई।

सुखदेवानंद को यह कॉलेज मुस्लिम परस्त लगा और इसकी प्रतिक्रिया में उन्होंने दैवी संपाद संस्कृति महाविद्द्याय की स्थापना की। इसके बाद 1964 में स्वामी सुखदेवांनद पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज की स्थापना हुई।जिसके बाद उन्होंने शाहजहांपुर, हरिद्धार और ऋषिकेश में भी आश्रम बनाये, जिसके बाद उनका देहांत हो गया। उनके देहांत के बाद उनके नाम का का एक संस्था बनी जिसकी बागदौड़ उनके शिष्य स्वामी धर्मानंद ने संभाली स्वामी धर्मानंद ने भी शिक्षा के माध्यम से हिन्दू संस्कृति को लेकर बहुत काम किया। सन 1991 को उनका देहांत हो गया। देहांत के बाद उनके ट्रस्टो और आश्रमो की जिम्मेदारी उनके 44 साल के शिष्य स्वामी चिन्मयानंद ने संभल ली। चिन्मयानंद का बचपन का नाम कृषणपाल सिंह था उन्होंने 20 साल की उम्र में गृहत्याग कर लिया इसके बाद उन्होंने विभिन्न जगहो हरिद्धार, वाराणसी और गुवाहाटी से धार्मिक अध्ययन किया।
90 के दशक से पहले चिन्मयानन्द ने विभिन्न आंदोलनों में भाग लिया। इसके साथ 1964 में स्थापित विश्व हिन्दू परिषद् (VHP) के साथ उनका गहरा संबन्ध भी थे। जिसके कारण वे बीजेपी के कददावर साथी भी थे।

1980 के आखिर में चिन्मयानंद को राम जन्मभूमि मुक्ति संघर्ष समिति का राष्ट्रीय सयोंजक बनाया गया। उन्ही के नेतृत्व में संघर्ष समिति के फैलाव का काम किया गया। जिसके चलते उनकी नजदीकी बीजेपी के नेता लालकृष्ण आडवाणी से हुई। उस समय जब वीपी सिंह की सरकार गिरी तब 1991 में बदायूँ से शरद यादव के खिलाफ चिन्मयानंद को टिकट दिया गया और उन्होंने 15000 हजार वोटो से जीत हासिल की। 1992 में जब राम मंदिर ढहाई गयी तो तब इसमें चिन्मयानन्द भी शामिल थे। 2009 की लिब्राहन आयोग की रिपोर्ट में जिन आरोपियों के नाम थे उनमें से एक नाम चिन्मयानन्द का भी था।

इसके अलावा उन्होंने बहुत सारे आश्रमो, अस्पतालों, ट्रस्टों आदि की स्थापना की और उनकी जिम्मेदारी ली। बता दे चिन्मयानंद को शुक्रवार सुबह उनके घर से पुलिस और एसआईटी ने गिरफ्तार किया। लॉ छात्रा के आरोपों के बाद मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया था। 24 अगस्त को एक विडियो के जरिए पीड़ित छात्रा ने स्वामी चिन्मयानंद पर संगीन आरोप लगाए थे। ये छात्रा उसी कॉलेज में पड़ती है जिसके चेयरमैन चिन्मयानन्द है।

छात्रा ने 24 अगस्त को एक विडियो वायरल कर स्वामी चिन्मयानंद पर शारीरिक शोषण और कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने के आरोप लगाए। इस मामले में 25 अगस्त को पीड़िता के पिता की ओर से कोतवाली शाहजहांपुर में अपहरण और जान से मारने की धाराओं में स्वामी चिन्मयानंद के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया था। इसके बाद स्वामी चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह ने पांच करोड़ रुपए रंगदारी मांगने का भी मुकदमा दर्ज करा दिया था।

और भी धार्मिक दिग्गज है जेल के भीतर

हालांकि भारत में ऐसे बाबाओं की सूची सिर्फ चिन्मयानन्द पर ही खत्म नहीं होती. भारत में ऐसे और भी बाबा हैं, जिनके लाखों अनुयायी रहे हैं.

 

यहां तक कि फिल्म स्टार, क्रिकेट सेलिब्रेटी राजनैतिक हस्तियां भी इनके इर्द-गिर्द नजर आती रही हैं. लेकिन बाद में गंभीर आरोपों में इन्हें जेल भेज दिया गया है।

 

 

जिसमे धर्म प्रवचनकर्ता आसाराम बापू के बेटे नारायण साईं को साध्वी से रेप के मामले में दोषी ठहराने के बाद उम्रकैद की सजा में जेल में बंद है। साथ ही उसके पिता आसाराम बापू दो बच्चों की नरबलि, सूरत की दो बहनों के बलात्कार और नौ गवाहों पर जानलेवा हमलों में तीन की हत्या जैसे गंभीर आरोपों में जेल में बंद है।


वहीं हरियाणा के सिरसा, रोहतक, पंचकुला में व्यापक प्रभाव रखने वाला डेरा सच्चा सौदा का संस्‍थापक गुरमीत राम रहीम रेप व हत्या के मामले में जेल में बंद है। राम रहीम के प्रभाव को ऐसे समझा जा सकता है कि हरियाणा के कई मुख्यमंत्री व बड़ी हस्तियां उसके सामने नतमस्तक होती थीं। लेकिन बाद में उसके आश्रम में हरम बने होने तक के सबूत मिले।

तमिलनाडु में तिरुचिरापल्ली आश्रम चलाने वाला स्वामी परामानंद भी जेल में बंद है। उसके ऊपर 13 महिलाओं से रेप के आरोप है।

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