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हुड्डा – तंवर लडाई में शैलंजा की लग सकती हैं लाटरी,बनेगी अध्यक्ष !

 

बंदर की कहानी तो सुनी होगी आपने। दो बंदरो की एक रोटी को लेकर लडाई हो रही थी। बीच में आ कुदी बिल्ली। बिल्ली ने रोटी को तो बाटा लेकिन दोनो बंदरो को पल्ले कुछ नही पडा। तभी से कहावत चली आ रही है कि दो बंदरो की लड़ाई में बिल्ली का फायदा।

कुछ ऐसा ही आजकल हरियाणा की कांग्रेस पार्टी में चल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भुपेंद्र सिंह हुड्डा और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर की आपसी राजनीतिक लडाई ने आलाकमान तक को पशोपेश में डाल दिया है। ऐसे में पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हुड्डा और तंवर गुट को बैलेंस करने के लिए नई रणनीति बनाई है। जिसका कल पटाक्षेप होगा। जिसमें अध्यक्ष पद पर कुमारी शैलंजा को पदासीन करने की तैयारी लगभग हो चुकी है।

हालांकि पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये है कि वो कैसे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र हुड्डा को मैनेज करेगी। इस बदलाव ने ये संकेत तो अवश्य दे ही दिये हैं कि ना ही भूपेन्द्र हुड्डा कांग्रेस छोड़ना चाहते हैं और ना ही कांग्रेस भूपेन्द्र को किसी कीमत पर छोड़ना चाहती है। हो सकता है हरियाणा के नये कांग्रेस अध्‍यक्ष की कल घोषणा हो जाए ।

बहरहाल, हुड्डा और अशोक तंवर की लड़ाई में कुमारी शैलजा की लॉटरी लग सकती है । कांग्रेस सूत्रों से खबर आ रही है कि है कि कांग्रेस दलित नेता कुमारी शैलजा को कल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बना सकती है । सवाल ये है कि ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा क्या करेंगे ?

सूत्र बताते है कि सोनिया और राहुल हुड्डा को हरियाणा कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने के पक्ष में नहीं है । लेकिन यह भी बताया जा रहा है कि इसके साथ ही पार्टी भूपेंद्र सिंह हुड्डा को सम्मानजनक पद देने पर विचार भी कर रही है । चर्चा है कि उनको विधायक दल का नेता और केंद्रीय चुनाव समिति का सदस्य बनाया जा सकता है ।

गौरतलब है कि भूपेन्द्र हुड्डा की मांग थी कि अशोक तंवर को हटाया जाए और अशोक तंवर चाहते थे कि राज्य की कमान भूपेन्द्र हुड्डा को ना मिले । ऐसे में एक ऐसे चेहरे की जरूरत थी जो सबको साथ लेकर चल सके । इसके चलते कुमारी शैलजा पहली बार हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाल सकती है।

अब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कुमारी शैलजा जो पार्टी का दलित चेहरा हैं और अम्बाला व सिरसा दोनों जगह से लोकसभा की सांसद रही हैं, उन्‍हें अध्‍यक्ष बनाया जा सकता है । वैसे वह पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे चौधरी दलवीर सिंह की बेटी हैं । दलवीर हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष और केन्द्र में कई बार मंत्री रहे हैं ।

याद रहे कि कुमारी शैलजा कांग्रेस व केंद्र सरकार में विभिन्न पदों पर रही हैं। साल 1990 में वे महिला कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं। वे 10वीं लोकसभा के चुनाव में हरियाणा के सिरसा लोकसभा क्षेत्र से चुनी गईं। पीवी नरसिम्हा राव सरकार में वे शिक्षा एवं संस्कृति मामलों की राज्यमंत्री बनीं।

साल 1996 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के काफी खराब प्रदर्शन के बावजूद कुमारी शैलजा फिर से चुनी गईं। साल 2004 के लोकसभा चुनाव में अंबाला लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधत्व किया और बाद में केंद्रीय राज्यमंत्री बनीं। कुमारी शैलजा को गाँधी परिवार का बहुत करीबी माना जाता रहा है।

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