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किसानों के समर्थन में बिहार में महागठबंधन हुआ एकजुट

पिछले साल मानसून सत्र में केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए नए कृषि कानूनों को लेकर देशभर के किसान दो महीने से आंदोलित हैं।ये तीनों कानून सरकार के लिए गले ही हड्डी बने हुए हैं। ऐसे में  29 जनवरी से  संसद का बजट सत्र शुरू गया  है।जो दो चरणों में होगा। कोरोना संक्रमण के कारण संसद की कई परंपराओं को दरकिनार करते हुए नए प्रोटोकोल के हिसाब से संसद का बजट सत्र चलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल एक फरवरी को बजट पेश करेंगी ,लेकिन उससे पहले सरकार को घेरने के लिए विपक्ष जो  रणनीति बना रहा है उससे माना जा रहा है कि  इस बार बजट सत्र काफी हंगामेदार होने वाला है। इसको लेकर आंदोलित किसानों के समर्थन में बिहार में महागठबंधन ने एकजुटता दिखाते हुए कल 30 जनवरी को बिहार में मानव सीरीज बनाई। पटना में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव  के अलावा कांग्रेस, भाकपा माले, सीपीआई और सीपीएम सहित कई संगठनों के नेता-कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए।

महागठबंधन की ओर से राज्य के सभी 534 प्रखंडों और उनसे जुड़े राष्ट्रीय और स्टेट हाइवे किनारे मानव शृंखला बनाए जाने की बात कही गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि तीनों काले कानूनों की वापसी तक संघर्ष जारी रहेगा। इस मानव शृंखला के जरिए सभी विपक्षी दलों ने एकजुटता प्रदर्शित की है । बुद्ध स्मृति पार्क के समक्ष बनाई गई मानव शृंखला में तेजस्वी यादव समेत तमाम दिग्गज  उतरे। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भी विपक्षी दलों के कार्यकर्ता और नेताओं ने मानव शृंखला बनाकर कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों का समर्थन किया।

राजधानी पटना में जंक्शन के निकट स्थित बुद्ध स्मृति पार्क के समक्ष बनाई गई मानव शृंखला में तेजस्वी यादव, राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक, सांसद मनोज झा, कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा, माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, राज्य सचिव कुणाल, धीरेन्द्र झा, सीपीआईएम के अवधेश कुमार, सीपीआई के रामबाबू कुमार के साथ-साथ अखिल भारतीय किसान महासभा, ऐक्टू, खेग्रामस, आइसा, आरवाईए आदि संगठनों के भी कार्यकर्ता शामिल हुए।

डाक बंगला, आयकर गोलंबर सहित अन्य जगह बनी मानव शृंखला में विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, राजद प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. तनवीर हसन, अशोक कुमार सिंह, विधायक डॉ. रामानंद यादव, पूर्व विधायक रवीन्द्र सिंह, मदन शर्मा, देवमुनी यादव, निराला यादव, भाई अरुण कुमार, डॉ. प्रेम कुमार गुप्ता, महताब आलम, आजाद गांधी, धर्मेन्द्र पटेल, निर्भय अंबेदकर, प्रमोद राम, संजय यादव, नरेन्द्र यादव, प्रो. कुमार चन्द्रदीप, डॉ. उर्मिला ठाकुर, मंजू दास, उर्मिला पाल, चन्देश्वर प्रसाद सिंह, प्रमोद कुमार सिन्हा, सरदार रंजीत सिंह, अरुण कुमार यादव आदि शामिल रहे।

प्रदेशभर में मानव शृंखला बना दिखाई एकजुटता

सारण में राजद, कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम व माले के नेतृत्व में मानव शृंखला बनाई गई। वहीं गोपालगंज जिला मुख्यालय में गरखा के विधायक सुरेंद्र राम, हथुआ विधायक राजेश सिंह कुशवाहा जबकि बैकुंठपुर में विधायक प्रेम शंकर यादव ने मानव शृंखला का नेतृत्व किया। जहानाबाद, अरवल, मखदुमपुर, टेहटा, कुर्था, करपी, कलेर, घोसी, काको समेत अन्य प्रखंडों के बाजारों में विधायक सुदय यादव, सतीश दास, माले विधायक महानंद, विधायक रामबली यादव के नेतृत्व में मानव शृंखला बनी। औरंगाबाद में बनी मानव शृंखला में मनेर विधायक भाई वीरेंद्र, कैमूर के भभुआ, मोहनिया एवं रामगढ़ में राजद विधायक, महागठबंधन के सभी घटक दलों के नेता शामिल हुए। बक्सर में विधायक संजय कुमार तिवारी और विश्वनाथ, ब्रह्मपुर में राजद विधायक शंभुनाथ यादव व डुमरांव में विधायक अजीत कुमार के नेतृत्व में मानव शृंखला बनाई गई।

एनएच-31 व एनएच-28 पर शृंखला बनाई गई

बेगूसराय में एनएच-31 व एनएच-28 पर शृंखला बनाई गई। सीवान में सीवान सदर, रघुनाथपुर व बड़हरिया विधायक, वहीं महाराजगंज में कांग्रेस विधायक व गुठनी में माले विधायक ने मानव शृंखला में हिस्सा लिए। नवादा विधायक विभा देवी, गोविंदपुर के विधायक मो. कामरान, रजौली के विधायक प्रकाशवीर और हिसुआ की विधायक नीतू देवी सहित अन्य मानव शृंखला में शामिल हुए। भोजपुर में भी विभिन्न संगठन इसका हिस्सा बने।

माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि किसान आंदोलन  देश में नई ऊंचाई ग्रहण कर रहा है। बिहार में एमएसपी को कानूनी दर्जा देने और कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) अधिनियम पुनर्बहाल करने की मांग भी पुरजोर तरीके से उठ रही है। उन्होंने मानव शृंखला में शामिल होने को लेकर बिहारवासियों को धन्यवाद दिया।

माकपा ने केंद्र व राज्य की नीतियों को जनविरोधी बताया

माकपा ने कृषि बिलों के विरोध में मानव श्रृंखला का निर्माण किया और केंद्र व राज्य  सरकार की  नीतियों को जनविरोधी बताया। शनिवार को जारी विज्ञप्ति में माकपा ने मानव श्रृंखला निर्माण कार्यक्रम को सफल बताया और कहा कि पटना समेत राज्य के सभी जिलों में सुदुर गाँवों तक मानव श्रृंखला में किसान, मजदूर, छात्र, युवा, महिला एवं कर्मचारी की भागीदारी हुई। राज्य सचिव अवधेश कुमार, राज्य सचिवमंडल सदस्य गणेश शंकर सिंह, पटना जिला सचिव मनोज कुमार चन्द्रवंशी, विश्वनाथ सिंह, मंजुल दास, बी॰ प्रसाद, जे॰पी॰ दीक्षित, कुशवाहा नन्दन, देवाशीष, दीपक भट्टाचार्या, शंकर साह, महिला नेत्री सरिता पाण्डेय, एवं छात्र नेता कुमार निषांत, प्रवीण कुमार समेत कई कार्यकर्ता मानव श्रृंखला में शामिल हुए।

कृषि बिल को वापस लेने की मांग

कांग्रेस नेताओं विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्र व डॉ. समीर कुमार सिंह व कार्यकारी अध्यक्ष श्याम सुंदर सिंह धीरज के नेतृत्व में शनिवार को 12 बजे से 1 बजे तक कार्यकर्ताओं ने पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम के सामने मुख्य सड़क पर मानव शृंखला बनाया और कृषि बिल वापस लेने की मांग की। कृषि कानून के खिलाफ नारे लगाए। सभी के हाथ में तख्तियां एवं कांग्रेस पार्टी का झंडा था। मानव शृंखला में विधायक इजहारूल हुसैन, एचके वर्मा, प्रवक्ता राजेश राठौड़, पूर्व मंत्री डॉ.ज्योति, पूर्व विधायक प्रमोद कुमार सिंह, पूर्व विधान पार्षद लाल बाबू लाल, किसान कांग्रेस के अध्यक्ष अजय सिंह, उपाध्यक्ष रेणु सिंह, कपिलदेव सिंह यादव, आनन्द माधव, शकीलुर रहमान, डॉ. आशुतोष शर्मा, शशि रंजन, अनोखी देवी, सुनील कुमार सिंह, जगन्नाथ पाठक, राजेन्द्र चौधरी, प्रतिभा सिंह, जीतेन्द्र पासवान, रामाश्रय शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल हुए।

भाकपा ने कृषि कानून वापस लो, नहीं तो सात रेसकोर्स खाली करो का दिया नारा 

भाकपा ने तीन कृषि कानूनों के विरोध में मानव श्रृंखला का निर्माण बुद्ध स्मृति पार्क से आयकर गोलंबर तक किया और कृषि कानून वापस लो,  नहीं तो सात रेसकोर्स खाली करो का नारा दिया। राज्य सचिव रामबाबू कुमार व महागठबंधन के नेताओं ने इस मौके पर केंद्र के किसान विरोधी नीतियों की आलोचना की। भाकपा नेताओं ने कहा कि आगे भी महागठबंधन की ओर से बड़े आंदोलन किए जाएंगे और तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने, बिहार में कृषि उत्पादन बाजार समितियों को पुर्नजीवित करने की मांग की जाएगी। इस बात की जानकारी पार्टी के कार्यालय सचिव इंदूभूषण ने शनिवार को विज्ञप्ति जारी कर दी।

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