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हैदराबाद की IT कंपनियों ने अपने एम्प्लाइज को एक-एक साल के लिए दिया वर्क फ्रॉम होम

हैदराबाद की IT कंपनियों ने अपने एम्प्लाइज को एक-एक साल के लिए दिया वर्क फ्रॉम होम

हैदराबाद शहर को बिरयानी, चार मीनार, आईटी और स्टार्टअप के लिए जाना जाता है। शहर ने लॉकडाउन के बाद आगे बढ़ने की रफ्तार तेज कर दी है। बेंगलुरु, पुणे, चेन्नई और गुड़गांव के आईटी सेक्टर में सैचुरेशन आने के बाद इंटरनेशनल कंपनियों ने नए ठिकाने के तौर पर हैदराबाद को चुना था। एक तरफ रिवायतों से रूबरू करवाता पुराना शहर तो दूसरी ओर हाईटेक आईटी सिटी की चमचमाती इमारतें। आईटी सिटी की फेहरिस्त में देश में दूसरे नंबर पर काबिज हैदराबाद के आईटी सेक्टर की गलियां इन दिनों सूनी हैं।

सभी बड़ी कंपनियों में एचआर स्टाफ, सिक्योरिटी और हाउसकीपिंग वाले तो आ रहे हैं, लेकिन दफ्तरों में बाकी स्टाफ नहीं हैं। आईटी कंपनियों ने अपने एम्प्लाइज को एक-एक साल के लिए वर्क फ्रॉम होम दे दिया है। यहां की बड़ी आईटी कंपनियों पर कोरोना का असर नाममात्र है, लेकिन छोटी स्टार्टअप कंपनियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। 70 फीसदी स्टार्टअप अब नए बिजनेस में उतर चुके हैं।

इन कंपनियों के लिए रोज काम करने का तरीका भी नहीं बदला है। मल्टीनेशनल कंपनी एनवीडिया के सीनियर मैनेजर मसूद शेख बताते हैं ‘आईटी कंपनियों में मीटिंग TEAM ऐप के जरिये हो रही है, जहां जूम पर लिमिटेड लोग कुछ समय के लिए ही मीटिंग में शामिल हो सकते हैं। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट टीम ऐप से एक साथ 100 से ज्यादा लोग अनलिमिटेड टाइम के लिए जुड़ सकते हैं। इस तरह के और नए-नए सॉफ्टवेयर आ रहे हैं।

आईटी सेक्टर में पुणे 5वें नंबर पर आता है। हैदराबाद के आईटी सेक्टर से पुणे के मुकाबले बहुत कम लोगों की नौकरियां गईं हैं। लेकिन, जिनकी गईं हैं वे परेशान हैं। बेशक ऊपरी तौर पर आईटी सेक्टर की चमचमाती दुनिया दिखाई दे रही है लेकिन अंदर डर भी है। आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा काम यूएस जनरेट करता है और वहां हालात अभी ठीक नहीं है।

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