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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान दीक्षांत समारोह को गृह मंत्री अमित शाह ने किया संबोधित

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान दीक्षांत समारोह को गृह मंत्री अमित शाह ने किया संबोधित

गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। उन्होंने 13 पीएचडी, पीजी, एमबीबीएस 2013, 2014, बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल देकर सम्मानित किया। कुल 252 विद्यार्थियों को डिग्री दी गई है। साथ ही 132 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र भी दिए गए। इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने एम्स के प्रथम दीक्षांत समारोह में शिरकत की थी।

यहां उनकी आगवानी के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा बंशीधर भगत समेत कई विधायक और भाजपा पदाधिकारी मौजूद थे। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डा रमेश पोखरियाल निशंक और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन भी कार्यक्रम में मौजूद थे। यहां दीप प्रज्जवलन के बाद कार्यक्रम शुरू किया गया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के कार्यकाल में एम्स की स्थापना हुई। तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सुषमा स्वराज ने इस काम को आगे बढ़ाया। ऋषिकेश में एम्स की स्थापना उन्हीं के कार्यकाल में हुई थी, मुझे खुशी है इस बात की कि तेजी के साथ विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि यहां से उपाधि लेने वालों सम्मानित करने का मौका मिल रहा है यह भी हमारे लिए गौरव की बात है।

कहा कि यहां स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसका लाभ सिर्फ उत्तराखंड को नहीं मिल रहा है, बल्कि देश के पश्चिम क्षेत्र को भी इसका लाभ मिल रहा है। आने वाले समय में देश को 22 और एम्स मिलने वाले हैं। अटल बिहारी वाजपेई ने छह एम्स से शुरुआत की थी। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस काम को तेजी के साथ आगे बढ़ाया है।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि ऋषिकेश पूरे विश्व में योग की राजधानी है। अध्यात्म के शिखर का यह स्थान है। यहां दीक्षा समारोह का होना गौरव की बात है। उपाधि ग्रहण करने वालों को समाज में जाकर लोगों के जीवन की रक्षा करनी है। देश के विराट व्यक्तित्व गृह मंत्री अमित शाह के हाथों आप सभी को उपाधि मिल रही है, यह बड़े गौरव की बात है।

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