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सरकार के रिकॉर्ड में नहीं हैं राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और तीनों सेना प्रमुखों के नागरिकता के सबूत

सरकार के रिकॉर्ड में नहीं हैं राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और तीनों सेना प्रमुखों के नागरिकता के सबूत

देशभर में एनआरसी और सीएए को लेकर प्रोटेस्ट चल रहा है। दिल्ली में इन सब कारणों से दंगे भी हुए। लेकिन सरकार अभी एनआरसी कानून को लाने के लिए डटी हुई है। ऐसे में एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सरकारी रिकॉर्ड में कोई ऐसी दस्तावेज नहीं जिससे वो खुद की नागरिकता साबित कर सकें। इसके अलावा केन्द्रीय मंत्रियों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, सीडीएस व तीनों सेना प्रमुखों के भी दस्तावेद सरकार के पास नहीं है जिससे नागरिकता का सबूत माना जाए। इस पर सरकार ने रिकॉर्ड में दस्तावेज उपलब्ध न होने की हैरान करने वाली जानकारी दी है। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारत में जन्म को ही सरकार ने उनका नागरिकता सबूत बताया है।

सरकार के रिकॉर्ड में नहीं हैं राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और तीनों सेना प्रमुखों के नागरिकता के सबूत

प्रधानमंत्री कार्यालय से 20 जनवरी, 2020 को आरटीआई डाल कर जानकारी मांगी गई थी। ये आरटीआई पानीपत के सूचनाधिकार कार्यकर्ता पीपी कपूर ने डाली थी। जिसके तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रपति, केन्द्रीय मंत्रियों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और तीनों सेना प्रमुखों के नाम के साथ नागरिकता प्रमाण पत्र मांगे थे। जिसका जवाब 3 मार्च को प्रधानमंत्री कार्यालय के केन्द्रीय जनसूचना अधिकारी प्रवीन कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नागरिकता अधिनियम, 1855 के अनुभाग-3 के तहत जन्म से ही भारतीय हैं। जबकि राष्ट्रपति, सभी केन्द्रीय मंत्रियों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के नाम व नागरिकता सबूत उनके रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं हैं।

सरकार के रिकॉर्ड में नहीं हैं राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और तीनों सेना प्रमुखों के नागरिकता के सबूत

RTI में मांगी गई थी ये सूचना

1. भारत के माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके सभी मंत्री मंडलीय सहयोगियों/मंत्रियों के भारतीय नागरिक होने संबंधी सबूतों की सत्यापित छाया प्रति व नामों की सूचना।

2. भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और तीनों रक्षा सेवाओं के प्रमुख के नामों की सूचना व इनके नागरिकता प्रमाणपत्रों की सत्यापति छाया प्रति।

सरकार के रिकॉर्ड में नहीं हैं राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और तीनों सेना प्रमुखों के नागरिकता के सबूत

पीपी कपूर का कहना है कि जिस आधार पर पीएम मोदी को भारतीय नागरिक बताया जा रहा है, उससे तो भारत में जन्मा हर व्यक्ति भारतीय नागरिक हुआ। वहीं आश्चर्य है कि जब कानून बनाने वाले केन्द्रीय मंत्रियों, राष्ट्रपति, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तक के नागरिकता सबूत सरकार के पास नहीं हैं, तो देश की 135 करोड़ जनता को एनआरसी, सीएए, एनपीआर के नाम पर क्यों आतंकित किया जा रहा है।

वो आगे कहते हैं कि शिक्षा, रोजगार, आर्थिक मंदी, किसानों-मजदूरों की बढ़ती आत्महत्याएं, कालाधन, मजदूरों की बदहाली जैसे सवालों से ध्यान हटाकर देश को नागरिकता जैसे बेमतलब के मुद्दे पर उलझाया जा रहा है।

यह बात तो हैरत करने वाली है कि प्रधानमंत्री कार्यालय में केन्द्रीय मंत्रियों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ व तीनों सेना प्रमुखों के नामों की जानकारी नहीं है।

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