[gtranslate]

नरेंद्र मोदी से भयभीत विपक्षी दलों ने लोकसभा चुनाव पूर्व गठबंधन कर भाजपा से मोर्चा लेने का प्रयास किया जरूर लेकिन कुछ खास सफलता हाथ ना लगने के चलते अब ऐसे गठबंधनों की बंधन डोर खुलने लगी है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्रा और बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने समासजवादी संग चुनाव पूर्व हुए गठबंधन को हाल-फिलहाल के लिए टाटा-बाई-बाई कह डाला है। अगले कुछ माह में ग्यारह विधनसभा सीटों के उपचुनाव अपने दम पर लड़ने का एलान मायावती ने कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सपा-बसपा के शीर्ष नेतृत्व ने भले ही मोदी फोबिया के चलते एक-दूसरे संग दोस्ती कर ली, अपने कॉडर तक वे स्पष्ट संदेश दे पाने में विपफल रहे। नतीजा सपा का कोर वोट बसपा और बसपा का कोर वोट सपा को ट्रांस्फार ना हो सका। सपा मात्र पांच लोकसभा सीटे जीत पाई। उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव, उनके चचरे भाई धमेंद्र और अक्षत तक चुनाव हार गए। मायावती हालांकि लाभ में रहीं। 2014 में एक भी सीट ना हासिल कर सकी बसपा। 2019 में दस सीटें पा गई। जानकार यह भी यह भी मानते हैं कि मायावती और अखिलेश इन चुनावों में ख्याली पुलाव ज्यादा बनाते रहे। मायावती खुद को पीएम कैड़िडेट तक मानने लगी थीं। चुनाव परिणाम आने के साथ ही मायावती ने सपा प्रेम त्यागने में देर नहीं लगाई। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा है कि ‘‘वे गठबंधन को समाप्त नहीं मान रही। भविष्य में वे दोबारा सपा संग गठजोड़ कर सकती हैं लेकिन इसके लिए सपा को अपना वोट बैंक ट्रांसफर कराने की रणनीति बनानी होगी।’’

ऐसा कहकर एक तरह से मायावती ने अखिलेश यादव के नेतृत्व क्षमता पर प्रश्न चिन्ह लगा डाला है। हालांकि इस बार मायावती थोड़ी डिप्लोमेसी का इस्तेमाल करती भी नजर आई। उन्होंने ‘‘अखिलेश यादव और उनके परिवार संग करीबी रिश्ते बनाए रखने की बात कही। मायावती का यह कहना कि अखिलेश अपनी पार्टी के कोर वोट को साध नहीं सकें’’, सपा नेताओं को खासा अखरा है। मायावती भले ही कुछ कहें, उत्तर प्रदेश में अब बसपा-सपा के मध्य गठजोड़ समाप्त हो चला है।

अगर रास्ते अगल-अलग हैं तो उसका भी स्वागत : अखिलेश

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मायावती के बयान पर सधी टिप्पणी की है। अखिलेश यादव ने कहा ‘यदि गठबंधन टूटता है और जो बातें बसपा प्रमुख ने कही हैं, उन पर सोच-विचार कर ही अपनी बात रखूंगा। यदि बसपा उपचुनाव अकेले लड़ेगी तो सपा भी ग्यारह सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने यह भी कह डाला कि ‘अगर रास्ते अगल-अलग हैं तो उसका भी स्वागत और बधाई सबको। सब अपने-अपने रास्ते चलेंगे।

You may also like

MERA DDDD DDD DD