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कोरोना से निपटने के लिए जनता से वसूली की तैयारी में सरकार, पेट्रोल 18 डीजल 12 रुपये होगा महंगा

कोरोना से निपटने के लिए जनता से वसूली की तैयारी में सरकार, पेट्रोल 18 डीजल 12 रुपये होगा महंगा

दुनिया के जाने-माने अर्थशास्त्री अरविंद पनगढ़िया ने कोरोना वायरस के कारण आए आर्थिक संकट से निबटने के लिए भारत सरकार को एक अहम सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि भारत को दुनियाभर में कच्चे तेल की कम हुई कीमतों का फायदा उठाना चाहिए और इससे जुटाए गए फंड को कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने ये भी सलाह दी है कि तेल से हुए फायदे को आम लोगों तक सीधा कैश ट्रांसफर कर मदद करनी चाहिए।

अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने कहा, “कोरोना वायरस संकट आकस्मिक रूप से ऐसे समय आया है, जब दुनियाभर में तेल के दाम लगातार गिर रहे हैं। 1 मार्च से अब तक तेल के दामों में करीब 30% की कमी आई है। जिस तरह भारत बड़े स्तर पर कच्चे तेल का आयात करता है, उस लिहाज से जब-जब तेल के दाम 10 डॉलर प्रति बैरल नीचे गिरे, तब भारत ने 15 अरब डॉलर (करीब 1.13 लाख करोड़ रुपए) बचाए। जब तेल के दाम 65 डॉलर प्रति बैरल से गिर कर 30 डॉलर प्रति बैरल पहुंचे, तो भारत को करीब 50 अरब डॉलर (3.80 लाख करोड़ रुपए) का फायदा हुआ। अगर इसके आधे को भी ज्यादा एक्साइज टैक्स के साथ राजस्व में बदल दें तो सरकार के पास अतिरिक्त खर्च के लिए भी राजस्व निकल आएगा। ऐसे में भारत को वित्तीय घाटा लक्ष्य 3.5% के आसपास बना रहेगा।”

दूसरी तरफ खबर आ रही है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण कोरोना आर्थिक संकट को लेकर कोई बड़ा एलान कर सकती हैं। बताया जा रहा है कि निर्मला सीतारमण वित्त विधेयक पर चर्चा के दौरान कुछ जरूरी घोषणाएं कर सकती हैं। प्रवासी भारतीयों से टैक्स की सीमा को 15 लाख रुपये तक किया जा सकता है, जो कहीं और टैक्स न दे रहे हों। इसके अलावा कोरोना संकट से निपटने के लिए सरकार जनता से बड़ी वसूली की तैयारी में है।

इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सरकार पेट्रोल पर 18 रुपये और डीजल पर 12 रुपये एक्साइज ड्यूटी बढ़ा सकती है। माना जा रहा है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल किमतों में आई गिरावट का फायदा उठाना चाहती है और एक्साइज ड्यूटी बढ़ा उससे आया पैसा कोरोना वायरस संकट से निपटने में खर्च करना चाहती है।

एक अनुमान के मुताबिक, सरकार पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर अगर एक रुपया भी एक्साइज ड्यूटी बढ़ाती है तो उससे सालाना 13,000 करोड़ रुपये का फायदा होता है। ऐसे में अगर पेट्रोल पर 18 रुपये और डीजल पर 12 रुपये एक्साइज ड्यूटी बढ़ती है तो उससे एक भारी रकम सरकार के खजाने में आएगा। हालांकि, मांग में कमी के चलते फिलहाल सरकार की कमाई में कुछ कमी देखने को मिल सकती है। गौरतलब है कि सरकार ने इसी महीने 14 मार्च को पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में 2 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था।

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