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करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भारत -पाक के बीच हाईलेवल मीटिंग आज 

गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में भारत-पाकिस्तान द्वारा करतारपुर कॉरिडोर को लेकर कुछ मुद्दों पर पैदा हुए वैचारिक मतभेदों को सुलझाने के लिए अटारी सड़क सीमा पर आज  एक बैठक का आयोजन किया जा रहा है। बैठक में दोनों देशों के बीच बन रहे पहले वीजा फ्री रास्ते पर महत्वपूर्ण फैसले होंगे।

यह बैठक ऐसे समय में होने जा रही है जब दोनों देशों के बीच जम्मू-कश्मीर को लेकर भारी तनाव है। पाकिस्तान और भारत,सिख श्रद्धालुओं के लिए करतारपुर गलियारे को लेकर समझौते और उसे चालू करने को लेकर तीसरे दौर की वार्ता आज 4 सितंबर को अटारी में होने जा रही है भारतीय अधिकारी करतारपुर कॉरिडोर के संचालन के लिए एक  समझौते में कुछ गैप को खत्म करने का प्रयास करेंगे, जब वे आज अटारी में अपने पाकिस्तानी समकक्षों से मिलेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में कुछ उलझे वैचारिक मुद्दों को सुलझाने की कोशिश होगी।

अंतरराष्ट्रीय  सिख सम्मेलन में इमरान खान के भाषण के बाद इस बात की संभावना है कि पाकिस्तान-भारत सरकार की दस हजार श्रद्धालुओं को  करतारपुर साहिब के दर्शनों को अनुमति  देने की शर्त को स्वीकार कर लेगा। इस बैठक में दोनों देशों के उच्च अधिकारी अटारी सीमा पर स्थित इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) के मीटिंग हॉल में करतारपुर कॉरिडोर के संचालन के प्रारूप पर चर्चा करेंगे।
इसमें करतारपुर कॉरिडोर से सुबह कितने बजे से श्रद्धालुओं को गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब दर्शनों के लिए भेजा जाएगा, करतारपुर कॉरिडोर का रास्ता शाम कितने बजे बंद होगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान की तरफ से कॉरिडोर की सुरक्षा की जिम्मेदारी के लिए क्या प्रबंध किए जाएंगे, इस पर चर्चा की जाएगी।

बैठक में भारत सरकार द्वारा पिछली बैठक में रखे गए एक प्रस्ताव, जिसमें श्री करतारपुर साहिब में एक भारतीय कॉन्सुलेट स्थापित करने की मांग की गई थी,उस पर भी चर्चा की जाएगी। भारत सरकार का कहना है कि श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को यदि वहां कोई समस्या आती है तो वे भारतीय कॉन्सुलेट से संपर्क स्थापित कर सकें।
इस बैठक में दोनों देशों द्वारा यात्री टर्मिनल में लगाए जाने वाले झंडों की ऊंचाई के साथ-साथ सुबह व शाम को दोनों देशों के सीमा रक्षक दलों के बीच एक बैठक करने पर भी विचार होगा। इस बैठक में धुस्सी बांध के साथ बहने वाले रावी नदी पर पुल के निर्माण का मुद्दा भी भारतीय अधिकारी उठाएंगे।
जानकारी के अनुसार दोनों देशों के बीच अटारी-वाघा सीमा पर आने-जाने के जो नियम लागू हैं, उन्हीं नियमों को इस पहले वीजा फ्री रास्ते में लागू किए जाने की संभावना है। नवंबर के पहले सप्ताह में खुलने वाले इस कॉरिडोर के उद्घाटन के लिए संभावित गणमान्यों के नामों पर भी चर्चा होगी।
पाकिस्तान ने पहले ही घोषणा कर रखी है कि इमरान खान इस कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। वहीं भारत की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में पहुंचेंगे या रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, यह अभी तय नहीं है।

भारत द्वारा जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। कश्मीर को लेकर भारत के कदम के बाद पाकिस्तान ने नयी दिल्ली के साथ राजनयिक संबंध कमतर करते हुए भारतीय उच्चायुक्त को निष्कासित कर दिया था। पाकिस्तान ने कई बार कहा है कि गलियारे को खोला जाना भारत के साथ वर्तमान तनाव से प्रभावित नहीं होगा।

प्रस्तावित गलियारा पाकिस्तान के करतारपुर स्थित दरबार साहिब को गुरदासपुर जिला स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से जोड़ेगा और इससे भारतीय सिख श्रद्धालुओं को वीजा-मुक्त आवागमन की सुविधा मिलेगी। इन श्रद्धालुओं को सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव द्वारा 1522 में स्थापित करतारपुर साहिब जाने के लिए मात्र एक परमिट लेना होगा। आज चार सितंबर को यह बैठक वाघा सीमा के भारत की ओर अटारी सीमा पर आयोजित होगी। उम्मीद है कि उक्त बैठक में दोनों देशों के अधिकारी गलियारे को खोलने को लेकर मसौदा समझौते को अंतिम रूप देंगे।

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