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ICMR ने दी एंटीबॉडी टेस्ट की मंजूरी, अब बड़े पैमाने पर हो सकेगा कोरोना की जांच

ICMR ने दी एंटीबॉडी टेस्ट की मंजूरी, अब बड़े पैमाने पर हो सकेगा कोरोना की जांच

देश में लगातार बढ़ते कोरोना मामलों के मद्देनजर बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाने की हरी झंडी दे दी गई है। भारतीय चिकित्सा शोध परिषद् ने कई और लैबों को कोविड-19 जांच के लिए मंजूरी दी है। इसके साथ ही आइसीएमआर ने रक्त नमूनों से एंटीबॉडी परीक्षण को भी मंजूरी दे दी है। कोविड-19 के सैंपल की जाँच डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (DBT), डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी लाजी (DST), काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) और डिपार्टमेंट ऑफ एटामिक रिसर्च (DAE) की लैब में भी की जा सकेगी। एंटीबॉडी परीक्षण कोरोना वायरस के मामलों की त्वरित पहचान करने के मद्देनजर इसके संवेदनशील इलाकों या जहां से सबसे अधिक मामले सामने आए हैं वहां के लोगों का ‘एंटीबॉडी ब्लड टेस्ट’ किया जा सकता है।

जल्द आएगी रिपोर्ट

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद् (ICMR) ने अपने अंतरिम परामर्श में कोरोना वायरस से ज्यादा प्रभावित इलाकों में ‘रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट’ कराने का सुझाव दिया था । इसपर इस संकट से निपटने के लिए गठित नेशनल टास्क फोर्स की एक आपात बैठक में गुरुवार फैसला लिया गया। एंटीबॉडी परीक्षण से जांच का परिणाम जल्दी मिलता है। पंद्रह से बीस मिनट में इसका परिणाम मिल जाएगा। एंटीबॉडी परीक्षण की एक सुविधा यह भी है कि कम समय में ज्यादा लोगों की जांच हो सकेगी। इससे जो इलाके कोरोना से अधिक प्रभावित हैं वहां मरीजों की पुष्टि जल्दी करने के साथ उनका समय से इलाज करने में सुविधा होगी। सरकार ने अभी तक PCR (पेरीमिरेज चेन रियेक्शन) टेस्ट की अनुमति दे रखी थी। मरीज के नाक और गले से लिए गए तरल नमूनों की इस जांच में अभी काफी वक्त लग रहा था।

निर्देशों का कड़ाई से पालन

ICMR के एक अधिकारी ने बताया कि इन संस्थाओं की लैब को कोरोना की जांच शुरू करने से पहले परिषद् द्वारा जारी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि वायरस बेहद खतरनाक है। इलसिए इसके सैंपल कई प्रक्रियाओं से होकर परीक्षण के लिए पहुँचते है। किसी भी अप्रशिक्षित कर्मचारी को किसी भी स्तर पर नहीं लगाया जा सकता है। थोड़ी-सी भी असावधानी से यह वायरस लैब को संक्रमित कर सबके लिए बड़ा संकट खड़ा कर सकता है।

साथ ही कहा गया है कि ICMR अपनी ओर से कोई किट या रसायन उपलब्ध नहीं कराएगी। अतः सभी लैब सकारी संस्थाओं की ओर से दी गई सैंपलों की ही जाँच करेगी। इस सम्बन्ध में कोई समझौता करने के लिए भी इन विभागों के सचिव को ही अनुमति होगी। ICMR ने मेडिकल कचरे के निस्तारण के लिए नियमों का कड़ाई से पालन करने को भी कहा है।

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