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गुजरात: हॉर्स ट्रेडिंग के डर से कांग्रेस ने अपने 68 विधायकों को किया जयपुर शिफ्ट

गुजरात: हॉर्स ट्रेडिंग के डर से कांग्रेस ने अपने 68 विधायकों को किया जयपुर शिफ्ट

राज्यसभा चुनाव को देखते हुए गुजरात में भी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने हॉर्स ट्रेडिंग के डर से अपने 68 विधायकों को जयपुर शिफ्ट कर दिया है। सोमवार देर शाम को गुजरात कांग्रेस के प्रवक्ता ने बताया कि विधायक जीतू चौधरी समेत कांग्रेस के 68 विधायक को जयपुर में रखा गया है। गुजरात विधानसभा में 182 सदस्य आते हैं। भाजपा के अभी 103 वहीं कांग्रेस के पास 73 विधायक हैं। राज्यसभा उम्मीदवार को चुनाव जीतने के लिए 37 वोटों की जरूरत होगी। दोनों ही दलों के पास दो सीटें जीतने के लिए पर्याप्त ताकत है।

कांग्रेस ऐसा लगता है कि निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी उनके पक्ष में वोट कर सकते हैं। गुजारात में कुल चार राज्यसभा की सीटों में अभी भाजपा के पास 3 और कांग्रेस के पास 1 सीट हैं। माना जा रहा है कि ब्यूना विस्ता रिजॉर्ट राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए लक्की है। महाराष्ट्र सरकार के गठन के समय ब्यूना विस्ता रिजॉर्ट में ही कांग्रेस-राकांपा-शिवसेना विधायकों रखा गया था। हालांकि, इस बार कांग्रेस के लिए ये रिजॉर्ट शुभ सावित होगा या नहीं कोई नहीं जानता।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में पिछले दो हफ्ते से राजनीतिक उठापटक चल रही है। हर दिन कोई न कोई घटनाक्रम सामने आ रहा है। आज सुप्रीम कोर्ट में भाजपा की याचिका पर सुनवाई होनी थी पर उसे कल तक के लिए टाल दिया गया। इसी बीच ये अटकलें भी तेज हो गई हैं कि फ्लोर टेस्ट नहीं मध्यप्रदेश में मध्यावधि चुनाव होंगे।

इसके के कुछ मुख्य कारण भी हैं। मान लीजिए कि मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार बनने वाली है या फिर राज्यपाल कांग्रेस सरकार को बर्खास्त कर देते हैं तो फिर कांग्रेस के सारे विधायक सामूहिक रुप से इस्तीफा दे देंगे। उसके बाद मध्यावधि चुनाव की स्थिति बन जाएगी। वैसे बुधवार को भोपाल में कैबिनेट मीटिंग हुई जिसमें मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वे सभी फैसले लिए जो मध्यावधि चुनाव से पहले लिए जाना जरूरी थे। जैसे मध्य प्रदेश में 3 नए जिलों (मैहर, नागदा और चाचौड़ा) की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री कमलनाथ की कोशिश रहेगी कि आने वाले तीन दिनों में ज्यादा-से-ज्यादा ऐसे फैसले लिए जाएं जो वचन पत्र को पूरा करते हो।

कमलनाथ की ओर से अपने पार्टी नेताओं को संतुष्ट करने के लिए हर जतन किया जा रहा है। कई तरह की नियुक्तियां पहले ही की जा चुकी हैं। एक दर्जन से अधिक भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को बदला गया है। इसके अलावा राज्य प्रशासनिक सेवा और मध्य प्रदेश पुलिस सेवा की 100 से ज्यादा अधिकारियों के ट्रांसफर किया जा चुका है। इसको लेकर भाजपा को ओर से पहले ही कहा जाता रहा है कि ये तबादला उद्योग है। इससे भी स्पष्ट हो रहा है कि कांग्रेस मध्यावधि चुनावी तैयारी कर रही है।

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