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गुरुग्राम में पायलट की ताकत का अहसास करायेंगे तीन राज्यों के गुर्जर, 26 को पंचायत

गुरुग्राम में पायलट की ताकत का अहसास करायेंगे तीन राज्यों के गुर्जर, 26 को पंचायत

राजस्थान के रण में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच सियासी वार चल रहा है। वहीं, दूसरी तरफ गुर्जर समाज में दिनोंदिन आक्रोश बढ़ता जा रहा है। यह आक्रोश उनके समाज के लोकप्रिय नेता सचिन पायलट को कांग्रेस द्वारा दरकिनार करने और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा निकम्मा और नकारा नेता कहने के चलते हुआ है। फिलहाल सचिन पायलट को समाज का समर्थन अभी खुले तौर पर सामने नहीं आया है । लेकिन अब गुर्जर समाज के लोग सचिन पायलट की ताकत का एहसास कराएंगे। इसके लिए गुर्जर हरियाणा में पंचायत का आयोजन करेंगे। यह पंचायत गुरुगांव के रिठौज गांव में 26 जुलाई को होगी। जिसमें तीन राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा तथा राजस्थान के लोग एकजुट होंगे।

पिछले 10 दिन से राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट खेमे में राजनीतिक सियासत जमकर चल रही है। अब तक इस सियासत में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विनर के तौर पर सामने आए है । लेकिन वहीं दूसरी तरफ सचिन पायलट ने भी हार नहीं मानी है । हालांकि अशोक गहलोत की अपेक्षा सचिन पायलट के पास विधायकों का समर्थन बहुत कम है । लेकिन बावजूद इसके पायलट ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं । कांग्रेस ने सचिन पायलट को कभी हां तो कभी ना के बीच लटका रखा है ।

उधर, दूसरी तरफ सचिन पायलट का भी स्पष्ट रुख नहीं है कि वह कांग्रेस में ही रहेंगे या अपनी अलग पार्टी बनाएंगे। इस दौरान सचिन पायलट अपनी तथा अपने साथी 19 विधायकों की सदस्यता को बचाने के लिए न्यायालय में लड़ाई लड़ रहे हैं। दूसरी तरफ उनके खिलाफ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मोर्चा खोल रखा है। अशोक गहलोत हर दिन एक नया सनसनीखेज वाकया सामने लाकर सचिन के साथ ‘वॉक युद्ध’ कर रहे हैं । हालांकि इस ‘वॉक युद्ध’ में सचिन पायलट ने अभी अपने शस्त्र नहीं उठाए हैं । वह अभी तक चुप्पी साधे हुए हैं

पिछले 10 दिनों में सचिन पायलट सिर्फ एक बार मीडिया के सामने आए हैं। जहां उन्होंने कहा कि वह भाजपा में नहीं जा रहे हैं बल्कि उन्हें पार्टी हाईकमान की नजरों में गिराने के लिए भाजपा में जाने की अफवाह फैलाई जा रही है। इस दिन के बाद सचिन पायलट ने मीडिया को कोई बयान नहीं दिया है। जबकि, दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कह रहे हैं कि पिछले 6 महीनों से सचिन पायलट उनकी सरकार को गिराने के लिए साजिश कर रहे थे।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के तीखे बोल सचिन समर्थकों के लिए खासा परेशान करने वाले साबित हो रहे हैं। फिलहाल की स्थिति को देखें तो उत्तर भारत में गुर्जर समाज के सबसे बड़े नेता के रूप में सचिन पायलट को मान्यता दी गई है। इससे पहले गुर्जर समाज उनके पिता राजेश पायलट को अपने समाज का सर्वमान्य नेता मानता था। लेकिन फिलहाल की स्थिति को देखें तो उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा के साथ ही दिल्ली से किसी भी गुर्जर समाज के बड़े नेता ने सचिन पायलट के समर्थन में खड़े होने की हिम्मत नहीं दिखाई है।

आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सचिन पायलट के प्रति सख्त लहजे में की गई बात से गुर्जर समाज के नेताओं में मुख्यमंत्री के प्रति नाराजगी है। दादरी के भाजपा विधायक तेजपाल नागर ने एक ट्वीट करके अपना आक्रोश व्यक्त किया है। नागर ने कहा है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज सचिन पायलट जी के लिए जिस तरह से अभद्र शब्दों का प्रयोग किया है, वो न सिर्फ दादरी क्षेत्र के हमारे प्रिय स्वर्गीय राजेश पायलट जी का अपमान है, बल्कि समस्त गुर्जर समाज का अपमान किया है। इसके लिए तुरंत पूरे समाज से माफी मांगनी होगी।

बिजनौर से बसपा के सांसद मलूक नागर ने जरूर सचिन पायलट के समर्थन में अपनी बात कहते हुए कांग्रेस की घेराबंदी की है। हालांकि दूसरी तरफ भाजपा के भी कई नेताओं ने सचिन का समर्थन किया है। लेकिन इस दौरान 2018 जैसी स्थिति नहीं दिख रही है। 2018 में जब राजस्थान में कांग्रेस ने सचिन पायलट की बजाए अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाया था तो पूरे उत्तर भारत में गुर्जर समाज में भारी आक्रोश दिखाई दिया था । तब रोड तक जाम कर दिए गए थे  उत्तर प्रदेश के साथ ही दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में गुर्जर समाज के लोग सचिन के समर्थन में सड़कों पर उतर गए थे।

लेकिन इस बार ऐसा बहुत कम देखने को मिल रहा है। हालांकि इसके पीछे कोरोना काल में लॉकडाउन को कारण माना गया है। फिलहाल कोरोना महामारी के चलते लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में 26 जुलाई को गुरुगांव के रिठौज गांव में 3 राज्यों के लोगों की पंचायत को स्वीकृति मिलती है या नहीं, यह देखना होगा। अगर स्वीकृति मिलती है तो उसमें कितने लोगों की उपस्थिति हो सकती है यह हरियाणा सरकार की परमिशन के बाद तय किया जाएगा। फिलहाल इस पंचायत को लेकर गुर्जर नेताओं ने लोगों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।

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