[gtranslate]
Country

मैं कुमारस्वामी नहीं कि मेरी सरकार गिर जाए

 कर्नाटक में कुमारस्वामी की सरकार गिरने के बाद अब खतरा मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर भी मंडराने लगा है। बीजेपी ने दावा किया है कि आंतरिक कलह से कर्नाटक की तरह मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार भी जल्दी ही गिर जाएगी।

कर्नाटक में विश्वास प्रस्ताव पर चार दिनों की बहस के बाद कुमारस्वामी  की सरकार गिर गई है। विधानसभा में मंगलवार को मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के नेतृत्व में कांग्रेस व जनता दल सेक्युलर (जद-एस) की गठबंधन सरकार विश्वास मत हासिल नहीं कर सकी। 225 सदस्यीय कनार्टक विधानसभा में विश्वास मत के लिए 20 विधायक सदन में उपस्थित नहीं हुए थे। विधानसभा अध्यक्ष के. आर. रमेश कुमार ने विश्वास मत के बाद सदन के सदस्यों को बताया कि मुख्यमंत्री एच. डी. कुमार स्वामी विश्वास मत हासिल नहीं कर सके। और विश्वास मत के पक्ष में 99 जबकि इसके खिलाफ 105 मत पड़े।जिसके चलते उनकी सरकार  विश्वास मत हासिल करने में असफल रही।

कर्नाटक की तर्ज पर बीजेपी अब ऑपरेशन लोट्स को मध्य प्रदेश में भी चलाना चाहती है। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने  बीजेपी पर अपनी सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है. कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी मध्य प्रदेश में ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाने का प्रयास कर रही है. कांग्रेस के पांच विधायकों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को बताया है कि बीजेपी ने उनसे संपर्क साधा है और उन्हें तोड़ने के लिए प्रलोभन दिया जा रहा है ताकि कांग्रेस सरकार को संकट में डाला जा सके. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आरोप लगाया है कि बीजेपी उनकी सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस का दावा है कि कमलनाथ की सरकार गिराने के लिए बीजेपी नेताओं को सात जन्म लेने पड़ेंगे।

प्रदेश की कमलनाथ सरकार को लेकर अटकलों का बाजार गर्म   है जिसे हवा दे रहे हैं खुद एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी के अन्य नेता। इनका साफ-साफ कहना है कि एमपी में भी कांग्रेस आंतरिक विरोध से सत्ता गंवा सकती है।पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा हम  मध्य प्रदेश) की सरकार के पतन का कारण नहीं बनेंगे। कांग्रेस के नेता स्वयं अपनी सरकारों के पतन के लिए जिम्मेदार हैं। कांग्रेस में एक आंतरिक संघर्ष  चल रहा है , और बीएसपी-एसपी का समर्थन है, अगर ऐसा कुछ होता है तो हम कुछ नहीं कर सकते।दरअसल, मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार एसपी और बीएसपी विधायकों समेत कुछ निर्दलीय विधायकों के समर्थन पर टिकी है। ऐसे में बीजेपी नेताओं के दावों को हवा भी मिल रही है लेकिन कांग्रेस नेता ऐसे किसी भी खतरे से इनकार कर रहे हैं। कमलनाथ सरकार में मंत्री जीतू पटवारी का कहना है कि कमलनाथ सरकार को गिराने लिए विरोधियों को सात जन्म लेने होंगे।

बीजेपी  कर्नाटक जैसा उलट-फेर मध्य प्रदेश में भी कर सकती है। मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं और बहुमत के लिए जरूरी 116 सीट है । इनमें से कांग्रेस के पास 114 सीटें हैं जबकि बीजेपी की 109 सीटें हैं। इनके अलावा बीएसपी और एसपी के एक-एक जबकि 4 निदर्लीय विधायक हैं।जाहिर है कि कमलनाथ सरकार के पास बहुमत से दो सीट कम है और वो निर्दलीय और एसपी-बीएसपी विधायकों के सहारे सत्ता में टिकी हुई है। अगर बीजेपी कांग्रेस के विधायकों को या फिर निर्दलीय और एसपी-बीएसपी विधायकों को तोड़ने में सफल हुई तो फिर कमलनाथ सरकार भी संकट में आ सकती है।

कमलनाथ ने हालांकि अपने सरकार के प्रति भरोसा जताया है और कहा कि उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है. उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी के पांच विधायक उनके संपर्क में हैं. बीजेपी के ये विधायक अपनी पार्टी में अपने भविष्य को लेकर आशंकित हैं. कमलनाथ ने कहा कि यदि बीजेपी उनके विधायकों को तोड़ने का प्रयास करती है तो वह भी वही करेंगे।

You may also like

MERA DDDD DDD DD